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भारत में जर्मन चांसलर, कौन-कौन सी डील हुई लॉक!

विश्व में बढ़े सैन्य संघर्ष के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुजरात के गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें ईरान, रूस-यू्क्रेन, ग्रीनलैंड समेत कई वैश्विक संघर्षों पर चर्चा के अलावा दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया.

पीएम मोदी और जर्मन चांसलर के बीच आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई गई. दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीक और शिक्षा क्षेत्र प्रमुख हैं.

आतंकवाद के खिलाफ जर्मनी का मिला साथ

जर्मन चांसलर ने, आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है.

जर्मन चांसलर ने व्यक्तिगत तौर पर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम नरसंहार और दिल्ली में लालकिले के पास हुई आतंकी वारदात की कड़े शब्दों में निंदा की है. फ्रेडरिक मर्ज ने आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र 1267 प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध लोग भी शामिल हैं. 

पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज ने अपनी द्विपक्षीय वार्ता में सभी देशों से अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों और बुनियादी ढांचे को खत्म करने के साथ-साथ आतंकवादी नेटवर्क और वित्तपोषण को बाधित करने की दिशा में काम जारी रखने का भी आह्वान किया.

भारत-जर्मनी के रिश्ते मानवता के लिए महत्वपूर्ण: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग न केवल दोनों राष्ट्रों के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है. हमने आर्थिक साझेदारी को ‘लिमिटलेस’ बनाने का फैसला किया है, जिसमें रक्षा, स्पेस और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं.”

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अहमदाबाद में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मेजबानी करना हमारे लिए खुशी की बात थी. उनकी यात्रा से भारत-जर्मनी संबंधों को नई गति मिली है, क्योंकि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल और राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे कर रहे हैं. भारत सम्मानित महसूस कर रहा है कि उन्होंने एशिया में अपनी पहली यात्रा के लिए हमारे देश को चुना. यह मजबूत भारत-जर्मनी संबंधों के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.”

जर्मनी से 06 सबमरीन खरीदने पर चर्चा

पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच अहमदाबाद में हुई वार्ता के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नौसेना के लिए छह (06) पनडुब्बियों के निर्माण पर सकारात्मक चर्चा चल रही है और पॉजिटिव आउटकम की उम्मीद है. 

विदेश सचिव के मुताबिक, इस तरह के सौदों में टेक्निकल, फाइनेंशियल और कमर्शियल चर्चा शामिल रहती हैं, जो फिलहाल चल रही हैं. ये चर्चा पूरी होने के बाद रक्षा मंत्रालय इस पर जानकारी साझा कर सकता है.

आपको बता दें कि नौसेना के प्रोजेक्ट 75 (आई) के तहत, भारत और जर्मनी, छह (06) स्टेल्थ पनडुब्बी बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (एमडीएल) और जर्मनी की थाइसेनक्रुप कंपनी (टीकेएमसी) के बीच सामरिक करार हो चुका है. इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत करीब 08 बिलियन डॉलर यानी 72 हजार करोड़ है. इन पनडुब्बियों को मेक इन इंडिया के तहत एमडीएल में निर्माण करने की तैयारी है.  

पीएम मोदी के साथ फ्रेडरिक मर्ज की जुगलबंदी, एक साथ उड़ाई पतंग

पहली बार भारत आए जर्मन चांसलर और पीएम मोदी के बीच अनोखी जुगलबंदी दिखी. फ्रेडरिक मर्ज ने पीएम मोदी के साथ गुजरात के साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लिया. इस रंग-बिरंगे और उत्सव में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने पतंग उड़ाई, जिसे देखकर मर्ज ने भी उनकी पतंग की डोर पकड़ी. 

इससे पहले पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का साबरमती आश्रम में स्वागत किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी द्वारा उपयोग किए गए चरखे को देखा और आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार लिखे.

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