रूस-यूक्रेन जंग में एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में भारतीय मूल के 04 नागरिकों की मौत हो गई है और एक घायल है. ये सभी इस जहाज के क्रू सदस्य थे. विदेश मंत्रालय ने घटना की निंदा करते हुए कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने पर रोक लगाने का आह्वान किया है.
जिस हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, वो यूक्रेन के ओडेशा की घटना है. जानकारी के मुताबिक, एमवी गोल्डन लियो नाम का जहाज ओडेशा पोर्ट से ब्लैक सी की तरफ जा रहा था. उसी दौरान, जहाज पर एक मिसाइल आकर गिरी. तबाह हुए जहाज की तस्वीरें भी सामने आई हैं. जहाज में पांच भारतीयों के अलावा 12 सीरियाई मूल का क्रू था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मामले पर भारत की पूरी नजर है और हताहत हुए क्रू के परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है.
ब्लैक सी बन गया है दूसरा होर्मुज, टीएफए ने किया था खुलासा
पिछले 20 दिनों से ब्लैक सी (सागर) और अजोव सागर भी होर्मुज स्ट्रेट की तरह रूस और यूक्रेन के बीच जंग का मैदान बने हुए हैं. ईरान से सीख लेते हुए यूक्रेन ने इस अवधि में रूस के 180 से ज्यादा कमर्शियल जहाज और ऑयल टैंकर्स को ड्रोन अटैक से निशाना बनाया है. ऐसे में गुस्साए रूस ने पलटवार करते हुए यूक्रेन के ओडेशा, चोरनोमोरस्क और दिनिप्रो-बुगस्की पोर्ट पर जबरदस्त हमले किए हैं.
टीएफए ने सबसे पहले इस बात का खुलासा किया था कि पिछले साढ़े चार साल से चल रही रूस-यूक्रेन जंग में अब समंदर में अलग मोर्चा खुल गया है. (https://thefinalassault.com/ukraine-target-136-russian-ships-in-azov-sea/?amp=1)
रूसी रक्षा मंत्रालय ने ओडेशा पोर्ट पर हमले की ली जिम्मेदारी
सोमवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर यूक्रेन के ओडेशा पोर्ट पर 02 कार्गो वेसल (जहाज) पर हमले की जिम्मेदारी ली. रूस का दावा है कि इन दोनों जहाज से यूक्रेन के लिए हथियारों को उतारा जा रहा था. रूस ने चेरनोमोर्सक पोर्ट पर भी बंदरगाह का इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह करने का दावा किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने पूरा दिन यूक्रेन के जहाजों पर हमला करने की जिम्मेदारी भी ली. इनमें तीन (03) कार्गो जहाज को पोर्ट से कुछ किलोमीटर दूर समंदर में ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया गया.
पिछले 20 दिनों में यूक्रेन ने रूस के 180 जहाज पर किए हमले
एक तरफ होमुज स्ट्रेट पर कब्जे को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री-जंग चल रही है, दूसरी तरफ पिछले चार सालों से चल रहे रूस-यूक्रेन जंग में भी अदावत समंदर तक पहुंच गई है. पिछले 20 दिनों में यूक्रेन ने अजोव सागर और ब्लैक सागर में रूस के 180 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाकर क्रेमलिन की नाक में दम कर दिया है. निशाना बनाए गए जहाजों में रूसी एफएसबी यानी बॉर्डर गार्ड्स के युद्धपोत भी शामिल है. यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक-एक दिन (और रात) में ब्लैक सी में रूस के करीब 20 जहाजों पर ड्रोन अटैक किए गए.
यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों में रूसी फेडरल सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी यानी एफएसबी (पूर्ववर्ती केजीबी)का एक जहाज इजुमरूद भी शामिल है. यूक्रेनी सेना ने बंदरगाह पर जले हुए हालात में खड़े हुए इस जहाज की सैटेलाइट तस्वीर भी जारी की थी.
जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन उन जहाज को ज्यादा निशाना बना रहे हैं, जो ब्लैक सागर से अजोव सागर में दाखिल होते हैं या वहां से निकलते हैं. रूस के दक्षिणी प्रांत रोस्तोव ऑन डॉन, क्रीमिया और डोनबास से घिरा है अजोव सागर. अजोव सागर को ब्लैक सागर से जोड़ता है कर्च स्ट्रेट. ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर यूक्रेन लगातार रूस के जहाजों को निशाना बना रहा है. ठीक वैसे, जैसे होर्मुज स्ट्रेट में ईरान, ऑयल टैंकर और दूसरे कॉमर्शियल जहाजों पर ड्रोन स्ट्राइक कर रहा है.
यूक्रेन के अजोव सागर में हमले का पलटवार किया रूस ने
अजोव सागर में यूक्रेन के हमलों से बौखलाए क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस) ने रूसी सेना को यूक्रेन के बंदरगाहों पर हमला करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में पिछले कुछ दिनों में रूस ने यूक्रेन के ओडेशा और चेरनोमोर्सक पोर्ट पर बड़े अटैक किए हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में यूक्रेन के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक ठिकानों को तबाह किया गया है.
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन के जिन टारेगट को निशाना बनाया गया है, उनमें फ्यूल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्टर और फ्यूल स्टोरेज टैंक. इन फ्यूल टैंक का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना करती है. इसके अलावा, यूक्रेन की ड्रोन बनाने वाले वर्कशॉप को भी तबाह किया जा रहा है.

