“वैश्विक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और दुनिया बहुत अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है.” वेनेजुएला, ईरान, ग्रीनलैंड, क्यूबा, कोलंबिया में अमेरिकी धौंस के बीच ये बयान है रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का.
पुतिन ने ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस में नए विदेशी राजदूतों के एक समारोह में अमेरिका का नाम लिए बिना कड़ा संदेश दिया है.
आपको बता दें कि हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलर मादुरो के गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने एक रूसी टैंकर को भी कब्जे में लिया है, जिसके क्रू मेंबर्स में 03 भारतीय भी हैं, जो अमेरिका के शिकंजे में हैं.
कई देशों की संप्रभुता पर हमला किया जा रहा: पुतिन
व्लादिमीर पुतिन ने ग्रैंड क्रेमलिन के सेंट अलेक्जेंडर हॉल में नए विदेशी राजदूतों से मुलाकात की है. इस दौरान राजदूतों को प्रमाण पत्र दिया गया है. राजदूतों को संबोधित करते हुए पुतिन ने वैश्विक संघर्षों पर खुलकर बात की है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना कटाक्ष किया है.
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा, “कई देशों की संप्रभुता पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है. दर्जनों देश अपनी संप्रभुता पर उल्लंघन, अराजकता और कानूनहीनता का सामना कर रहे हैं.”
तेजी से बिगड़ रहा अंतर्राष्ट्रीय मंच, जंगली कानून नहीं चाहिए: पुतिन
पुतिन ने अपने भाषण में कहा, “अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. इस पर कोई बहस नहीं हो सकती. लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष तेज हो रहे हैं और नए गंभीर संघर्ष क्षेत्र उभर रहे हैं. जिसके कारण वैश्विक सहयोग की क्षमता प्रभावित हो रही है.”
पुतिन ने ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, और कहा, “दुनिया को जंगल का कानून नहीं अपनाना चाहिए और सहयोग से ही समस्याओं का समाधान संभव है. यूक्रेन युद्ध नाटो के पूर्व की ओर विस्तार के कारण शुरू हुआ और शांति के लिए नई “सुरक्षा संरचना” पर बातचीत जरूरी है.”
आंतरिक मामलों में दखल दे रहे कुछ देश: पुतिन
पुतिन ने कहा, “कूटनीति में एक अनिवार्य सिद्धांत है, समानता और संप्रभुता का सम्मान, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान. लेकिन मौजूदा समय में लोगों पर जबरन अधिकार थोपे जा रहे हैं, उन्हें बताया जा रहा है कि क्या करना पड़ेगा. लेकिन हमें इससे आगे बढ़ना होगा, सुरक्षा वास्तव में व्यापक होनी चाहिए और इसलिए समान और अविभाज्य होनी चाहिए, और इसे कुछ लोगों की सुरक्षा के लिए दूसरों की सुरक्षा की कीमत पर सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है. यह सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय कानूनी दस्तावेजों में भी है.”
पुतिन ने भले ही अपने बयान में अमेरिका और ट्रंप का नाम नहीं लिया है लेकिन जो संदेश दिया है, वो अमेरिका के लिए था. पुतिन से अपनी नीति साफ कर दी है, और दो टूक कह दिया है कि दुनिया इस जंगल के कानून को स्वीकार नहीं करेगा.
पुतिन के करीबी देशों को धमका रहे ट्रंप
हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलम मादुरो पर अमेरिका ने सैन्य एक्शन लिया था. उनके बेडरूम में अमेरिका की डेल्टावन फोर्स के जवान घुस गए थे और निकोलस को पत्नी समेत गिरफ्तार किया गया था.
निकोलस मादुरो, रूसी राष्ट्रपति के करीबी है. इसके अलावा ट्रंप ने क्यूबा, और कोलंबिया को भी धमकाया है और एक्शन लेने की बात कही है. ये दोनों देश भी रूस के साथ अच्छे संबंध रखते हैं.
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा, “रूस, क्यूबा के संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करने के दृढ़ संकल्प के साथ एकजुटता से खड़ा है.”
पुतिन ने लैटिन अमेरिकी देशों का नाम लेकर कहा, “मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि रूस ने लैटिन अमेरिका के कई देशों के साथ लंबे समय से घनिष्ठ और रचनात्मक संबंध बनाए रखे हैं, और इस क्षेत्र के राज्यों को समान, संप्रभु साझेदार मानते हुए उनका पूर्ण सम्मान किया है.”
ईरान भी रूस का करीबी मित्र देश है. रूस, ईरान को हथियार मुहैया कराता है और हमेशा से उसके साथ खड़ा रहा है.
इसके अलावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कही है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को रूस और चीन से खतरा बताया है.

