वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और सैन्य गतिविधियों पर भारत भी करीब से नजर बनाए हुए है. वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे वेनेजुएला की सभी गैर जरूरी यात्राओं से बचें.
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी, हेल्पलाइन नंबर जारी
विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों को अलर्ट रहने को कहा है. साथ ही कहा गया है कि वो किसी भी तरह की परेशानी में वो भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें.
एडवाइजरी में कहा गया कि सभी भारतीय जो किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें. अपनी गतिविधियों को सीमित रखें और राजधानी काराकस में भारतीय दूतावास से संपर्क करें.
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी के साथ ही एक ईमेल आईडी और इमरजेंसी फोन नंबर भी जारी किए हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस ईमेल आईडी cons.caracas@mea.gov.in और इमरजेंसी फोन नंबर +58-412-9584288 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) के माध्यम से लोग कराकस के भारतीय दूतावास में संपर्क कर सकते हैं.
वेनेजुएला में अमेरिका का कंट्रोल, नोबेल विजेता को सत्ता नहीं सौपेंगे ट्रंप
बताया जा रहा है कि निकोलर मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के लिए पिछले साल की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारियो कोरिना मचाडो का नाम सबसे आगे है. मचाडो, ट्रंप की वेनेजुएला पॉलिसी को पूरी तरह सपोर्ट करती हैं और प्राइवेटाइजेशन, अमेरिकी निवेश की बात करती हैं. उन्हें “वेनेजुएला की आयरन लेडी” कहा जाता है.
मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक वहां पर कोई सत्ता नहीं आ जाती, तब तक अमेरिका ही वेनेजुएला को संभालेगा.
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह वेनेजुएला की नेता विपक्ष और नोबेल विजेता मचाडो को वहां की सत्ता सौपेंगे? इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि “ऐसा नहीं होगा, क्योंकि उस देश में उनका ज्यादा कोई आधार नहीं है और न ही उनकी ज्यादा इज्जत है.”

