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मिट्टी में मिले 100 से ज्यादा आतंकी, सेना ने सुनाई शौर्य गाथा

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर हो रही सियासत के बीच भारतीय सेना ने सुनाई है ऑपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा. सेना के डीजीएमओ ने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में पल रहे जैश और लश्कर की कमर तोड़ दी गई. कैसे की गई प्लानिंग, क्या थी रणनीति सेना के अधिकारियों ने रविवार को खुलकर बातचीत की.

भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने सोमवार को पाकिस्तान के साथ होने वाली बातचीत से पहले खुलासा किया है कि भारत की एयरस्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं, जिसमें कई शीर्ष कमांडर और वांटेड आतंकवादी थे. 

पुलवामा और कंधार विमान के आतंकी ढेर किए गए: डीजीएमओ

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एयर मार्शल ए.के भारती, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, मेजर जनरल एस.एस. शर्मा और डीजीएनओ वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने प्रेस ब्रीफिंग की.

डीजीएमओ राजीव घई ने उन आतंकियों के नाम का औपचारिक तौर पर खुलासा किया, जो भारत के एयरस्ट्राइक में मारे गए. डीजीएमओ ने बताया कि “मारे गए आतंकियों में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे कुख्यात आतंकवादी शामिल हैं, जो आईसी-814 विमान अपहरण और पुलवामा आतंकी हमले जैसे मामलों में शामिल थे. आतंकी कैंप पर अटैक करने की भारतीय वायुसेना की कार्रवाई सर्जिकल, सटीक और पूरी तरह योजनाबद्ध थी.”

आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई ही जवाब होगा:डीजीएमओ

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने पहलगाम नरसंहार को याद करते हुए कहा, “आप सभी उस क्रूरता से परिचित हैं जिसमें 22 अप्रैल को 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी. हमारी सेना ने तय कर लिया था कि भारत को अब आतंकवाद के खिलाफ एक और कड़ा संदेश देना है. ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंक के मास्टरमाइंड्स और उनके बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था. भारत का यह संदेश साफ है कि आतंकवाद के खिलाफ अब केवल बयान नहीं, सैन्य कार्रवाई ही जवाब होगा.”

पाकिस्तान के फाइटर जेट्स हमने गिराए, एयरबेस को ध्वस्त किया:डीजीएमओ

डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि “पाकिस्तान आर्मी और एयरफोर्स ने हमारी सीमा में घुसपैठ नहीं की. हमने जो टारगेट चुना, उसे जितना नुकसान पहुंचाने की योजना थी, उतना ही पहुंचाया. हमारा काम टारगेट हिट करना था, ये देखना नहीं कि कितने मारे गए. हमारे सारे पायलट सुरक्षित हैं और लौट आए हैं. ⁠पाकिस्तान के कई फाइटर जेट हमने गिराए हैं. इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हमले की मुख्य भूमिका निभाई, जबकि भारतीय नौसेना ने मिशन के लिए सटीक हथियार प्रणाली उपलब्ध करवाई. वायुसेना के लड़ाकू विमान आसमान में तैनात रहे और अभियान के दौरान वास्तविक समय की निगरानी और लक्ष्य निर्धारण किया गया.

हमलों के दौरान पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन की भी कोशिश की गई. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया घबराहट और असमंजस से भरी हुई थी. उसने गांवों, धार्मिक स्थलों और गुरुद्वारों को निशाना बनाकर यह साबित किया कि उसकी प्रतिक्रिया बिना दिशा के थी, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई.”

पाकिस्तानी गोलीबारी में हमारे 5 सैनिकों को वीरगति मिली:डीजीएमओ

डीजीएमओ के मुताबिक, “ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी सेना के 35 से 40 सैनिक और अफसर मारे गए. बॉर्डर और एलओसी पर हुई पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में हमारे 5 जवान शहीद हुए हैं. लाहौर और गुजरांवाला स्थित रडार सिस्टम को हमारी सेना ने गिराया. हम उन्हें ये बताना चाहते थे कि उनके मिलिट्री ठिकाने हमारी पहुंच से दूर नहीं थे. हमारे पास उनके हर बेस पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की क्षमता है. हम चाहते हैं कि हमारे शत्रु आगे तनाव बढ़ाने की कोशिश ना करें.”

जिन खूंखार आतंकियों को मिट्टी में मिलाया गया, जिनकी मौत पर रोने लगी पाकिस्तानी सेना और आईएसआई

1.ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों में सबसे बड़ा नाम है यूसुफ अजहर का. यूसुफ अजहर आईसी-814 अपहरण मामले का मास्टरमाइंड था. यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद के लिए हथियार प्रशिक्षण का काम करता था और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल था. जैश ए मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के बाद दूसरे नंबर पर यूसुफ अजहर ही था. 

2.यूसुफ अजहर के अलाव अब्दुल रऊफ अजहर को ढेर किया गया. अब्दुल रऊफ, मसूद अजहर का छोटा भाई है और भारत के कई आतंकी हमलों में वांटेड था. अजहर ने इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी 814 के अपहरण की साजिश रची थी. 24 दिसंबर, 1999 को पांच नकाबपोश आतंकवादियों ने दिल्ली जाने वाले विमान का अपहरण कर लिया. यात्रियों को छोड़ने के बदले अहमद उमर सईद शेख, मुश्ताक जरगर और मसूद अजहर को भारतीय सरकार को छोड़ना पड़ा था. अब खुले आम पीओके में आतंकी टेरर कैंप चलाता था और आतंकियों को ट्रेनिंग देता था.

3.तीसरा बड़ा आतंकी जिसे वायुसेना ने मार गिराया उसमें अहमद उमर सईद शेख शामिल था. अहमद उमर सईद शेख वो आतंकी है, जिसे कंथार हाईजैक में यात्रियों के बदले छोड़ा गया था. उमर शेख पाकिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका के पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या में शामिल था.

4.वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर में जिन 9 आतंकी कैंप पर अटैक किया उसमें मुदासिर अहमद भी मारा गया है. मुदासिर अहमद पुलवामा हमले सहित कई आतंकी हमले में शामिल था.

डीजीएमओ ने अपनी प्रेसकॉन्फ्रेंस में ये भी कहा कि “पहलगाम नरसंहार के बाद भारत के प्रतिशोध के डर से कई आतंकी कैंप से फरार हो गए. लेकिन खुफिया तंत्रों को सक्रिय करने के बाद सिर्फ उन कैंप पर टारगेट किया जहां आतंकी छिपे हुए थे. हमारी लड़ाई आतंकियों के खिलाफ है, पाकिस्तान के आर्मी बेस हमारा टारगेट नहीं था, लेकिन पाकिस्तान ने हमें सैन्य ठिकानों पर एक्शन लेने के लिए मजबूर किया.”

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