नाइजीरियाई हथियारबंद ग्रुप ने सीधे अमेरिका को दी है चुनौती. हाल ही अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में ईसाईयों को बचाने के लिए एक एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया था. लेकिन अब नाइजीरिया में ईसाईयों से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है.
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने भीषण हमला करते हुए तीन चर्चों से 150 से ज्यादा लोगों का अपहरण कर लिया है. चर्च के अंदर हथियारबंद लोगों के आने और हथियार के बल पर 150 से ज्यादा लोगों को किडनैप किए जाने के बात हड़कंप मच गया है. इतनी बड़ी संख्या में चर्च के अंदर से लोगों की किडनैपिंग के बाद इलाके में दहशत है.
03 चर्च पर हमला, इलाके में दहशत
नाइजीरिया के कडुना इलाके के तीन अलग-अलग चर्च पर हमला हुआ है. यह हमला काजुरू क्षेत्र के कुरमिन वाली समुदाय में उस वक्त हुआ, जब चर्चों में प्रार्थना सभा चल रही थी. हमलावरों ने इवेंजेलिकल चर्च विनिंग ऑल, चेरुबिम एंड सेराफिम और एक कैथोलिक चर्च को निशाना बनाया.
स्थानीय सांसद के मुताबिक, शुरुआत में 177 लोग लापता थे, जिसमें से 11 लोगों को छोड़ दिया गया. जबकि 160 से ज्यादा लोग अब भी हमलावरों के कब्जे में हैं.
स्थानीय सांसद स्टिंगो ने कहा कि हमलावर भारी तादाद में हथियारों से लैस थे. कई लोग जान बचाने के लिए जंगल में भाग गए. वहीं अगवा किए लोगों को हथियारबंद समूह कहां ले गया है. ये नहीं पता चला है.
25 दिसंबर को अमेरिका ने की थी नाइजीरिया में एयरस्ट्राइक
नाइजीरिया में ईसाईयों को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने जबर्दस्त एयरस्ट्राइक की थी. अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के उन आतंकवादियों को टारगेट किया जो ईसाईयों को टारगेट कर रहे थे. यूएस की ये सैन्य कार्रवाई नाइजीरिया सरकार के सहयोग से की गई. यह कार्रवाई नौसेना के एक युद्धपोत से दागी गई दर्जनभर से ज्यादा टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों के जरिए की गई.
दरअसल पिछले कुछ महीनों में नाइजीरिया में ईसाईयों का कत्ल किया जा रहा था. जिसके बाद ट्रंप ने एयरस्ट्राइक के निर्देश दिए थे.
ट्रंप ने आरोप लगाया कि “नाइजीरिया में आईएसआईएस आतंकी लंबे समय से ईसाइयों को निशाना बनाकर बेरहमी से हत्या कर रहा है और अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.’
नाइजीरिया में इस साल 7000 से ज्यादा ईसाईयों की मौत
चौंकाने वाला आंकड़ा ये है कि पिछले कुछ महीनों में नाइजीरिया में 7,000 से ज्यादा ईसाइयों की हत्या धार्मिक हिंसा में हुई है. इन हत्याओं के लिए बोको हराम, आईएसआईएस वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (आईएसडब्ल्यूएपी) और फुलानी चरमपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया गया है.
अमेरिका ने हाल ही में इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत नाइजीरिया को ‘खास चिंता वाला देश’ घोषित किया था. आपको बता दें कि नाइजीरिया की 22 करोड़ आबादी में लगभग बराबर की संख्या में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं. नाइजीरिया में लंबे समय से बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों के हमले कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में ईसाईयों की मौत हो रही है.

