पोलैंड में होने वाले एयरशो की प्रैक्टिस के दौरान लड़ाकू विमान एफ 16 हादसे का शिकार हो गया. एफ 16 विमान ड्रिल के दौरान गिर गया, गिरते ही विमान में आग लग गई. हादसे का खौफनाक वीडियो कैमरे में कैद हुआ है. हादसे में पोलिश पायलट की मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद पोलैंड में होने वाले राडोम 2025 एयरशो को रद्द कर दिया गया है.
हादसे का शिकार हुआ अमेरिका का बना एफ 16 लड़ाकू विमान
पोलिश वायु सेना का एक एफ-16 लड़ाकू विमान मध्य पोलैंड के राडोम में एयरशो के लिए रिहर्सल कर रहा था. आसमान में कलाबाजियां करने के दौरान अचानक से जमीन की ओर गिरने लगा. आसपास के लोगों को लगा कि ये भी एफ 16 के पायलट की कलाबाजी का हिस्सा होगा. लोग उत्साह से अपने मोबाइल में एफ 16 की वीडियो बना रहे थे. इस दौरान विमान ऊंचाई से जमीन पर गिर गया और गिरते ही विमान में भीषण आग लग गई. जब तक लोग कुछ समझ पाते विमान के पायलट को भी इजेक्ट करने का मौका नहीं मिला. पोलिश सेना के पायलट की मौके पर मौत हो गई
नाटो की स्पेशल यूनिट के पायलट की मौत, श्रद्धांजलि देने पहुंचे उप प्रधानमंत्री
एफ 16 हादसे में पोलैंड ने अपने एक काबिल पायलट को खो दिया. बताया गया कि हादसे का शिकार पायलट नाटो की स्पेशल टाइगर डेमो यूनिट का हिस्सा था.
हादसे के फौरन बाद पोलैंड के उप प्रधानमंत्री व्लादिस्लाव हादसे वाली जगह पर पहुंचे. डिप्टी पीएम व्लादिस्लाव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “विमान दुर्घटना में पोलिश सेना के एक पायलट की मौत हुई है.एक ऐसा अधिकारी जिसने हमेशा समर्पण और अदम्य साहस के साथ अपने देश की सेवा की. मैं उनकी स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. यह वायु सेना और संपूर्ण पोलिश सेना के लिए बहुत बड़ी क्षति है.”
रूस के खतरे के चलते पोलैंड ने बढ़ाया है अपना डिफेंस बजट
पोलैंड साल 2003 से एफ 16 का इस्तेमाल कर रहा है. नाटो देश होने और यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने के कारण रूस, पोलैंड को अपना दुश्मन नंबर 1 मानता है. हाल ही में पोलैंड ने आशंका जताई थी कि अगर यूक्रेन से रूस जीत गया तो अगला टारगेट पोलैंड होगा. इस आशंका के बाद पोलैंड ने अपना डिफेंस बजट बढ़ा दिया है.
नाटो एयर डिफेंस का अहम हिस्सा है एफ 16
फाइटर जेट एफ 16 को फाइटिंग फाल्कन भी कहते है. यह एक अमेरिकी निर्मित सिंगल-इंजन, सुपरसोनिक, मल्टीरोल लड़ाकू विमान है. इसे जनरल डायनामिक्स (अब लॉकहीड मार्टिन) ने 1970 के दशक में बनाया था.
यह विमान हल्का, तेज और तकनीकी रूप से उन्नत माना जाता है. इसे 25 से अधिक देशों की वायु सेनाओं ने अपने बेड़े में शामिल किया है. अपनी तेज स्पीड के कारण ही ये लड़ाकू विमान बेहद घातक माना जाता है, एफ-16 की अधिकतम रफ्तार मैक 2 यानी करीब 2400 किमी/घंटा है.