क्या पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा, गाजा के हमास आतंकियों के साथ मिलकर रच रहा है बड़ी आतंकी साजिश. क्या हमास के आतंकियों का ठिकाना पाकिस्तान बन चुका है. क्या कतर और पाकिस्तान में खुलेआम लश्कर-हमास आतंकियों की होती है बैठक.
ये खबर भारत के साथ-साथ इजरायल के लिए भी चिंता का विषय है, कि जिस हमास के शीर्ष नेताओं को इजरायली डिफेंस फोर्स ने मार गिराया, उसी संगठन के बचे कुचे आतंकियों के लिए पाकिस्तान बन रहा है पनाहगार. वो पाकिस्तान जिसने गाजा में इजरायल की मदद के लिए अपनी सेना को भेजने की बात कही है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में बने गाजा पीस बोर्ड का सदस्य भी बन चुका है.
लश्कर कमांडर का कबूलनामा, हमास संग की बड़ी बैठक
लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर फैसल नदीम ने हमास के नेताओं के साथ कतर और पाकिस्तान में हुई मुलाकातों को स्वीकार किया है. एक वीडियो में नदीम ने कबूल किया कि वह 2024 में कतर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं से मिला था. फैसल नदीम के साथ खूंखार आतंकी सैफुल्लाह कसूरी भी मौजूद था, जिसे पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. दोनों ने हमास के नेता खालिद मशाल से मुलाकात की थी.
लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहे हमास आतंकी
इसी महीने की 7 तारीख एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें हमास कमांडर नाजी जहीर का लश्कर के आतंकी स्वागत करते दिखे थे. लश्कर और हमास आतंकी एक मंच पर बैठे थे. इससे पहले भी नाजी जहीर पिछले साल पहलगाम नरसंहार से पहले पीओके में देखा गया था. पीओके में लश्कर ने भारत विरोधी रैली का आयोजन किया था, जिसमें हमास के इस कमांडर ने खूब जहर उगला था.
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक हमास की ये कमांडर साल 2023 से अब तक तकरीबन 15 बार पाकिस्तान में देखा जा चुका है. ऐसे में आशंका है कि हमास का ये कमांडर लश्कर और जैश जैसे आतंकियों को ट्रेनिंग दे सकता है, ताकि 7 अक्टूबर 2023 जैसा इजरायल में हुआ हमला, भारत में भी किया जा सके.
पाकिस्तान की धरती लश्कर-हमास के लिए बनी पनाहगार
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मिडिल ईस्ट के आतंकियों और पाकिस्तानी आतंकियों का मेलमिलाप इस बात के पुख्ता सबूत हैं, कि पाकिस्तान की धरती अब सिर्फ लश्कर और जैश के लिए ही नहीं बल्कि हमास और आईएसआईएस के आतंकियों की भी पनाहगार है. आृ
ये दुनिया के लिए खासतौर पर भारत-इजरायल के लिए अलर्ट है कि जिस हमास आतंकियों के खात्मे का इजरायली सेना ने प्रण लिया है, उन आतंकियों का इस्लामाबाद स्वागत करता है. हमास और लश्कर के बीच किसी भी तरह का तालमेल क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है.
इजरायल दौरे पर जा सकते हैं पीएम मोदी
इजरायल की ओर से कहा गया है कि अगले महीने पीएम मोदी इजरायल का दौरा करेंगे. पीएम मोदी का इजरायल दौरा रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि ये दौरा ऐसे वक्त में होगा, जब मिडिल ईस्ट में तनाव है और गाजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पीस बोर्ड पर आतुर हैं.
हालांकि भारत की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तकरीबन एक महीने पहले जब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर बात की थी, तो उस वक्त नेतन्याहू ने इजरायल आने का न्योता दिया था. पिछली बार साल 2017 में पीएम मोदी ने इजरायल का दौरा किया था.
भारत और इजरायल दोनों एक दूसरे के अच्छे मित्र देश हैं साथ ही दोनों के बीच रणनीतिक और सैन्य साझेदारी है. पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू के बीच गहरी मित्रता हैं. दोनों एकदूसरे को अहमियत देते हैं.
इजरायल के हर एक्शन पर मिला भारत का साथ, आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश हैं साथ
7 अक्टूबर 2023 को जब हमास के आतंकियों ने इजरायल में बड़ा आतंकी हमला किया, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों को आतंकियों ने मार डाला था, तो भारत वो पहला देश था, जिसने आतंकवाद के खात्मे के लिए इजरायल का साथ दिया था. हमास पर लिए गए एक्शन पर भारत का साथ मिला था. यहां तक कि ऐसी खबरें भी आईं थी कि जब इजरायली सेना के पास गोला बारूद की कमी पड़ी तो भारत की मदद से उसे पूरा किया गया था. ठीक इसी तरह से करगिल युद्ध के दौरान भारत की मदद के लिए इजरायल सामने आया था. जनवरी 2026 की शुरुआती सप्ताह में पीएम मोदी और नेतन्याहू ने फोन पर बात की थी और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का फैसला लिया था.

