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कराची पोर्ट तबाह करने वाली थी नौसेना, बड़ा खुलासा

पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने के लिए सिर्फ थल सेना या वायुसेना ही नहीं तैयारी थी, बल्कि नौसेना भी पूरी तरह से तैयार थी. एक इशारा मिलता तो भारतीय नौसेना कराची पोर्ट को कर देती तबाह. ये खुलासा किया है डायरेक्टर जनरल ऑफ नेवल ऑपरेशन (डीजीएनओ) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने.

रविवार को डीजीएनओ ने बताया कि भारतीय नौसेना 9 मई की रात पाकिस्तान की समुद्री सीमा में उसके सैन्य प्रतिष्ठानों, कराची बंदरगाह सहित उसकी जमीन पर चुनिंदा लक्ष्यों को निशाना बनाने और उन्हें ध्वस्त करने के लिए कमर कस चुकी थी. 

नौसेना को था इशारे का इंतजार, पाकिस्तान में मच जाती तबाही

तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेसकॉन्फ्रेंस में वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि “भारतीय नौसेना कोई भी एक्शन लेने के लिए लिए पूरी तरह सक्षम है. डीजीएनओ ने बताया कि 9 मई को पाकिस्तान ने ड्रोन अटैक शुरु किए तो अरब सागर में नेवी हाईअलर्ट थी. नौसेना 9 मई की रात पाकिस्तान की समुद्री सरहद में घुसकर उनके सैन्य ठिकानों और कराची बंदरगाह जैसे बड़े ठिकानों को तबाह करने के लिए पूरी तरह से तैयार थी. नौसेना को सिर्फ सरकार के आदेस का इंतजार था.”

अरब सागर में निर्णायक कार्रवाई के लिए तत्पर थी नौसेना: डीजीएनओ

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा, “22 अप्रैल को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर किए गए कायरतापूर्ण हमलों के बाद, भारतीय नौसेना ने अपने जवानों, युद्ध पोतों, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों को तुरंत पूर्ण युद्ध तत्परता के साथ समुद्र में तैनात कर दिया था.

वाइस एडमिरल के मुकाबिक, “हमने आतंकवादी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में अपने हथियारों और जंगी जहाजों की तैयारियों को परखा और हमारे बल उत्तरी अरब सागर में दुश्मन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी पूरी तत्परता और क्षमता के साथ तैनात रहे, ताकि हमारे द्वारा चुने गए समय पर कराची सहित समुद्र और जमीन पर दुश्मन के चुनिंदा लक्ष्यों पर हमला किया जा सके.”

नौसेना ने पाकिस्तानी नेवी को रोक कर रखा: वाइस एडमिरल 

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया, “इंडियन नेवी ने पाकिस्तान की नौसेना और उसके एरियल यूनिट को रक्षात्मक मुद्रा में रहने के लिए बाध्य किया, जो कि ज्यादातर बंदरगाहों के अंदर या तट के बहुत करीब थी, जिस पर हमने लगातार नजर रखी. हमारी प्रतिक्रिया पहले दिन से ही नपी-तुली, जिम्मेदार रही है. भारतीय नौसेना पाकिस्तान की किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का निर्णायक ढंग से जवाब देने के लिए समुद्र में तैनात है.”

तनातनी बढ़ते ही आईएनएस विक्रांत को उतारा गया था

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों से बदला लेने की रणनीति के तहत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक के बाद नेवी सतर्क थी. नेवी ने अपने जंगी बेड़े आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात कर दिया था. इसके अलावा नेवी चीफ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी लगातार पीएमओ के संपर्क में थे. ऑपरेशन सिंदूर के पहले नेवी चीफ ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी और एक घंटे से ज्यादा तक चली इस मीटिंग में नेवी की प्लानिंग पर समीक्षा की गई थी.

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