ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने कंधार हाईजैक के मास्टरमाइंड और मसूद अजहर के छोटे भाई रऊफ अजहर की कब्र खोद दी है. 23 साल से जिसके पीछे अमेरिका पड़ा हुआ था, उस रऊफ अजहर का भारत ने मार गिराया है. जैश का खूंखार और अमेरिका का मोस्टवांटेड था, भारत के डर से रऊफ अजहर छिपा था, लेकिन भारत ने रऊफ अजहर का काम तमाम कर दिया.
रऊफ अजहर बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे में नमाज पढ़ते देखा गया था, लेकिन अब भारत ने पाकिस्तान के सबसे बड़े आतंकी को मौत की नींद सुला दिया है. कब, कहां, कैसे ये जानकारी औपचारिक तौर पर साझा नहीं की गई है.
पाकिस्तान को बड़ी चोट, मारा गया भारत का मोस्टवांटेड रऊफ अजहर
मंगलवार देर रात (6-7 मई) को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में जैश और लश्कर के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया था. जिसमें मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों समेत 14 करीबियों की मौत हुई थी.
वहीं 9 टेरर कैंप पर कार्रवाई को दौरान 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है. गुरुवार को जो खुलासा हुआ उससे मुताबिक भारत की कार्रवाई में रऊफ अजहर भी मारा गया है.
कंधार हाईजैक आईसी-814 का मास्टरमाइंड था रऊफ
रऊफ अजहर 1999 के कंधार हाईजैक का मास्टरमाइंड भी था जिसमें इंडियन एयरलाइंस के विमान को काठमांडू से दिल्ली जाते समय हाईजैक किया गया था. इस हाईजैक का मकसद उसके भाई मसूद अजहर को भारतीय जेल से रिहा कराना था. रऊफ ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था. जब भारतीय विमान को अमृतसर, लाहौर, दुबई होते हुए कंधार ले जाया गया था. हाईजैकर्स ने 176 यात्रियों और 15 क्रू मेंबर्स के बदले मसूद अजहर, मुश्ताक जरगर और उमर शेख की रिहाई की मांग की थी. अब सेना ने कंधार हाईजैक का भी बदला ले लिया है.
23 साल से अमेरिका कर रहा था रऊफ की तलाश
कंथार हाईजैक से साथ साथ अमेरिकी यहूदी जर्नलिस्ट डैनियल पर्ल की हत्या में भी रऊफ का हाथ था. वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डैनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के पीछे रऊफ अजहर ही साजिशकर्ता था. अमेरिकी कार्यकर्ता एमी मेक ने भारत की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “भारत ने डेनियल पर्ल के हत्यारे को खत्म कर न्याय दिलाया है. पश्चिम ने सालों से पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों को नजरअंदाज किया, लेकिन भारत ने अब वह कर दिखाया जो जरूरी था.”
जैश में मसूद अजहर के बाद नंबर 2 था रऊफ अजहर
मसूद अजहर के बाद रऊफ अजहर लंबे समय से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का दूसरा सबसे बड़ा सरगना बन गया था. रऊफ को पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी संरक्षण लंबे समय से मिला हुआ था. रऊफ रावलपिंडी सहित पाकिस्तान में खुलेआम सक्रिय रहा है और भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता था. अमेरिका ने 2010 में उस पर प्रतिबंध लगाए और भारत ने उसे संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकी सूची में शामिल करने की बार-बार कोशिश की जिसे चीन ने वीटो किया था.