जम्मू-कश्मीर के कठुआ में उज्ज दरिया से सटे सुफैन इलाके में आतंकियों के साथ भीषण एनकाउंटर जारी है. अब तक तीन (03) आतंकी मार गिराए गए हैं, जबकि सुफैन पोस्ट के प्रभारी समेत चार जवानों का बलिदान हुआ है. वीरगति को प्राप्त पुलिसकर्मियों में शामिल हैं बलविंदर सिंह चिब. बलविंदर सिंह अपने परिवार के चौथे सदस्य हैं, जिन्होंने कर्मभूमि में वीरगति प्राप्त की है.
चिब के परिवार में तीन पीढ़ियों से कर्तव्य पथ पर चलते हुए लोगों ने जान गंवाई है. चिब के परदादा ने प्रथम विश्व युद्ध में अपना बलिदान दिया था. बलविंदर के अलावा सीनियर ग्रेड हेड कांस्टेबल तारिक अहमद, जसवंत सिंह और जगबीर सिंह भी शहीद हुए. बलिदान जवानों को अंतिम सलामी देने के लिए डीजीपी नलिन प्रभात समेत पुलिस के आला अधिकारी भी कठुआ पहुंचे. राज्यपाल मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी बहादुरों का नमन किया.
साहस और बलिदान की विरासत है शहीद चिब का परिवार
कठुआ में चल रही मुठभेड़ में बलविंदर समेत तीन बहादुर पुलिस कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी. चिब के पैतृक गांव चक हरिया में लोगों की जुबान पर सिर्फ यही बात थी कि बलविंदर सिंह चिब चौथी पीढ़ी के चौथे सदस्य हैं, जिन्होंने कर्म पथ पर अपनी जान की बाजी लगा दी. गांव के लोगों के मुताबिक, ‘प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बलविंदर के परदादा प्रकाश सिंह चिब को शहादत से पहले उनकी बहादुरी के लिए विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया था. प्रकाश सिंह चिब के भाई शंकर सिंह चिब ने भी अपने प्राणों की आहुति देकर सम्मान अर्जित किया. (https://x.com/devyanidsrana/status/1905329847439909152)
परिवार के चौथे सदस्य हैं बलविंदर सिंह चिब, जो शहीद हुए
चिब परिवार अपने बलिदान और देशभक्ति के लिए जाना जाता है. बलविंदर के परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा हैं. चक हरिया गांव को अपने बेटों पर बहुत गर्व है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी. बलविंदर के चाचा प्रीतम सिंह चिब कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए. वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सेवारत थे. अब बलविंदर सिंह की आतंकियों के साथ मुठभेड़ में जान चली गई है.
पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस दिखाया: सेना
भारतीय सेना की राइजिंग स्टार कोर (हेडक्वार्टर योल) ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की. सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा- “राइजिंग स्टार कोर जम्मू-कश्मीर के उन बहादुर पुलिस कर्मियों की वीरता और अदम्य साहस को सलाम करता है, जिन्होंने कठुआ में चल रहे ऑपरेशन के दौरान बहादुरी से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. उनके साहस और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा.”
मकसद हमसे दूर नहीं, इरादे हैं मजबूत, जंग जारी है और पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ जारी रहेगी: डीजीपी
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने इस बात की पुष्टि की कि जिन आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई है, ये वही आतंकी हैं, जो हीरानगर से फरार हुए थे. डीजीपी के मुताबिक, “25 मार्च को एक दंपती ने पाकिस्तानी आतंकियों को देखा और यह खबर साथ साथ ही पुलिस को बताई गई. जम्मू-कश्मीर पुलिस का न इरादा कमजोर हुआ है न मकसद हमसे कहीं दूर है. मकसद भी साफ है, इरादा भी मजबूत है और जज्बे की तो कभी कमी ही नहीं थी.”
डीजीपी ने कहा कि “जम्मू-कश्मीर पुलिस इकलौती ऐसी फोर्स है जिसकी बहादुरी, जांबाजी और शहादत की कहानियां तारीख के स्वर्ण अक्षरों में लिखी हैं और लिखी जाएंगी. हम सोएंगे नहीं, आराम नहीं करेंगे जब तक हमारे नापाक पड़ोसी और उसकी तंजीमों की हरकतों पर नकेल न कस दें. जंग जारी है और जारी रहेगी.” (https://x.com/Harpreetsethi95/status/1905686386747093270)