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भगोड़े जाकिर नाइक की मेहमान-नवाजी में जुटा पाकिस्तान

भारत के कट्टरपंथी भगोड़े जाकिर नाईक को पाकिस्तान ने अपना मेहमान बनाया है. वो भी एक-दो दिन के लिए नहीं बल्कि पूरे एक महीने के लिए. भारत में जाकिर पर मनी-लॉन्ड्रिंग और नफरत फैलाने का आरोप है.

जाकिर नाईक हमेशा से भारत के खिलाफ जहर उगलता रहा है. सोमवार को इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर खुद शहबाज शरीफ के मंत्री ने जाकिर नाईक को रिसीव किया. जाकिर नाईक पाकिस्तान के कराची और लाहौर में अपना लेक्चर देगा.

भगोड़े जाकिर नाईक ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पाकिस्तान यात्रा की घोषणा की थी, जिसमें उसने पाकिस्तान में सार्वजनिक लेक्चर के बारे में जानकारी दी थी. नाईक का पहला लेक्चर 5 अक्टूबर को कराची में होगा. (https://x.com/thehawkeyex/status/1840672117857059209)

जाकिर नाईक उस वक्त सुर्खियों में आया था जब बांग्लादेश में बम धमाकों में नाम आया था. जिस शख्स ने धमाका किया था वो जाकिर नाइक के भाषण सुनता था और प्रभावित था. जाकिर नाईक का नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की तो जाकिर नाइक की एक-एक करतूत खुलने लगी. भारत के मुंबई में पैदा हुआ जाकिर नाइक लंबे समय से इस्लामिक उपदेश देता रहा है. खुले आम टीवी पर दूसरे धर्म के लोगों को इस्लाम में शामिल कराता रहा है. मुंबई में केस दर्ज होने के बाद जाकिर नाईक भागकर मलेशिया भाग गया. साल 2016 से ही जाकिर नाईक मलेशिया में है.

विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाइक साल 2017 से मलेशिया में है. नाइक को कई बार पीएम इब्राहिम के साथ देखा गया है, दोनों की कई तस्वीरें भी वायरल हुई हैं. नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई गंभीर केस दर्ज हैं. कोर्ट ने जाकिर को भगोड़ा घोषित किया हुआ है.

पिछले महीने जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर बिन इब्राहिम राजधानी दिल्ली के दौरे पर आए थे, तब ऐसे कयास लगाए गए थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जाकिर नाइक के बारे में चर्चा हुई थी.

 साल 2019 में भी ऐसी खबरें आई थी कि पीएम मोदी ने तत्कालीन मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के साथ जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था. रूस में एक सम्मेलन के मौके पीएम मोदी और महातिर की मुलाकात हुई थी. लेकिन जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की वो मांग ठंडे बस्ते में चली गई.

 मलेशियाई पीएम के राजधानी दिल्ली के दौरे के दौरान दिए बयान पर गौर किया जाए तो ऐसा लगा था कि जाकिर के मुद्दे पर बात हुई है. क्योंकि मलेशियाई पीएम ने अपने बयान में कहा था कि “हमने संवेदनशील मुद्दों पर सच्चे भाई के रूप में चर्चा की है. कई मुद्दों पर पीएम मोदी ने दयालुता पूर्वक उल्लेख किया है.” तो क्या वो संवेदनशील मुद्दा जाकिर नाइक से जुड़ा था.

नाइक पर भारत में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. कोर्ट ने जाकिर को भगोड़ा घोषित किया है. नाइक पर 193 करोड़ रुपये से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. गिरफ्तारी के डर से जाकिर मलेशिया भाग गया. नाइक के खिलाफ 2016 में एंटी-टेरर लॉ के तहत केस दर्ज किया गया था. भारत के भगोड़े जाकिर पर मलेशिया में भी अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का आरोप है. नाइक ने एक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसमें कहा था कि “मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुस्लिमों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं.”

कोशिशों के बावजूद, भारत जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण में कामयाब नहीं हो सका है क्योंकि खुद मलेशियाई पीएम की उस पर मेहरबानी है. वहीं अगर भारत-मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों की बात की जाए तो मलेशिया आसियान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है.

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