लगातार अपना बौद्धिक स्तर खोते जा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. वैश्विक मंच हो या फिर उनका ओवल ऑफिस ट्रंप दो राष्ट्राध्यक्षों की बातचीत तो नमक मिर्च लगाकर मसालेदार बनाकर पेश करके खुद को सर्वोच्च दिखाने की कोशिश करते हैं.
इसी कतार ने ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मजाक उड़ाया है. मैक्रों की नकल करते हुए कहा कि टैरिफ पर मैक्रों गिड़गिड़ाने लगे और प्लीज सर, प्लीज सर करने लगे. ट्रंप ने वैश्विक नेताओं की खिल्ली उड़ाते हुए कहा, कि विश्व के सारे नेता उनसे ऐसे ही प्लीज,प्लीज करते हैं.
कुछ दिन पहले अमेरिका के एक बड़े मनोवैज्ञानिक ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से पीड़ित है. नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जिसमें इंसाफ को खुद की तारीफ, चापलूसी पसंद आती है, साथ ही दूसरे का अपमान करने या नीचा दिखाना उसे अच्छा लगता है. ट्रंप की दूसरे वैश्विक नेताओं का मखौल उड़ाने से मनोवैज्ञानिक का दावा एक बार फिर सच साबित हुआ है.
मैक्रो मेरे सामने गिड़गिड़ाने लगे, प्लीज मत बताना: ट्रंप
ट्रंप ने फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों का मजाक उड़ाते हुए दावा किया कि अमेरिकी टैरिफ की धमकी के बाद फ्रांस सरकार को प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा.
ट्रंप ने मैक्रों की नकल उतारते हुए कहा, “डोनाल्ड, आपके पास एक डील है. मैं दवाओं की कीमतें 200 फीसदी या जितनी आप चाहें उतनी बढ़ाना चाहूंगा. यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी. लेकिन प्लीज सर, प्लीज इसे जनता को मत बताना. मैं आपसे गुजारिश करता हूं.”
ट्रंप ने कहा, “हर देश ने पहले यही कहा- नहीं, नहीं, हम ऐसा नहीं करेंगे. कुछ देश सख्त होते हैं, कुछ बहुत विनम्र और कुछ बेहद बदतमीज. लेकिन बाद में सबको मेरी बात माननी पड़ती है.”
अमेरिका के बिना नाटो देश शून्य, रूस-चीन कोई नहीं डरेगा: ट्रंप
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने नाटो का भी मजाक उड़ाया है और कहा के अगर अमेरिका न हो तो नाटो को कोई पूछेगा नहीं. ट्रंप ने दावा किया कि उनके बिना नाटो अपना बिल तक नहीं भर रहा था.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना नाटो का कोई महत्व नहीं, क्योंकि यूएस के बिना चीन-रूस जैसे देशों के मन में नाटो का कोई डर नहीं है.
ट्रंप ने लिखा, “नाटो के बड़े प्रशंसकों को याद रखना चाहिए कि मेरे आने से पहले सदस्य देश जीडीपी का सिर्फ 2% रक्षा पर खर्च करते थे और ज्यादातर अपना बिल नहीं चुकाते थे. अमेरिका मूर्खतापूर्ण तरीके से उनका खर्च उठा रहा था.”
ट्रंप ने नोबल प्राइज़ न मिलने पर नाटो देश नार्वे पर भड़ास निकालते हुए कहा, “अमेरिका के दखल के बिना रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता. नाटो सदस्य नॉर्वे ने उन्हें इसके लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया. अमेरिका हमेशा नाटो की मदद के लिए खड़ा रहेगा, लेकिन जब अमेरिका को मदद की जरूरत होगी तो यही नाटो हमारी मदद नहीं करेगा.”

