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काश! पाकिस्तान को सदबुद्धि आ जाए, मोदी ने बताया वैश्विक आतंकवाद का एपीसेंटर

बलूचिस्तान में एक बाद एक हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा है. मोदी ने साफ कहा कि आज पूरी दुनिया जान गई है कि आतंकवाद का ‘एपीसेंटर’ कहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया में कही भी कोई आतंकी घटना घटती है तो उसका ‘सूत्र’ पाकिस्तान में मिलता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 9/11 हमला, आतंकवाद की कितनी बड़ी घटना थी, उसका मुख्य सूत्रधार ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में जाकर मिला. ऐसे में दुनिया पहचान गई है कि आतंकवादी मानसिकता, भारत ही नहीं दुनिया भर के लिए परेशानी का केंद्र बन चुका है.

हमारी शांति की कोशिशों का जवाब हमेशा दुश्मनी और विश्वासघात से मिला

एक विदेशी पॉडकास्ट में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने लंबे समय से संजीदगी से शांति की कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान ‘प्रॉक्सी-वॉर’ में जुटा हुआ है और आतंकियों को ‘एक्सपोर्ट’ करने में जुटा है. वर्ष 2014 में अपने शपथ-ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री (नवाज शरीफ) को आमंत्रित करने से लेकर लाहौर दौरे (2015) का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि हमारी शांति की कोशिशों का हमेशा से पाकिस्तान की तरफ से दुश्मनी और विश्वासघात से हुआ है.

पाकिस्तान के लोग भी शांति चाहते हैं: मोदी

मोदी ने कहा, “मेरा मानना है कि पाकिस्तान के लोग भी शांति चाहते हैं क्योंकि वे भी संघर्ष, अशांति और निरंतर आतंक में रहते हुए थक गए होंगे. उस देश को देखिए जहां मासूम बच्चे भी मारे जाते हैं और अनगिनत जिंदगियां बर्बाद हो जाती हैं.” पीएम ने कहा कि “हम पूरी उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान को सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का मार्ग अपनाएगा.”

मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की ‘स्टेट स्पॉन्सर टेररिज्म’ की नीति है और सब कुछ आतंकवादियों की हाथों में छोड़ दिया है. (https://x.com/MrSinha_/status/1901251266543812844)

पिछले पांच दिनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दो बड़े हमले हुए हैं. बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सैनिक और आईएसआई के अधिकारियों से भरी पूरी ट्रेन को हाईजैक कर लिया है. बीएलए ने ट्रेन में सवार सभी 214 यात्रियों को मौत के घाट उतारने का दावा किया है.

रविवार को बीएलए ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर आत्मघाती हमला कर 90 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है. हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने मारे गए सैनिकों की संख्या कम बताई है.

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान, आतंकवाद से ग्रस्त दूसरा सबसे बड़ा देश

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (जीटीआई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में पाकिस्तान में 1091 आतंकी घटनाएं सामने आई. इन आतंकी घटनाओं में 1081 लोगों की मौत हुई और 1548 घायल हुए.

जीटीआई इंडेक्स के मुताबिक, पिछले पांच सालों से पाकिस्तान में आतंकी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. 2023 के मुकाबले ही पाकिस्तान में 100 प्रतिशत से ज्यादा आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई. 2023 में पाकिस्तान में कुल 517 आतंकी घटनाएं सामने आई थी.

जीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे ज्यादा आतंकी घटनाएं सामने आई. बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) इन घटनाओं के पीछे था तो केपी में तहरीक ए तालिबान (पाकिस्तान). दोनों की आतंकी घटनाओं में हिस्सेदारी लगभग 50-50 प्रतिशत के करीब रही.

टीएफए इन्वेस्टीगेशन में पकड़ा गया पाकिस्तानी आंकड़ों का झूठ

टीएफए ने ओपन-सोर्स यानी से जो जानकारी इकठ्ठा की, उसके मुताबिक, पिछले साल (2024) में पाकिस्तान में कुल 1166 आतंकी घटनाएं सामने आई. इन घटनाओं में 2546 लोगों की जान गई और 2267 घायल हुए. ऐसे में कुल हताहत होने वाले पाकिस्तानी नागरिकों का आंकड़ा 4813 था.

साफ है कि पाकिस्तानी, दुनिया से आतंकी घटनाओं से जुड़े आंकड़ों को छिपाने में जुटा है. ठीक वैसे ही जैसे बलूचिस्तान में हालिया ट्रेन हाईजैकिंग घटना में सामने आया है. (फेल-स्टेट पाकिस्तान ने छिपाया मुंह, आतंकी हमलों के आंकड़ों में की भारी फेरबदल)

बंटवारे का दर्द साझा किया पीएम ने

पोडकॉस्ट में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बटंवारे (1947) का जिक्र करते हुए कहा कि “हम सीने पर पत्थर रहकर जीना चाहते थे, लेकिन पाकिस्तान ने भारत का धन्यवाद करने और शांति से रहने के बजाए संघर्ष का रास्ता चुना. लाखों लोग कत्लेआम में मारे गए. पाकिस्तान से ट्रेनें भर-भरकर लाशें आने लगीं. बहुत डरावने दृश्य थे.”