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पुतिन ने भेजा पीएम मोदी को न्योता, विक्ट्री डे में बनेंगे मुख्य अतिथि

इस साल 9 मई को रूस के विक्ट्री डे परेड के मुख्य अतिथि बन सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ऑफिस क्रेमलिन के अधिकारियों ने पीएम मोदी के रूस के संभावित दौरे की पुष्टि की है.

बताया जा रहा है राष्ट्रपति पुतिन ने खुद पीएम मोदी को न्योता भेजा है और विक्ट्री डे में मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रित किया है. क्रेमलिन की ओर से पीएम मोदी के दौरे की बात कही गई है, लेकिन भारत ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

रूस के विक्ट्री डे के मुख्य अतिथि बन सकते हैं पीएम मोदी, रूस ने भेजा निमंत्रण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बेहद अच्छे दोस्त हैं. अलग-अलग कई मंचों पर पुतिन-मोदी का याराना और केमेस्ट्री देखने को मिली है. पुतिन तो यहां तक कह चुके हैं, कि पीएम मोदी को मेरी बातें समझने के लिए ट्रांसलेटर की कोई जरूरत नहीं है. भारत और रूस के बीच अच्छे रणनीतिक संबंध हैं.अगर पीएम मोदी रूस जाते हैं तो यह 2025 की उनकी पहली आधिकारिक रूस यात्रा होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2024 में दो बार रूस की यात्रा पर गए थे. पिछले साल जुलाई में पीएम मोदी का द्विपक्षीय दौरा था, जबकि अक्टूबर में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी रूस के कजान गए थे.

डोनाल्ड ट्रंप से मीटिंग के बाद पुतिन से मुलाकात, युद्ध समाप्ति पर होगी बात 

अगर पीएम मोदी रूस जाते हैं, तो पीएम मोदी की रूस दौरा इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि उन्होंने 13 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी. ट्रंप, रूस-यूक्रेन का युद्ध रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. सऊदी अरब में अमेरिका और रूसी प्रतिनिधिमंडल में एक राउंड की बातचीत भी हो चुकी है. लेकिन उस बातचीत में यूक्रेन को शामिल न किए जाने से यूरोपीय देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है. वहीं व्लादिमीर पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि युद्ध रोकने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है. इससे पहले कहा जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप, रूस के विक्ट्री डे के मुख्य अतिथि हो सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने ऐसे कयासों को गलत बताया था. 

इस साल पुतिन भी आ सकते हैं भारत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इस साल भारत का दौरा कर सकते हैं. भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली आ सकते हैं. भारत और रूस दोनों एक दूसरे के अच्छे रणनीतिक और सैन्य साझेदार हैं. युद्ध के दौरान भी जब रूस पर पश्चिमी देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, तो भारत ने अमेरिका (बाइडेन प्रशासन) के दबाव को दरकिनार करते हुए तेल खरीदकर रूस की मदद पहुंचाई है. साथ ही पीएम मोदी ही वो वैश्विक नेता हैं, जिन्होंने पुतिन को युद्ध और बुद्ध की बात करके शांति की अपील की थी.  

9 मई, रूस का विक्ट्री डे क्यों है खास?

रूस इस साल ‘ग्रेट पैट्रियटिक वॉर’ (1941-45) में जीत की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. 9 मई का दिन रूस के लिए ऐतिहासिक दिन है. यही वह दिन है, जब द्वितीय विश्व में उसकी जीत हुई थी. यह सेकेंड वर्ल्ड वॉर में जीत की वर्षगांठ है. 1945 में दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर दर्ज जीत के उपलक्ष्य में रूस हर साल 9 मई को अपना वार्षिक विजय दिवस यानी विक्‍ट्री डे मनाता है.

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