By Nalini Tewari
चीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली मुलाकात से पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर लगाई है गुहार. जेलेंस्की और पीएम मोदी के बीच कॉल पर हुई बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति पर जोर दिया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने किया है और शांति बहाली के हर प्रयास में भारत की समर्थन की बात कही है. अगस्त महीने में जेलेंस्की और मोदी के बीच दूसरी बार बातचीत हुई है.
रूस-यूक्रेन के बीच शांति बहाली पर भारत ने दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल साइट एक्स पर लिखा, “हमने चल रहे संघर्ष, उसके मानवीय पहलू और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. भारत इस दिशा में सभी प्रयासों को पूर्ण समर्थन देता है.”
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी करके कहा, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेन संघर्ष से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति जेलेंस्की का धन्यवाद किया और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान तथा शांति की शीघ्र बहाली के प्रयासों के प्रति भारत के दृढ़ और सतत रुख की पुष्टि की. प्रधानमंत्री ने इस संबंध में हर संभव सहयोग देने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई.”
पीएमओ ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की नेताओं ने भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय साझेदारी में प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने “पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने” के तरीकों पर चर्चा की. वे संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए.
दो सप्ताह बाद भी रूस की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं- जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक्स पोस्ट में पीएम मोदी से की गई बातचीत साझा की गई है. जेलेंस्की ने लिखा, मैंने वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ यूरोपीय नेताओं की भागीदारी वाली बातचीत के बारे में जानकारी दी. यह एक उपयोगी और महत्वपूर्ण बातचीत थी, जिसमें वास्तविक शांति कैसे प्राप्त की जाए, इस पर साझेदारों के बीच एक साझा दृष्टिकोण सामने आया. यूक्रेन ने रूस के प्रमुख के साथ बैठक के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की.
लगभग दो हफ्ते बीत चुके हैं, और इस दौरान, जब रूस को कूटनीति की तैयारी करनी चाहिए थी, मास्को ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है. केवल नागरिक ठिकानों पर निंदनीय हमले किए हैं और हमारे दर्जनों लोगों को मार डाला है. मैं प्रधानमंत्री को पीड़ितों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति उनकी संवेदना के लिए धन्यवाद देता हूं.
एससीओ की बैठक से इतर रूस से बातचीत को तैयार भारत: जेलेंस्की
जेलेंस्की ने लिखा, “हमने शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन से पहले अपनी स्थिति का समन्वय किया. इस युद्ध का अंत तत्काल युद्धविराम और आवश्यक शांति से होना चाहिए, इस स्थिति को सभी समझते हैं और इसका समर्थन करते हैं. जब हमारे शहर और समुदाय लगातार गोलाबारी के अधीन हैं, तो शांति के बारे में सार्थक बात करना असंभव है. भारत आवश्यक प्रयास करने और शिखर सम्मेलन से इतर बैठकों के दौरान रूस और अन्य नेताओं को उचित संकेत देने के लिए तैयार है.”
चीन में पुतिन-मोदी के बीच होगी द्विपक्षीय वार्ता
सम्मेलन के दौरान पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की अलग से द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम है. इस बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष, द्विपक्षीय व्यापार, टैरिफ जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी.
रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में अमेरिका नाकाम है. ऐसे में यूरोप के कई देशों तो मानना है कि शांति प्रयासों में भारत अहम भूमिका निभा सकता है. खुद यूक्रेन हो या रूस का भी मानना है कि भारत की मध्यस्थता से युद्ध रोका जा सकता है.
इस साल पुतिन और जेलेंस्की दोनों की भारत यात्रा प्रस्तावित है. पीएम मोदी दोनों नेताओं से अलग-अलग समय पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.