Breaking News Islamic Terrorism

लालकिला धमाके के पीछे जैश, UN रिपोर्ट में खुलासा

संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके पर किया है बड़ा खुलासा. यूएन की टीम का दावा है कि लालकिले के करीब हुए धमाके की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है. 

यूएन की टीम ने खूंखार आतंकी मसूद अजहर द्वारा ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक विशेष महिला आतंकी विंग के गठन की भी पुष्टि की है. साथ ही रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि जैश कैसे महिला विंग को आतंकी गतिविधियों के लिए सक्रिय कर रहा है.

यूनाइटेड नेशन की सैंक्शन मॉनिटरिंग रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान एक बार फिर से दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है. इस रिपोर्ट से एक बार फिर ये साबित हो गया है कि जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन किस तरह से भारत को दहलाने की साजिश रचते हैं. 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से पाकिस्तान बेनकाब, रेड फोर्ट धमाके पर खुलासा

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए जानलेवा हमले से जुड़ गया है. यूएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि “एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी उसका संबंध है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे.”

आपको बता दे कि यह रिपोर्ट सुरक्षा परिषद की 1267 सैंक्शंस कमेटी ने तैयार की है

संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने चेतावनी दी है कि “आतंकवाद-विरोधी दबाव के बावजूद, जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह नए भर्ती मॉडल और प्रभावशाली हमलों के माध्यम से खुद को जिंदा रखे हुए है. जो कि एक चिंता का विषय है.”

जैश-ए-मोहम्मद बना रहा महिला आतंकियों का अलग विंग: यूएन कमेटी

यूएन द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि “8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर ने औपचारिक रूप से जमात-उल-मुमिनात नामक एक महिला विंग बनाने की घोषणा की थी. इस नए संगठन का स्पष्ट उद्देश्य आतंकवादी हमलों को समर्थन देना था, जो समूह द्वारा भर्ती और सहायता रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है.”

रिपोर्ट में पहलगाम हमले का भी जिक्र किया गया है. लिखा गया कि “अप्रैल 2025 पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. हमला द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने किया था, जिसे लश्कर का प्रॉक्सी माना जाता है. 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध मारे गए थे और मई में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की.”

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, “भले ही कुछ आतंकी संगठन कमजोर या खंडित हो गए हों, लेकिन उनकी खुद को नया रूप देने, पुनर्गठित करने और उच्च-स्तरीय लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है.”

व्हाइट कॉलर्स के जरिए बड़े आतंकी हमले की थी साजिश

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट से ये खुलासा कर दिया है कि इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. लेकिन पिछले साल नवंबर के महीने में सुरक्षा और जांच एजेंसियों की चौकसी के चलते भारत के अलग-अलग जगहों पर बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया था. इन हमलों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर के अलावा फरीदाबाद, कानपुर, लखनऊ के डॉक्टर्स शामिल थे.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0