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‘अग्निपथ’ होगा नए नेवी चीफ का कार्यकाल, वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के नाम का ऐलान

नौसेना में ‘अग्निपथ’ योजना को बेहद सुचारु रुप से लागू करने वाले वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को सरकार ने नया नेवी चीफ बनाने का ऐलान किया है. फिलहाल वाइस चीफ के पद पर तैनात (वाइस) एडमिरल त्रिपाठी मौजूदा चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल आर हरि कुमार की जगह लेंगे जो 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं. 

नौसेना में कम्युनिकेशन एंड इलेक्ट्रोनिक वारफेयर स्पेशलिस्ट माने जाने वाले वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने वर्ष 1985 में नेवी की एग्ज्यूकेटिव (कार्यकारी) शाखा में शामिल हुए थे. वाइस चीफ ऑफ स्टाफ (सह-नौसेना प्रमुख) बनने से पहले वे मुंबई स्थित पश्चिमी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं. उनके पास करीब 39 सालों की प्रतिष्ठित सेवा का अनुभव है. 

रक्षा मंत्रालय द्वारा नए नौसेना प्रमुख की घोषणा के दौरान बयान जारी कर बताया गया कि वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने भारतीय नौसेना के विनाश, किर्च और त्रिशूल जैसे युद्धपोतों की कमान संभाली है. उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण परिचालन और स्टाफ नियुक्तियों को भी संभाला है जिसमें पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशन ऑफिसर, नौसेना संचालन निदेशक, प्रधान निदेशक नेटवर्क सेंट्रिक ऑपरेशंस और नई दिल्ली में प्रिंसिपल डायरेक्टर नेवल प्लान शामिल हैं.

रियर एडमिरल के रूप में, उन्होंने (वाइस एडमिरल त्रिपाठी) नौसेना स्टाफ (नीति और योजना) के सहायक प्रमुख और पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया है. वाइस एडमिरल के पद पर, उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट, नौसेना संचालन महानिदेशक और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान के रूप में कार्य किया है. 

वाइस एडमिरल त्रिपाठी सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने राजधानी दिल्ली में चीफ ऑफ पर्सनल (कार्मिक प्रमुख) के तौर पर सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ स्कीम’ को बेहद ही सरल और सहज तरीके से लागू करने में अहम भूमिका निभाई. उस दौरान (जून 2021) में जब अग्निवीर (अग्निपथ) योजना लागू की गई थी तब पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं सामने आई थीं. ऐसे में वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने अग्निपथ स्कीम से जुड़ी सभी भ्रांतियों और दुष्प्रचार को काउंटर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. 

वाइस एडमिरल त्रिपाठी ऐसे समय में नेवी चीफ बने हैं जब नौसेना के सामने अरब सागर में सोमालियाई लुटेरों से निपटने की चुनौती है तो लाल सागर में हूती विद्रोहियों के ड्रोन अटैक की. हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और साउथ चायना सी में चीन की पड़ोसी देशों से बढ़ती अदावत है. 

सैनिक स्कूल, रीवा और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र, वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल हायर कमांड कोर्स, करंजा और यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज, यूएसए के नेवल कमांड कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

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