Breaking News Weapons

दुश्मन के खेमे में मचाएगी प्रलय, डीआरडीओ की Quasi-बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण

डीआरडीओ ने नए साल का आगाज, क्वासी-बैलिस्टिक क्रूज मिसाइल ‘प्रलय’ के डबल परीक्षण से किया है. बुधवार को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से एक लॉन्चर से एक के बाद एक, 02 प्रलय मिसाइल को दागा.

महज 60 सेकेंड में दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की क्षमता रखने वाली स्वदेशी प्रलय मिसाइल को डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित इमारत रिसर्च सेंटर ने तैयार किया है. बुधवार को थलसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में डीआरडीओ ने इस बेहद खास टेक्टिकल मिसाइल का टेस्ट किया.

150-500 किलोमीटर है प्रलय की रेंज

प्रलय, एक टेक्टिकल मिसाइल है जिसकी रेंज 150-500 किलोमीटर है और दुश्मन के सीमावर्ती कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रडार प्रणाली, छावनियों और एयरफील्ड को तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति के चलते, प्रलय मिसाइल का टेस्ट बेहद अहम है. क्योंकि ये मिसाइल, पारंपरिक और बैलिस्टिक मिसाइल के गैप को भरने में मदद करेगी.

खास बात है कि प्रलय मिसाइल एक बार में कई वॉरहेड ले जाने में सक्षम है ताकि अलग-अलग टारगेट को निशाना बनाया जा सके.

गणतंत्र दिवस-2025 की परेड में पहली बार दिखी थी प्रलय मिसाइल

इस साल (2025 में) गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर डीआरडीओ ने प्रलय मिसाइल का पहली बार प्रदर्शन किया था. मिसाइल को अशोक लीलैंड ट्रक से लॉन्च किया जा सकता है. ऐसे में मिसाइल को एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता है.

प्रलय अब देश की ब्रह्मोस और निर्भय मिसाइल की श्रेणी में रॉकेट फोर्स का हिस्सा बनने जा रही है. क्योंकि कुछ महीने पहले, रक्षा मंत्रालय ने थलसेना के लिए 250 प्रलय मिसाइलों खरीदनो की हरी झंडी दी थी. साथ ही वायुसेना के लिए 120 मिसाइल का ऑर्डर दिया गया है. डीआरडीओ की इस मिसाइल का उत्पादन सरकारी उपक्रम, भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) कर रही हैं.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0