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वेनेजुएला जहाज को पुतिन ने दी सुरक्षा, अमेरिकी कमांडो पड़े पीछे

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी नियंत्रण की घोषणा के बाद रूस ने लिया है एक्शन. अमेरिकी कब्जे से अपने ऑयलशिप बचाने के लिए रूस ने वेनेजुएला के तट पर अपना सबमरीन भेज दिया है. जिसके बाद अमेरिका और रूस के बीच टकराव बढ़ गया है.

रूस ने वेनेजुएला के पास फंसे अपने एक पुराने तेल टैंकर को सुरक्षा देने के लिए सबमरीन और नौसैनिक संपत्तियां भेजी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह टैंकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव का नया केंद्र बन गया है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड पिछले दो हफ्तों से अटलांटिक महासागर में इस रूसी जहाज का पीछा कर रही है.  

बेला 1 टैंकर को वापस लाने पुतिन ने भेजी पनडुब्बी और नौसैनिक

वेनेजुएला में फंसा एक खाली टैंकर ट्रंप और पुतिन के बीच तनाव की वजह बन गया है. बेला 1 के नाम के टैंकर को जाना जाता था. बेला 1 वेनेजुएला में तेल लोड करने में विफल रहा और अब रूस की ओर बढ़ रहा है. 

बेला 1 पिछले दो हफ्तों से वेनेजुएला के पास प्रतिबंधित तेल टैंकरों की अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश कर रहा है. यह जहाज वेनेजुएला में पहुंचकर तेल लोड नहीं कर पाया.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वो इस ‘डार्क फ्लीट’ के जरिए होने वाले अवैध तेल व्यापार को रोकना चाहता है. रूस ने इसे वापस लाने के लिए एक पनडुब्बी सहित अन्य नौसैनिक संपत्ति भेजी है.

अमेरिका ने पीछा किया तो जहाज पर लहराया रूसी झंडा

बताया जा रहा है कि दिसंबर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नाकाम कर दिया. पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने जहाज पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया. 

अमेरिका का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. रूस ने अमेरिका से इस टैंकर का पीछा तुरंत बंद करने की मांग की है.

रूस-अमेरिका में बढ़ी तनातनी, रूसी विदेश मंत्रालय ने दिया बयान

मौजूदा वक्त में यह टैंकर आइसलैंड से 300 मील दक्षिण में उत्तर सागर की ओर बढ़ रहा है. 

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह टैंकर की स्थिति पर नजर रख रहा है. रूसी मीडिया की ओर से दावा किया गया है कि वो एक नागरिक जहाज है, जिसे अमेरिका टारगेट कर रहा है.

तो रूस को जवाब देते हुए अमेरिकी सेना के साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इस इलाके से गुजरने वाले प्रतिबंधित जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार हैं. 

ये तनातनी पिछले 2 सप्ताह से चल रही है. लेकिन अब जब वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका ने अपने नियंत्रण की बात कही है, उसके बाद से रूसी एक्शन तेज हो गया है.

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