होर्मुज स्ट्रेट ना खोले जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निकाली है फ्रांस-ब्रिटेन पर भड़ास. ट्रंप की धमकी का ईरान पर कुछ असर हो नहीं रहा, यूरोप से होर्मुज मार्ग खोले जाने पर मदद मिल नहीं रही, इसी से आहत ट्रंप ने कहा है कि अब फ्रांस-ब्रिटेन अपनी सुरक्षा खुद करें.
ट्रंप ने सहयोगी देशों से कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच अमेरिका पर निर्भर न रहें. खुद होर्मुज चले जाएं और तेल ले लें. ट्रंप ने ब्रिटेन और फ्रांस पर सीधे-सीधे वार करते हुए चेतावनी दी कि हमारे साथ नहीं आए तो अब फ्यूल की कमी से जूझो.
जिन्होंने अमेरिका का साथ नहीं दिया, वो खुद लड़ें: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोपीय देशों खासकर नाटो सहयोगियों से होर्मुज क्षेत्र की जंग में साथ देने की अपील की थी. लेकिन ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत यूरोपीय देशों ने संवाद के जरिए होर्मुज खोलने पर जोर दिया था और जंग में कूदने से किनारा कर लिया था. लेकिन होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण और कमर्शियल जहाजों के ना निकलने देने के कारण यूरोप में गैस-तेल की किल्लत हो रही है.
ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच एक बेहद तीखा बयान दिया है. कहा है कि “जिन देशों ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का साथ नहीं दिया वे अपनी लड़ाई अब खुद लड़ें. अमेरिका से कोई उम्मीद न रखें, क्योंकि अब हम भी उनका साथ नहीं देंगे. ट्रंप ने कहा कि होर्मुज के रास्ते तेल लेने के लिए उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. ईरान को हमने उनके बिना ही पूरी तरह से तबाह कर दिया है. जो मुश्किल काम था, वो हमने कर दिया है.”
अमेरिका से खरीदें तेल, या होर्मुज से जाकर सीधे ले लें तेल: ट्रंप
ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों से अमेरिका से तेल खरीदने को कहा है. खासतौर से ब्रिटेन का नाम लेकर ट्रंप ने कहा है कि, “वे सभी देश जिन्हें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की वजह से जेट फ़्यूल नहीं मिल पा रहा है, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान को खत्म करने की मुहिम में शामिल होने से मना कर दिया था, उनके लिए मेरे पास एक सुझाव है: पहला सुझाव है कि वो अमेरिका से तेल खरीदें, क्योंकि हमारे पास इसकी कोई कमी नहीं है. और दूसरा सुझाव ये है कि थोड़ी हिम्मत जुटाएं, होर्मुज स्ट्रेट तक जाएं, और बस उसे ले लें. अब आपको अपने लिए खुद लड़ना सीखना होगा.अमेरिका अब आपकी मदद के लिए वहां मौजूद नहीं रहेगा. ठीक वैसे ही, जैसे आप हमारे लिए मौजूद नहीं थे. अब जाएं और अपना तेल खुद हासिल करें!”
फ्रांस ने जो किया उसे हम याद रखेंगे: ट्रंप
ट्रंप ने फ्रांस के खिलाफ भी गुस्सा दिखाया है. ट्रंप ने फ्रांस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि फ्रांस ने इजरायल जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी. ट्रंप ने इसे बुरा रवैया बताया और कहा कि अमेरिका इसे याद रखेगा.
ट्रंप ने लिखा, “फ्रांस ने उन विमानों को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी जो इजरायल के लिए सैन्य सामग्री लेकर जा रहे थे. ‘ईरान के कसाई’ के खिलाफ कार्रवाई में फ्रांस बिल्कुल मददगार नहीं रहा, जिसे सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है.”
32वें दिन और आक्रामक हुई अमेरिका-ईरान की जंग
अमेरिका-इजरायल ने भले ही ईरान के सभी शीर्ष नेताओं और सैन्य अफसरों को मार दिया हो, लेकिन जिस तरह से ईरान अपने देश की संप्रभुता के लिए लड़ रहा है, उसकी पूरी दुनिया तारीफ कर रही है. ईरानी सेना के ड्रोन से खाड़ी देश घबराए हुए हैं, तो अब तक अमेरिका के 20 लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंच चुका है, जिसमें स्टील्थ फाइटर जेट एफ 35 भी शामिल है.
ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर अमेरिका ने ग्राउंड ऑपरेशन शुरु किया तो वो सबसे बड़ी भूल होगी. अमेरिकी सैनिक ताबूत में लौटेंगे. वहीं आशंका इस बात की है कि अगर अमेरिका ने ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरु किया तो ईरान भी खाड़ी देशों में ग्राउंड ऑपरेशन शुरु कर सकता है. इस युद्ध को जल्द से जल्द रोकने की मांग की जा रही है, वहीं खाड़ी देश भी अमेरिका से कई मुद्दों पर नाराजगी जता चुके हैं.

