पाकिस्तानी आर्मी चीफ के मन में क्या चल रहा है. क्या पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के सैन्य तख्तापलट का वक्त आ गया है. क्या पाकिस्तानी आर्मी एक बार फिर अपने ही पसंदीदा पीएम के खिलाफ कोई प्लान कर रही है. ये सारे सवाल पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर के ताजा बयान से उठा है.
जब अपने सैनिक मरे, तो पाकिस्तान के आर्मी चीफ को हुआ आतंकवाद का अहसास. जब अपने सैनिकों को बीएलए विद्रोहियों ने बंधक बनाया तो पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने माना खूनखराबे में कुछ नहीं रखा. जब अपने सैनिक आर्मी छोड़-छोड़ कर विदेशों में बसने के लिए जा रहे हैं, तो पाकिस्तान के आर्मी चीफ की आंखे खुल रही हैं.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हो रहे हमलों से इस कदर आहत हैं कि वो मौलवियों से “इस्लामी चरमपंथियों” की गलत व्याख्याओं का पर्दाफाश करने की अपील कर रहे हैं और शहबाज शरीफ को कटघरे में खड़ा करते हुए कह रहे हैं कि शासन की असफलताओं की वजह से कितने लोगों की जान गंवाते रहेंगे?
कब तक अपने सैनिकों के खून से शासन का गैप भरते रहेंगे: असीम मुनीर
पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने लगातार हो रहे हमलों को लेकर शहबाज सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. जनरल असीम मुनीर ने मौजूदा शासन की कमियों और सुरक्षा बलों पर अटैक पर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि “हम शासन की असफलताओं की वजह से कितने लोगों की जान गंवाते रहेंगे? हम कब तक अपनी सेनाओं और शहीदों के खून से शासन के गैप को भरते रहेंगे? पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अपने ही देश की सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मौलवियों से “इस्लामी चरमपंथियों” की गलत व्याख्याओं का पर्दाफाश करने की अपील की है. जनरल मुनीर ने कहा, “यह लड़ाई सिर्फ वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए भी है.”
पाकिस्तान का अस्तित्व बचाने की जरूरत:पाकिस्तान आर्मी चीफ
बलोच विद्रोहियों के हाथों पिछले सप्ताह मुंह ही खाने के बाद बुरी तरह से बौखलाए हुए हैं आर्मी चीफ असीम मुनीर. जनरल मुनीर ने शहबाज सरकार को सुनाते हुए कहा है कि “पाकिस्तान को हार्ड स्टेट बनाने की जरूरत है. मौजूदा स्थिति न सिर्फ सैन्य प्रतिष्ठान की निराशा को दर्शाती है बल्कि यह देश की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाले सिस्टम संबंधी मुद्दों की ओर भी इशारा करती है.”
पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने बंद कमरे में शहबाज सरकार को खूब सुनाया
दरअसल मंगलवार को पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने एक बड़ी बैठक बुलाई थी, जो एक बंद कमरे में की गई. इस बैठक में पीएम शहबाज शरीफ से लेकर ज्यादातर पार्टियों के बड़े नेता मौजूद थे. स्पीकर अयाज सादिक ने प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के विद्रोहियों द्वारा 11 मार्च को एक ट्रेन के अपहरण की घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की बंद कमरे में हुई बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान आर्मी चीफ ने शहबाज सरकार की विफलताओं को गिनाया और सरकार को खूब सुनाते हुए कहा, कि अगर अब भी नहीं संभले तो पाकिस्तान के अस्तित्व पर खतरा है.