ईरान पर लगातार हो रहे अमेरिकी और इजरायली एक्शन के बीच ट्रंप प्रशासन में फूट पड़ गई है. अमेरिका के काउंटर टेरर चीफ जोसेफ केंट ने ये कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि अमेरिका को ईरान से कोई खतरा नहीं था. जोसेफ केंट ने खुलासा किया है कि अमेरिका को इस युद्ध की बिलकुल आवश्यकता नहीं थी. ये युद्ध सिर्फ और सिर्फ इजरायल के दबाव में शुरु किया गया.
अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख जोसेफ केंट के इस्तीफे से युद्ध को लेकर ट्रंप अपने घर में घिर चुके हैं. साथ है प्रशासन में मतभेद खुलकर पूरी दुनिया के सामने आ चुका है. जोसेफ को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड का करीबी माना जाता है. सीनेट की मंजूरी के बाद जुलाई 2025 में जोसेफ को एनसीटीसी प्रमुख बनाया गया था.
जोसेफ केंट के इस्तीफे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तंज कसा है. ट्रंप ने जोसेफ को कमजोर अधिकारी बताते हुए कहा है कि अच्छा हुआ कि वो चले गए.
इजरायल की कठपुतली बना हुआ है अमेरिका: जोसेफ केंट
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन के बड़े अधिकारी और काउंटर टेररिज्म सेंटर (एनसीटीसी) के प्रमुख ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर सवाल उठाते हुए जंग का विरोध किया.
जोसेफ केंट ने मंगलवार को इस्तीफा देते हुए लिखा, “मैं अपने विवेक के मुताबिक, इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता. ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था. यह युद्ध इजरायल और उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया. यह स्पष्ट है कि हमने यह युद्ध दबाव में शुरू किया और मेरी अंतरात्मा अब इसका समर्थन करने की अनुमति नहीं देती.”
पश्चिम एशिया के युद्धों को जाल बताते थे ट्रंप, खुद युद्ध शुरु किया : जोसेफ केंट
अपने इस्तीफे में जोसेफ केंट ने सीधे-सीधे राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाए. कहा कि “ट्रंप ने साल 2016, 2020 और 2024 के चुनाव अभियानों में “अमेरिका फर्स्ट” विदेश नीति का समर्थन किया था, जिसमें पश्चिम एशिया के लंबे युद्धों से दूरी बनाए रखने की बात कही गई थी. जून 2025 तक ट्रंप स्वयं पश्चिम एशिया के युद्धों को ऐसा जाल बताते थे, जिसने अमेरिका की संपदा और सैनिकों की जान दोनों को नुकसान पहुंचाया.”
केंट ने आरोप लगाया कि “प्रशासन के भीतर कुछ उच्चस्तरीय इजरायली संपर्कों और अमेरिकी मीडिया के प्रभावशाली वर्ग ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे युद्ध करने की मानसिकता तैयार हुई. राष्ट्रपति ट्रंप को यह विश्वास दिलाया गया कि सैन्य कार्रवाई त्वरित और आसान सफलता देगी, जबकि इतिहास बताता है कि इसी तरह के दावे पहले इराक युद्ध से पहले भी किए गए थे.”
केंट ने इस्तीफा देकर बहुत अच्छा किया: ट्रंप
केंट ने ट्रंप को भेजे अपने इस्तीफे में साफ कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और वह इस युद्ध का नैतिक रूप से समर्थन नहीं कर सकते. केंट के इस्तीफे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने कहा, कि “वह बहुत कमजोर अधिकारी थे और उन्होंने इस्तीफा देकर बहुत अच्छा किया है. केंट सुरक्षा के मामले में कमजोर थे, मुझे खुशी है कि केंट अब वहां नहीं हैं.”
तुलसी गबार्ड के करीबी इस अफसर की पत्नी ने गंवाई थी आत्मघाती हमले में जान
बीच युद्ध ट्रंप प्रशासन का साथ छोड़ने वाले 45 साल के केंट अमेरिकी स्पेशल फोर्स और सीआईए के अनुभवी अधिकारी हैं. जोसफ केंट नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड के करीबी अधिकारी माने जाते हैं. ईरान युद्ध को लेकर तुलसी गबार्ड ने लगभग न के बराबर बयान दिया है. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक तुलसी गबार्ड ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर के ट्रांसफर के दौरान ही सार्वजनिक रूप से दिखाई दी थीं. केंट के इस्तीफे पर भी गबार्ड ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
जोसेफ केंट की निजी जिंदगी की बात की जाए तो जोसेफ केंट की पत्नी शैनन केंट की साल 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी. शैनन कैंट अमेरिकी नौसेना में एक क्रिप्टोलॉजिक तकनीशियन और जेएसओसी की इंटेलिजेंस सपोर्ट एक्टिविटी की सदस्य थीं. सीरिया में तैनाती के दौरान वो एक मनबिज के रेस्टोरेंट में रुकी थीं, जहां अक्सर अमेरिकी सैनिक आते जाते थे. उस वक्त एक जैकेट पहने हुए एक आत्मघाती हमलावर ने अटैक किया, जिसमें शैनन मारी गई थीं.

