पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पाकिस्तान के झेलम में दीना पंजाब यूनिवर्सिटी के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसनी शुरु हो गई. लश्कर ए तैयबा के आतंकियों और सादी वर्दी में पाकिस्तानी सेना की सिक्योरिटी के सामने भारत को मोस्टवांटेड आतंकी को गोली मारी दी गई. पाकिस्तान में बड़ी ही तेजी से ये खबर फैली कि मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड और लश्कर चीफ हाफिज सईद मारा गया.
माना जा रहा है कि हाफिज सईद घायल है रावलपिंडी के मिलिटरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मारा जाने वाला आतंकी हाफिज नहीं बल्कि उसका राइड हैंड अबू कताल था. अबू कताल भी वो आतंकी है, जो भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) की लिस्ट में मोस्ट वांटेड है. हाफिज के इशाके पर कताल, जम्मू-कश्मीर में रियासी बस अटैक और राजौरी टारगेट किलिंग जैसी कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है.
गोलीबारी में घायल हुआ आतंकी सरगना हाफिज सईद
बताया जा रहा है कि हमले के वक्त, हाफिज सईद पाकिस्तानी सेना के कोर कमांडर से मुलाकात के बाद वापस लौट रहा था. इस दौरान अज्ञात शूटर्स ने हाफिज के काफिले पर अटैक कर दिया. हाफिज को गोली लगी, लेकिन उसका भजीता अबू कताल मारा गया. पाकिस्तानी मीडिया में ये खबरें भी चल रही थी कि अबू कताल के साथ हाफिज सईद भी मारा गया. लेकिन बाद में बताया गया कि हाफिज सईद अभी जिंदा है. गोलीबारी में घायल हाफिज का इलाज चल रहा है, जो मरा है, वो सिर्फ अबू कताल उर्फ कतील सिंधी है.
मारा गया हाफिज का हमराज, एनआईए का था वांटेड
हाफिज सईद के करीबी आतंकी अबू कताल की दो अज्ञात लोगों ने उस वक्त हत्या कर दी, जब वो हाफिज सईद के साथ अपनी गाड़ी में मौजूद था. अबू कताल वो आतंकी है, जो ढांगरी, राजौरी और रियासी बस हमले का साजिशकर्ता था. हाफिज सईद ने ही अबू कताल को लश्कर का चीफ ऑपरेशनल कमांडर बनाया था. हाफिज सईद के इशारे पर अबू कताल कश्मीर में बड़े हमलों को अंजाम देता था.
अबू कताल उस वक्त चर्चा में दोबारा आया था, जब पिछले साल जून में जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शिव खोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हमला हुआ था. जनवरी 2023 में राजौरी में टारगेट किलिंग के मामले में भी एनआईए ने अबू कताल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
मुंबई हमले का मुख्य आरोपी है हाफिज सईद
मुंबई के 26-11 आतंकी हमले में हाफिज सईद मुख्य आरोपी है. पाकिस्तान में फल-फूल रहे इन वैश्विक आतंकियों को लेकर पाकिस्तान की बड़ी फजीहत हुई है. अंतरराष्ट्रीय दबाव और एफटीएफ को लेकर लश्कर जैसे पाकिस्तानी आतंकियों ने अपना नाम बदल लिया है. ऐसे में कभी राजनीतिक या फिर सामाजिक संगठन का नाम लेकर लश्कर ऑपरेट कर रहा है.
हमास की मदद से जिंदा करना चाहते हैं लश्कर को
कश्मीर में एक बार फिर आतंकवाद को जिंदा करने के लिए लश्कर और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने हाल ही में पीओके के रावलकोट मे एक रैली का आयोजन किया था. इस रैली में आतंकी संगठन हमास के रहनुमाओं को भी आमंत्रित किया गया था.
पिछले महीने ही हाफिज सईद के बहनोई की भी अज्ञात हमलावरों ने की थी हत्या
मौलाना कासिफ अली, लश्कर ए तैयबा के राजनीतिक विंग पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग का मुखिया था. खैबर पख्तूनख्वा की स्वाबी इलाके में कासिफ अली की हत्या कर दी गई थी. मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हत्यारे कासिफ के घर पहुंच थे. जैसे ही कासिफ घर से बाहर निकाल, दोनों अज्ञात हमलावरों ने उसपर गोलियां दाग दी. कासिफ अली, हाफिज सईद का बहनोई था.