इजरायल समेत मिडिल ईस्ट के 8 देशों में ईरान के घातक हमले ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत में अमेरिकी सेना और के कम से कम 14 सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है और इन हमलों में सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों के मारे या घायल होने की खबर दी गई है. ईरान की ओर से कहा गया है, अभी तक तो केवल कबाड़ मिसाइलों ने तबाही मचाई है. जल्द ही ऐसे-ऐसे मारक हथियार सामने लाए जाएंगे, जो दुनिया ने अब तक देखी तक नहीं होगी.
वहीं इजरायल ने दावा किया है कि उनकी एयर स्ट्राइक में आईआरजीसी (ईरानी सेना) को भारी नुकसान पहुंचा है. ईरान के रक्षा मंत्री समेत कई बड़े कमांडर मारे गए हैं. लेकिन ईरान की ओर से रक्षा मंत्री के मारे जाने की पुष्टि नहीं की गई है. जबकि ईरान का आरोप है कि इजरायली सेना ने ईरान के मिनाब एक स्कूल पर हमला किया था जिसमें मरने वाले छात्र-छात्राओं का आंकड़ा 80 से ज्यादा हो चुका है.
ट्रंप ने ऐसे हथियार नहीं देखे होंगे, आज तो कबाड़ मिसाइलें दागीं थीं: मेजर जनरल जबारी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के मेजर जनरल इब्राहिम जबारी ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप धमकाया है. जबारी ने घोषणा की है कि ईरान ऐसे हथियारों से हमला करेगा, जिससे दुनिया अनजान है. जनरल जबारी का कहना है कि “तेहरान ने अब तक सिर्फ अपनी कबाड़ मिसाइलें अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायल पर दागी हैं और बहुत जल्द अत्यधिक मारक हथियारों का इस्तेमाल शुरू करेगा.
जबारी ने कहा, “ट्रंप को यह पता होना चाहिए कि आज हमने पुराने भंडार में मौजूद मिसाइलों को दागा, जल्द ही हम ऐसे हथियार का प्रदर्शन करेंगे जो अमेरिका ने पहले कभी नहीं देखे होंगे.”
हमनें अमेरिका के 14 सैन्य अड्डे तबाह किए: ईरान
ईरान की आईआरजीसी के बयान में दावा किया गया है कि उसने अमेरिका के खिलाफ बड़ी जवाबी कार्रवाई में कम से कम 14 सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है और इन हमलों में सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों के मारे या घायल होने की खबर दी गई है. ईरान की सेना ने दावा किया है कि “कतर में तैनात अमेरिका का एफपी-132 लंबी दूरी का रडार सिस्टम पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइलों की ट्रैकिंग के लिए होता था.” बयान में यह भी कहा गया है कि “बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान का शुरुआती हमला बेहद प्रभावी रहा.”
कुवैत, बहरीन, दुबई में कितना नुकसान
शनिवार को दुबई के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने से हड़कंप मच गया. जुमैरह स्थित मशहूर पाम जुमैरह इलाके के फेयरमोंट होटल के पास मिसाइल गिरने की आशंका जताई गई है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वहीं मिसाइल हमलों के बाद एहतियातन बुर्ज खलीफा को खाली करा दिया गया.
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि “क्षेत्रीय तनाव के बीच हुए हमलों में 12 लोग घायल हुए हैं. मंत्रालय के अनुसार सभी घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत नियंत्रण में है. बयान में कहा गया कि अली अल-सलेम एयर बेस पर गिरे मिसाइल मलबे से सशस्त्र बलों के तीन जवान घायल हुए.” इससे पहले कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि “एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया था, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक लिया.”
बहरीन की राजधानी मनामा में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रभावित इलाकों में नागरिक सुरक्षा टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.
नेतन्याहू-ट्रंप में हुई फोन पर बात, संयुक्त राष्ट्र में आपात बैठक
ईरान के पलटवार के बाद इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है. नेतन्याहू के दफ्तर ने इसकी एक तस्वीर जारी करके जानकारी दी है, लेकिन बातचीत का विवरण साझा नहीं किया गया है.
ताजा हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने आपात बैठक बुलाई गई है, ब्रिटेन इस बैठक की अध्यक्षता कर रहा है, रूस के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने बताया कि रूस और चीन ने इस बैठक की मांग अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर की है. फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने भी बैठक बुलाने का समर्थन किया है. बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है.
हम बातचीत के लिए तैयार, ईरान में सत्ता परिवर्तन असंभव: अब्बास अराघची
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका से बातचीत को लेकर बयान दिया है. कहा, “दोनों देशों के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हो रहा है, लेकिन यदि अमेरिका बातचीत करना चाहता है तो संपर्क के रास्ते खुले हैं. ईरान तनाव कम करने में रुचि रखता है, हालांकि यह संघर्ष अमेरिका की पसंद का युद्ध है और इसके परिणाम उसे भुगतने होंगे.”
अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान में शासन परिवर्तन के लक्ष्य को मिशन इम्पॉसिबल बताया. कहा कि “ईरान की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित है, न कि अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है. अगर अमेरिका-इजरायल हमले रोक देगा तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं.”

