TheFinalAssault Blog Alert Breaking News कोच्चि में जुटी 26 देशों की नौसेनाएं, लाल सागर की सुरक्षा पर गहन चर्चा
Breaking News Geopolitics IOR Middle East

कोच्चि में जुटी 26 देशों की नौसेनाएं, लाल सागर की सुरक्षा पर गहन चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चल रही जंग के बीच कोच्चि (केरल) में दो दर्जन से भी ज्यादा देशों की नौसेनाएं इकठ्ठा हुई हैं. मौका है, भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित मल्टीनेशन मेरीटाइम एक्सरसाइज ‘ऑपरेशन सर्दन रेडीनेस’ का.

चार दिवसीय (20-23 जुलाई) इस एक्सरसाइज के दौरान, लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा पर चर्चा को शामिल किया गया है. 

कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना की दक्षिणी कमान  द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली कम्बाइंड टास्क फोर्स (सीटीएफ-154) के तत्वावधान में संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. इसमें 26 देशों के 254 प्रतिभागी शामिल हैं, जिन्हें 74 प्रशिक्षकों, चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विषय विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त है.

यह अभ्यास भारत में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का पहला आयोजन है, जो भारतीय नौसेना और सीएमएफ के बीच बढ़ते सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

क्या ही सीएमएफ, जिसकी टास्क फोर्स का भारतीय नौसेना कर रही नेतृत्व
सीएमएफ, 47 देशों की नौसेनाओं का एक समूह है, जिसका हेडक्वार्टर खाड़ी देश बहरीन में है. यूएस नेवी के एक वाइस एडमिरल रैंक का अधिकारी इसका कमांडर होता है. ये समूह, अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में पायरेसी (समुद्री-लूट), आतंकवाद और कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर कार्यरत है. इसमें शामिल देश, स्वेच्छा से सीएमएफ का हिस्सा बनते हैं. 

सीटीएफ-154, जो सीएमएफ का समर्पित प्रशिक्षण कार्य बल है, वर्तमान में भारतीय नौसेना के नेतृत्व में है. बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के माध्यम से संयुक्त समुद्री बल भागीदार देशों की क्षमता, अंतर-संचालनीय और व्यावसायिक तत्परता को मजबूत करने पर केंद्रित है.

भारतीय नौसेना के मुताबिक, कोच्चि में सर्दन रेडीनेस एक्सरसाइज के उद्घाटन समारोह में सीटीएफ 154 के कमांडर कमोडोर मिलिंद एम मोकाशी सहित टॉप कमांडर्स ने संबोधन दिया. इन संबोधन में समकालीन समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, साझा शिक्षा और बहुराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया गया.

लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा पर गहन चर्चा
नौसेना के प्रवक्ता, कैप्टन विवेक मधवाल के मुताबिक, पहले दिन का कार्यक्रम मुख्य रूप से जहाज प्रबंधन और विशेष प्रशिक्षण पर केंद्रित था जिसमें विषय विशेषज्ञों के साथ पेशेवर संवाद और व्यावहारिक अनुभव का संयोजन था. संयुक्त राष्ट्र मादक द्रव्यों और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) द्वारा आयोजित सत्र में लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा खतरों पर चर्चा की गई. इसके बाद भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक सिमुलेटर और संबंधित प्रशिक्षण अवसंरचना का उपयोग करते हुए जहाज संचालन, नौवहन, खगोलीय नौवहन, समुद्री संकट संचार प्रणाली और क्षति नियंत्रण एवं अग्निशमन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

मिडिल-ईस्ट जंग और हूती विद्रोहियों के लाल सागर में नेवल ब्लॉकेड के बीच सीएमएफ के विशेष पहल
खास बात है कि हाल में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब और दूसरे देशों के नौवहन को बंद करने की धमकी दी है. इससे पहले, 2023-24 में भी हूती विद्रोदियों ने इजरायल और पश्चिमी देशों के कॉमर्शियल जहाज पर ड्रोन स्ट्राइक कर शिपिंग लाइंस को बाधित किया था. कुछ जहाजों को हूती विद्रोहियों ने बंधक तक बना लिया था. मिडिल-ईस्ट जंग के चलते, पिछले पांच महीने से फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान खाड़ी में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस क्षेत्र में अमेरिका-ईरान जंग के चलते पूरी दुनिया पर तेल संकट छाया है. ऐसे में सदर्न रेडीनेस एक्सरसाइज बेहद अहम हो जाती है. 

अगले तीन दिनों में, प्रतिभागी समकालीन समुद्री सुरक्षा के प्रमुख पहलुओं को कवर करने वाले पेशेवर सत्रों, सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक गतिविधियों के विविध कार्यक्रम में भाग लेंगे. यह पहल क्षेत्रीय क्षमता निर्माण, अंतर-संचालनीयता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ भागीदार देशों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और मजबूत संबंधों को प्रोत्साहित करने में भारतीय नौसेना-संयुक्त समुद्री बल साझेदारी को दर्शाती है. दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का संचालन क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशिक्षण भागीदार के रूप में भारतीय नौसेना की भूमिका को और मजबूत करता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0