भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से तबाही मच गई है. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहे चक्रवात के बीच भारत ने पड़ोसी प्रथम नीति के तहत श्रीलंका को तत्काल प्रभाव से मदद का हाथ बढ़ा दिया है.
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु लॉन्च करते हुए एनडीआरएफ की टीमों को कोलंबो रवाना कर दिया है. एनडीआरएफ ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित इलाकों में राहत बचाव भी शुरु कर दिया है. वहीं भारतीय वायुसेना के सी 130 जे विमानों के जरिए 15 टन से ज्यादा राहत बचाव सामग्री सौंपी है.
श्रीलंका में आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि के जरिए भेजी गई राहत सामग्री
चक्रवात दित्वा, श्रीलंका के लिए बड़ा नुकसान लाया है. अबतक 70 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं, जबकि कई लोग अलग-अलग इलाकों से लापता हैं. कई मुख्य पुल मोरगहकंडा मेन ब्रिज, एलाहेरा ब्रिज और कुमारा एला ब्रिज बह चुके हैं. एयरपोर्ट ठप है, तो कई इमारतें और लोगों के घर टूट गए हैं.
पहली खेप की राहत सामग्री आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि के जरिए भेजी गई, जिसे बाद में श्रीलंका को सौंप दिया गया. दरअसल आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के तहत श्रीलंका में ही मौजूद थे. ये पहली बार है, जब किसी विदेशी धरती पर आईएनएस विक्रांत पहुंचा है. आईएनएस विक्रांत पर डेढ़ हजार सैनिक तैनात रहते हैं, और कई दिनों तक समंदर में रहने के लिए दवाइयां और खाद्य सामग्रियां मौजूद रहती हैं.
वहीं भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान और आईएल 76 ने कोलंबो पहुंचकर 15 टन से अधिक राहत सामग्री सौंपी है. इसमें टेंट, तारपोलीन शीट्स, कंबल, हाईजीन किट, पानी शुद्ध करने की गोलियां, सोलर लैंप और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं. यह मदद श्रीलंका के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र को सौंपी गई है, जो प्रभावित इलाकों में इसका वितरण करेगा.
एनडीआरएफ की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटीं
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में 80 बचावकर्मियों और 4 खोजी कुत्ते समेत एनडीआरएफ की दो टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरु कर दिया है.
एनडीआरएफ की टीमों ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में सहायता देने का काम संभाल लिया है. इन टीमों के पास नावें, हाइड्रोलिक कटिंग और ब्रीचिंग उपकरण, संचार उपकरण, चिकित्सा प्राथमिक चिकित्सा किट और अन्य आवश्यक बचाव सामग्री मौजूद है.
एनडीआरएफ की ये टीमें 8वीं बटालियन के कमांडेंट पीके तिवारी के नेतृत्व में कोलंबो पहुंची हैं.
भारत ने अफगानिस्तान को भेजी मदद, अफगानी लोगों ने भारत की तारीफ की
भारत ने अफगानिस्तान के लिए 73 टन राहत सामग्री भेजी है. इसमें जीवन रक्षक दवाएं, कोविड-19 वैक्सीन, एंटी-वायरल दवाएं, सर्जिकल उपकरण, अस्पतालों के लिए जरूरी दवाइयां और अन्य चिकित्सा सामग्री शामिल है. यह मदद विशेष रूप से काबुल और कंधार के अस्पतालों के लिए भेजी गई हैं.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सहायता अफगानिस्तान के लोगों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है. पिछले चार वर्षों में भारत ने अफगानिस्तान को 50,000 टन गेहूं, 400 टन से अधिक दवाएं और कई बार वैक्सीन की खेपें भेजी हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, अफगानी लोगों की भारत मदद करता रहेगा.
भारत की ओर से की गई इस मदद की अफगानी लोगों ने जमकर सराहना की है. सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि “भारत ने एक बार फिर से दिल जीत लिया” तो वहीं कुछ लोगों ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा है कि “जहां पाकिस्तान ड्रोन और हथियार से हमला करता है, वहीं भारत ने हमें खाना और दवाईयां भेजकर मदद का हाथ बढ़ाया है.”

