सैनिकों की मौत से भड़का अमेरिका, ईरान के सामरिक तौर से महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप पर ग्राउंड अटैक के लिए तैयार है. भन्नाए तेहरान ने भी दो टूक कह दिया है कि ईरानी सेना, अमेरिकियों का बेसब्री से इंतजार कर रही है.
अमेरिका-ईरान के बीच पिछले 09 दिनों से लगातार सैन्य वार और पलटवार जारी है. अमेरिकी सेना लगातार ईरान पर प्रहार कर रही है. बदले में आईआरजीसी अपनी मिसाइलों और घातक ड्रोन से खाड़ी देशों पर निशाना साध रही है. इस बीच खर्ग द्वीप को लेकर वॉशिंगटन-तेहरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
अमेरिकी सैनिकों की खातिरदारी को तैयार सेना: ईरान
ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका को धमकाया है. इस्माइल बघाई ने अपने ताजा बयान में कहा, कि “अमेरिका खर्ग में घुसने का सपना देख रहा है और हमारे लोग उनकी खातिरदारी के लिए तैयार हैं. अगर अमेरिका खर्ग में घुसने का सपना देख रहा है तो उनके सैनिकों को खामियाजा भुगतना होगा. साउथ ईरान में रहने वाले लोग अमेरिकी सैनिकों का अच्छे से सम्मान करेंगे. अगर अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर कब्जे की कोशिश की तो कोई भी अमेरिकी सैनिक जिंदा वापस नहीं जाएगा.”
ईरान की सबसे बड़ी ताकत है होर्मुज: अब्बास अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बताया. अब्बास अराघची ने होर्मुज को लेकर कहा है कि अमेरिका होर्मुज पर न तो ईरान को रिश्वत दे सकता है और न ही जबरन छीन सकता है. होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण है.
अराघची ने कहा, “ईरान का यूरेनियम संवर्धन बिक्रो के लिए नहीं है. हमने इसके लिए दशकों तक आर्थिक प्रतिबंध झेले हैं और हमारे परमाणु वैज्ञानिकों ने इसके लिए जान दी है.”
“इस महायुद्ध के बाद ईरान पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर उभरा है. ईरान ने होर्मुज में अपनी ताकत दिखाकर दुनिया को अपनी असली सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है.”
अराघची ने साफ-साफ कह दिया है कि “ईरान न धमकियों से डरेगा और न ही झुकेगा.”
सेंटकॉम ने आईआरजीसी के मिसाइल बेस पर किया हमला
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का कहना है कि “सेना ने ईरान के नए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. हमलों का लक्ष्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल वो स्ट्रेट होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले के लिए करता है.”
अमेरिकी सेना ने ताजा हमले ईरान के तबरीज सिटी के इलाके में किए हैं. तबरीज इलाके में आईआरजीसी का मिसाइल बेस और मिसाइल फील्ड है. अमेरिकी विमानों ने इसी मिसाइल फील्ड पर भीषण बमबारी की है.
अमेरिका का दावा है कि उनके हमलों में होर्मुज के पास सिरीक और जास्क आईलैंड में ईरान के वॉच टावर्स को ध्वस्त हुए हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि “अगर अमेरिकी नागरिकों या सैनिकों पर हमला हुआ, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, जहां से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा पैदा किया जा रहा है.
03 अमेरिकी सैनिकों की मौत, ट्रंप ने ईरान को धमकाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जॉर्डन में कैंप पर हुए हमले में अपने सैनिकों की मौत से आगबूबला हैं और उन्होंने अपनी सेना को पूरी ताकत से हमला करने के आदेश दिए हैं. ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा.
ट्रंप ने कहा कि “ईरान के हमलों में अमेरिका के तीन सैनिक शहीद हुए हैं. अब अमेरिका ईरान को छोड़ेगा नहीं. ईरान पर और घातक हमले किए गए और ये हमने ईरान के हमले में मारे गए हमारे तीन सैनिकों के सम्मान के लिए किया.” बहरहाल हालात और संवेदनशील बने हुए हैं, क्योंकि न तो अमेरिकी हमले रुक रहे और न ही ईरान की मिसाइलें और ड्रोन.

