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बेंगलुरु में टली बड़ी साजिश, बस स्टैंड पर मिला Detonator

क्या बेंगलुरु में एक बार फिर से रामेश्वरम कैफे की तरह धमाका करने की साजिश रची गई थी. क्या एक बार फिर से बेंगलुरु को दहलाने के लिए आतंकियों के स्लीपर सेल एक्टिव किए गए थे. गुजरात में 4 आतंकियों की गिरफ्तारी के दौरान ही सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी घटना बेंगलुरु में घटी.

बेंगलुरु स्थित बस स्टैंड के एक शौचालय के बाहर जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर मिले है. जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर अलग-अलग रखे गए थे. इन्हें प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखा गया था. संदिग्धों की तलाश की जा रही है.

बस स्टैंड के पास सार्वजनिक शौचालय के बाहर छिपाए गए विस्फोटक

बेंगलुरु के बहुत ही व्यस्त और भीड़भाड़ वाले कलसिपाल्या बीएमटीसी बस स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बस स्टैंड के शौचालय के पास संदिग्ध प्लास्टिक बैग मिले. किसी साजिश की आशंका के चलते फौरन पुलिस को बुलाया गया और बम डिस्पोसेबल स्क्वाड में मौके पर पहुंचा.

आशंका सही साबित हुई, क्योंकि मौेके पर डेटोनेटर छिपाया गया था. साथ ही बस स्टैंड के दूसरी जगह से जिलेटिन के छड़ें भी मिलीं. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं.

होने वाला है सीएम का कार्यक्रम, सफाई का जायजा लेने पहुंचे थे बीएमटीसी के अधिकारी

सार्वजनिक शौचालय के इंचार्ज ने मीडिया को बताया कि “आने वाले दिनों में सीएम के प्रोग्राम को लेकर सफाई का जायजा लेने के लिए महानगर परिवहन निगम के अधिकारियों की टीम उनसे बात कर रही थी. उसी समय बाहर टेबल पर एक व्यक्ति बैग रखकर टॉयलेट के अंदर चला गया. कुछ समय बीत जाने के बाद भी बैग लेने के लिए कोई नहीं आया तो बीएमटीसी गार्ड को सूचना दी गई और उन्होंने आकर देखा तो बैग में जिलेटिन स्टीक थीं, तुरंत पुलिस को इस संबंध में सूचना दी गई.”

क्या कोई बड़ी साजिश थी, पुलिस और जांच एजेंसियों ने शुरु की जांच

जांच एजेंसियां हर एंगल से इस मामले की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं था. मौके पर पहुंची पुलिस के अधिकारी ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि कड़ी सिक्योरिटी या फिर पुलिसवाले को देखकर कोई संदिग्ध सामान को टॉयलेट के बाहर छोड़कर भाग गया हो. आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं.

बेंगलुरु की जेल में तैयार हो रहे आतंकी, एनआईए ने किया था खुलासा

पिछले साल बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके के सिलसिले में एनआईए ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में छापा मारा था. साथ ही एनआईए ने बेंगलुरु के जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे खूंखार आतंकी टी नसीर के घर पर छापा मारा था. साल 2013 से ही टी नसीर जेल में बंद है. एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया था कि टी नसीर जेल में कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहा है, और युवाओं में आतंकवाद का जहर घोल रहा है. 

जेल में आतंकी बनाए जाने का खुलासा उस वक्त हुआ था जब जुलाई 2023 में पुलिस ने 5 लोगों से 4 वॉकी-टॉकी के साथ 7 पिस्तौल, 4 हैंड ग्रेनेड, एक मैगजीन और 45 लाइव राउंड सहित हथियार और गोला-बारूद जब्त किए थे. पूछताछ में पता चला कि साल 2017 में सारे आरोपी बेंगलुरु की जेल में थे. जेल में लश्कर आतंकी टी नसीर के संपर्क में आए थे. नसीर सभी को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करना चाहता था. नसीर ने सभी को अपने बैरक में शिफ्ट करवाया और फिर ब्रेनवॉश किया. 

पिछले साल एनआईए ने 8 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें नसीर और दो भगोड़े आतंकी जुनैद अहमद उर्फ जेडी और सलमान शामिल हैं. एनआईए के मुताबिक, जेडी और सलमान को सबसे पहले नसीर ने कट्टरपंथी बनाया और लश्कर में भर्ती किया. बाद में और आरोपियों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने की साजिश रची.

जुनैद उर्फ जेडी जेल से बाहर निकलने के बाद विदेश भाग गया और जेल के अंदर और बाहर लश्कर की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विदेश से धन भेजना शुरू कर दिया. सलमान को नवंबर 2024 में इंटरपोल की मदद से रवांडा में गिरफ्तार किया था और रवांडा से प्रत्यर्पण करके भारत लाया गया था. 

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