विदेश नीति में भारत की बढ़ती साख देखते हुए लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा ने लगाई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार. भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन अगुइलेरा ने अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच कहा है कि भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति को ये संदेश देना चाहिए कि सैन्य आक्रामकता किसी समस्या का हल नहीं है.
वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया, क्यूबा को फेल्ड देश बताते हुए एक्शन की बात कही थी. वहीं क्यूबा के राजदूत ने बताया कि ट्रंप क्यूबा को अलग-थलग करने में जुटे हैं और हर हफ्ते क्यूबा के खिलाफ कुछ न कुछ ऐलान किया जा रहा है.
इस बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार यूरोपीय देशों से मजबूत संबंध बना रहे हैं. लग्जमबर्ग के बाद जयशंकर ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में वीमर की पहली बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में पोलैंड फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्री शामिल हुए. भारत यूरोपीय संघ संबंध इंडो पैसिफिक और यूक्रेन संकट पर चर्चा हुई.
यूरोप के साथ रिश्ता सिर्फ ब्रसेल्स तक सीमित नहीं: एस जयशंकर
एस जयशंकर ने वीमर के पहले प्रारूप की बैठक में हिस्सा लिया है. इस बैठक में पोलैंड की ओर से उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट और जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल मौजूद थे. इस बैठक में तीन अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें पहला भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते. दूसरा इंडो पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और तीसरा यूक्रेन से जुड़ा संघर्ष का मुद्दा.
बैठक के बाद विदेश मंत्री ने कहा, “यह नया फॉर्मेट भारत और यूरोप के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेगा. भारत का यूरोप के साथ रिश्ता सिर्फ ब्रसेल्स तक सीमित नहीं है बल्कि यूरोपीय संघ के अलग अलग देशों के साथ भी लगातार आगे बढ़ रहा है.”
दुनिया बदलावों से जूझ रही, यूरोप में भी संकट का दौर: एस जयशंकर
पेरिस में आयोजित की गई वीमर बैठक में विदेश मंत्री ने खुलकर भारत की बात रखी. जयशंकर ने बताया, “चर्चा भारत यूरोपीय संघ के संबंधों इंडो पैसिफिक और यूक्रेन के हालात पर केंद्रित रही.”
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि “दुनिया इस समय बड़े बदलावों से गुजर रही है. इंडो पैसिफिक क्षेत्र में कई वर्षों से उथल पुथल चल रही है. वहीं यूरोप भी कई मुश्किल हालात का सामना कर रहा है जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. इसके अलावा कुछ ऐसे वैश्विक बदलाव भी हो रहे हैं जो भविष्य की विश्व व्यवस्था को बदल सकते हैं. दुनिया में अनिश्चितता और अस्थिरता बढ़ रही है. इसी वजह से समान सोच वाले देशों के बीच सहयोग और भी जरूरी हो गया है.”
अमेरिका को रोके भारत, क्यूबा ने की मांग
भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस ने कहा है कि भारत को अमेरिका की मनमानी के खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए.
राजदूत ने कहा, “ट्रंप क्यूबा के खिलाफ नए आदेशों का ऐलान कर रहे हैं क्योंकि उनका मकसद क्यूबा को आर्थिक रूप से संकट में डालना, क्यूबा की अर्थव्यवस्था की किसी भी वित्तीय आय को रोकना है. वे क्यूबा को होने वाली सभी पुरानी आपूर्ति पर रोक लगा रहे हैं, न केवल वेनेजुएला से, बल्कि रूस से, और अन्य सभी देशों से भी. साथ ही, अमेरिकियों के क्यूबा जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.”
राजदूत ने कहा, “मुझे लगता है कि हर कोई अमेरिकी सरकार को यह संदेश भेजकर योगदान दे सकता है कि सैन्य आक्रामकता, किसी संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कभी भी आसान नहीं होगी और न ही यह हमारी लंबित समस्याओं को हल करने या समझने का कोई तरीका होगा, न तो वेनेजुएला के साथ, न ही क्यूबा के साथ.”
क्यूबा फेल राष्ट्र है, खुद ध्वस्त हो जाएगा: ट्रंप
ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद ग्रीनलैंड, कोलंबिया और क्यूबा को आंख दिखाई है. ट्रंप ने क्यूबा को फेल राष्ट्र बताते हुए कहा कि “क्यूबा को अब वेनेजुएला से तेल और आय नहीं मिल रही, इसलिए यह खुद ही गिर जाएगा और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ेगी.”

