दुनिया में युद्ध और संघर्ष एक प्रमुख मुद्दा है और भारत का मानना है कि मतभेदों को कूटनीतिक और बातचीत के जरिए से सुलझाने में मदद मिलती है, न कि युद्ध मैदान में.
आयरलैंड के दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर करारा प्रहार किया है. जयशंकर ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए युद्ध और संघर्ष का भी जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में संघर्ष एक प्रमुख मुद्दा है और भारत का मानना है कि मतभेदों को कूटनीतिक और बातचीत के जरिए से सुलझाने में मदद मिलती है, न कि युद्ध मैदान में.
जयशंकर ने 1985 में हुए एयर इंडिया विमान आतंकवादी हमला के बारे में बात करते हुए आयरलैंड और भारत के बीच आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता जताई.
मतभेदों को युद्ध के मैदान में सुलझाया नहीं जा सकता: जयशंकर
आयरलैंड के डबलिन में एस जयशंकर ने ‘भारत का विश्व के प्रति दृष्टिकोण’ टॉपिक पर खुलकर बात की. जयशंकर ने छात्रों, शिक्षाविदों और प्रवासी समुदाय के लोगों के बीच कहा, “संघर्षों के बारे में एक विशेष बात, क्योंकि यह आज भारत के लिए एक बहुत ही प्रमुख मुद्दा है. हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि इस युग में मतभेदों को युद्ध के मैदान में नहीं सुलझाया जा सकता और न ही सुलझाया जाना चाहिए.”
विदेश मंत्री के मुताबिक,यह महत्वपूर्ण है कि हम संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालें, चाहे यह कितना भी कठिन क्यों न हो.” (https://x.com/drsjaishankar/status/1897977466402275467?s=46)
आतंकवाद को खत्म करने के लिए संकल्प की आवश्यकता: जयशंकर
जयशंकर ने कहा, ‘‘संघर्ष के बारे में बात करते हुए, आतंकवाद का मुकाबला करने पर भी कुछ कहना उचित होगा, खासकर ऐसे देश के विदेश मंत्री के रूप में जो लंबे समय से आतंकवादी प्रयासों का शिकार रहा है. आतंकवाद के खात्मे के लिए समर्पण और संकल्प की आवश्यकता है.’’
जयशंकर ने आयरलैंड के आतंकी हमले को याद करते हुए बताया, ‘‘आयरलैंड के अहाकिस्ता गांव में एक स्मारक पट्टिका है जो आयरलैंड के तट पर हुए एयर इंडिया के कनिष्क विमान बम विस्फोट के 329 पीड़ितों की याद में स्थापित की गई है. यह हमेशा याद दिलाता है कि यह एक सतत चुनौती है जिससे समग्र रूप से बहुत अधिक संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ निपटने की आवश्यकता है.’’
‘भारत-ईयू के मुफ्त व्यापार समझौते’ पर क्या है विदेश मंत्री का बयान
भारत-यूरोपीय संघ के बीच जारी व्यापार वार्ता के संदर्भ में जयशंकर ने कहा, ‘‘हम बातचीत कर रहे हैं, और हम मुक्त व्यापार समझौते के लिए काफी लंबे समय से, लगभग 23 वर्षों से बातचीत कर रहे हैं. हाल ही में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष ने 21 आयुक्तों के साथ भारत का दौरा किया था, और अब हम शायद थोड़ा और आशान्वित हैं कि यह अभ्यास समाप्त हो जाएगा, आदर्श रूप से इस वर्ष के अंत तक.”