ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं, कैसे हैं, ये भले ही दुनिया के लिए सबसे बड़ी पहेली है. मोजतबा की लोकेशन न मिलने के कारण सीआईए और मोसाद के जासूसों के बेचैनी बढ़ी हुई है.
लेकिन युद्ध के 38वें दिन एक वीडियो के जरिए अमेरिका को चुनौती दी गई है. ईरान ने मोजतबा खामेनेई का एक एआई वीडियो जारी कर सनसनी फैला दी है. वीडियो में ईरान के डिमोना न्यूक्लियर रिएक्टर का मैप जारी किया गया है, जो कभी दुनिया के सामने नहीं आया था. ईरानी कमांड सेंटर में बैठे मिलिट्री अधिकारियों की बैठक में मोजतबा खामेनेई की एंट्री दिखाई है.
मोजतबा खामेनेई को जिस डिमोना न्यूक्लियर रिएक्टर में बैठे दिखाया गया है वो इजरायल का सीक्रेट न्यूक्लियर अड्डा है. इज़राइल का सबसे गोपनीय और रणनीतिक परमाणु प्रतिष्ठान है, जो नेगेव रेगिस्तान में स्थित है.
वीडियो में सांकेतिक तौर पर इजरायल को धमकी दी गई है कि ईरान के टारगेट पर है और मोजतबा अपने सैन्य अधिकारियों के साथ अटैक की प्लानिंग करते दिखाए गए हैं.
इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर बड़े हमले की प्लानिंग
सोशल मीडिया पर मोजतबा का वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें उन्हें एक कमांड सेंटर में जाते हुए दिखाया गया है. इस कमांड सेंटर में स्क्रीन पर इजरायल के डिमोना शहर में बने परमाणु रिएक्टर संयंत्र की तस्वीर दिख रही है. सोशल मीडिया पर मोजतबा का यह वीडियो वायरल हो रहा है. हालांकि ये वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि एआई से बनाया गया है. लेकिन इसके माध्यम से दिखाने की कोशिश की गई है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर स्वस्थ हैं और सैन्य ऑपरेशन की देखरेख कर रहे हैं.
वीडियो में एक भूमिगत बंकर नुमा कमांड सेंटर में मोजतबा खामेनेई को प्रवेश करते दिखाया गया है. कमांड सेंटर में लगी बड़ी स्क्रीन्स पर इजरायल के परमाणु ठिकाने का मैप और और लाइव फुटेज चलते दिख रहा है. इस वीडियो के सामने आते ही कयास लगाए जाने लगे कि ईरान अब इजरायल के परमाणु संयंत्रों पर बड़े हमले की तैयारी कर चुका है और मोजतबा खुद इस मिशन की कमान संभाल रहे हैं.
मोजतबा को तलाश रही सीआईए-मोसाद जैसी एजेंसियां
मोजतबा खामेनेई सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद कभी भी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं. लेकिन अलग-अलग माध्यमों से उनके मैसेज जरूर साझा किए जाते रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मोजतबा या तो मर चुके हैं या ऐसी कोमा जैसी स्थिति में हैं. लेकिन ईरान बार-बार कह रहा है कि मोजतबा सुरक्षित हैं और सैन्य ऑपरेशन उन्हीं के नेतृत्व से किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि वह किसी बेहद ही खुफिया और सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं. खबरें तो यहां तक आईं कि मोजतबा खामेनेई, रूस में हैं और वहां इलाज करा रहे. लेकिन हाल ही में रूस ने इन खबरों को गलत बताया था. रूस ने कहा, कि मोजतबा खामेनेई ईरान में ही हैं और सही सलामत हैं.
अमेरिका और इजरायल की कोशिश है कि ईरान में रिजीम चेंज करने के लिए कट्टरपंथी मोजतबा खामेनेई का रास्ते से हटना बेहद जरूरी है. इसलिए अमेरिका-इजरायल मोजतबा की तलाश में जुटे हुए हैं, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद के जासूस मोजतबा को ढूंढने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ा
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने अब एक खतरनाक परमाणु मोड़ ले लिया है. इस संघर्ष से अरब क्षेत्र में परमाणु विनाश और रेडिएशन का खतरा पैदा हो गया है. हाल ही में, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर सेंटर्स पर हमला किया, जिसका जवाब गदेते हुए ईरान ने इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर के पास हमला किया.
इस अटैक के बाद अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि “बुशहर परमाणु प्लांट पर अब तक कुल चार हमले हो चुके हैं, जिससे न्यूक्लियर रिजर्व के लीक होने की आशंका है.”
अराघची ने कहा है कि, “ईरान को पूरे अरब में रेडिएशन फैलने का खतरा है. खाड़ी देश सीधे तौर पर संकट में आ जाएंगे.”

