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बदलेगा Global Order, भारत-EU में डिफेंस एंड सिक्योरिटी समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर गिद्ध की तरह नजरें गड़ाए जाने के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) ने भारत के साथ बेहद अहम डिफेंस एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत, यूरोपीय संघ और भारत, समुद्री सुरक्षा, साइबर, काउंटर टेररिज्म और स्पेस (अंतरिक्ष) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं. 

जयशंकर और काजा कैल्लस ने किया समझौते पर हस्ताक्षर

इस रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी पर मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूरोपीय आयोग की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलस ने हस्ताक्षर किए. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईयू के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की कमिश्नर उर्सला वेन डेर लेयन भी मौजूद थे. 

विदेश मंत्री के साथ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए काजा कैल्लस ने कहा कि “जब दो प्रमुख लोकतांत्रिक देश (ईयू और भारत) एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम मजबूत साझा सुरक्षा का निर्माण करते हैं.”

ग्लोबर ऑर्डर बदलने से परेशान यूरोप

कैल्लस ने कहा कि “ग्लोबल ऑर्डर (वैश्विक व्यवस्था) में हो रहे बदलावों के साथ, यूरोपीय संघ विश्व भर में अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करता रहेगा. मजबूत साझेदारियां हमारी शक्ति को कई गुना बढ़ाती हैं.”

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की गिद्ध नजर से यूरोप में हड़कंप

दरअसल, पहले यूक्रेन और अब ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों में जमकर तकरार चल रही है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की जिद पकड़ रखी है. यूक्रेन जंग में रुस के प्रति नरमी को लेकर यूरोप के देश, ट्रंप से खासे नाराज चल रहे हैं. अब नाटो देश डेनमार्क के स्वायत्त हासिल ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर ईयू की सांसे थमी हुई है. ऐसे में ईयू का भारत के साथ डिफेंस और सिक्योरिटी करार बेहद अहम माना जा रहा है. 

भारत के साथ समझौते से मजबूत होगी राष्ट्रीय सुरक्षा

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी डिफेंस टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ेगे. करार के जरिए, भारत और यूरोप की डिफेंस कंपनियां मिलकर हथियार और दूसरे सैन्य साजो सामान बनाने के साथ हाईब्रीड डोमेन में भी सहयोग कर सकेंगे . ऐसे में मेक इन इंडिया के तहत हथियारों का निर्माण देश में हो पाएगा.

यह समझौता वार्षिक सुरक्षा एवं रक्षा संवाद की शुरुआत करता है, जिसकी पहली बैठक एक महीने के भीतर होगी.

कैल्लस ने राजनाथ से की मुलाकात

एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले, कैल्लस ने राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने कैल्लस से मुलाकात पर खुशी जताते हुए कहा कि “हमने द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा संबंधी कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें विश्वसनीय रक्षा प्रणालियां बनाने और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं को विकसित करने हेतु आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण के अवसर शामिल हैं. 

फ्रांस और जर्मनी के साथ भारत का मजबूत रक्षा सहयोग

उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिन पहले, रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के साथ साझा 114 रफाल (राफेल) लड़ाकू विमान को लेकर वायुसेना को हरी झंडी दी थी. इस डील के तहत, फ्रांस की दासो कंपनी भारत में 114 रफाल फाइटर जेट का निर्माण करेगी. उससे पहले, भारत के दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से भी नौसेना के लिए साझा पनडुब्बी बनाने को लेकर अहम चर्चा हुई थी.

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