ईरान के रिजीम चेंज करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान ने एक तस्वीर के माध्यम से कटाक्ष किया है. अमेरिका के आर्मी चीफ रैंडी जार्ज समेत 03 टॉप सैन्य जनरल की तस्वीर शेयर करके लिखा, रिजीम चेंज.
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के निर्णायक मोड़ पर ट्रंप ने अपने आर्मी चीफ समेत 03 बड़े सैन्य अधिकारियों को हटा दिया है. बताया जा रहा है कि जिस तरह से ईरान ने अमेरिकी सेना को चुनौती दी और नुकसान पहुंचाया है, उससे ट्रंप बेहद नाखुश हैं. यही कारण है कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गुस्सा उतारते हुए आर्मी चीफ समेत सैन्य अधिकारियों की कुर्सी छीन ली.
वहीं मौजूदा वक्त में ट्रंप की लोकप्रियता तो घट ही रही है. ट्रंप के विवादित फैसलों से अमेरिकी लोगों में भी गुस्सा है. ट्रंप के कई मंत्रियों की भी कुर्सी खतरे में पड़ गई है. माना जा रहा है कि जल्द प्रशासन में फेरबदल किया जा सकता है.
इसी बात को पकड़कर ईरान की ओर से तस्वीर जमकर शेयर की जा रही है, और तीनों अधिकारियों को दिखाकर कहा जा रहा है सत्ता परिवर्तन.
ईरानी दूतावास ने ट्रंप के रिजीम चेंज पर किया कटाक्ष
साउथ अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें अमेरिकी सैन्य अधिकारी दिख रही हैं. ये तस्वीर किसी बैठक के दौरान ली गई लगती है. उस तस्वीर में कुछ चेहरों पर ईरानी दूतावास ने क्रॉस के निशान लगाते हुए लिखा, “रिजीम चेंज सफलतापूर्वक हो गया.”
साथ में ट्रंप का नारा मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) लिखा था और एक हंसने वाला इमोजी लगाया गया था. यानी ईरान का सीधा तंज था कि ट्रंप दूसरों के देशों में सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, और अब अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारकर अपने अधिकारियों को हटाने पर मजबूर हो गए हैं.
जिन सैन्य अधिकारियों पर ईरान ने क्रॉस का निशान लगाया उनमें वो आर्मी चीफ भी हैं, जिन्हें इसी सप्ताह ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच बर्खास्त कर दिया था.
ईरान में जमीनी लड़ाई के खिलाफ थे आर्मी चीफ
गुरुवार को अमेरिकी थल सेना के सबसे बड़े अफसर जनरल रैंडी जॉर्ज को अचानक हटा दिया गया. उनका कार्यकाल अभी एक साल से ज्यादा बाकी था. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से जारी आदेश के बाद रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया. बताया जा रहा है कि रैंडी जॉर्ज ईरान के साथ जारी जंग में ग्राउंड ऑपरेशन का विरोध कर रहे थे.
इससे पहले पीट हेगसेथ वायुसेना प्रमुख जनरल सीक्यू ब्राउन, नौसेना प्रमुख और वायुसेना के उप प्रमुख को भी हटा चुके हैं.
अमेरिकी अफसरों का हटाए जाने को अमेरिकी की कमजोरी का नाम दिया जाने लगा है. और दुनिया कह रही है कि ईरान ने अमेरिका के सुपरपावर इमेज को तगड़ा झटका दिया है.
खतरे में तुलसी गबार्ड और कॉमर्स सेक्रेटरी की कुर्सी
व्हाइट हाउस में इन दिनों हलचल तेज है. ईरान के साथ जारी युद्ध में पांच सप्ताह के अंदर ही अमेरिका में असर दिखने लगा है. कहा जा रहा है कि ट्रंप अपने प्रशासन में जल्द फेरबदल कर सकते हैं. वहीं नेशनल इंटेलिजेंस प्रमुख तुलसी गबार्ड की कुर्सी सबसे पहले खतरे में है. वजह है गबार्ड का ईरान को लेकर सीनेटर्स के सामने दिया गया वो बयान जिसमें उन्होंने बताया था कि ईरान परमाणु क्षमता से दूर है. हालांकि गबार्ड ने इसके पीछे तर्क दिया था कि पिछले साल ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर किए गए हमलों से कमर टूट चुकी है. लेकिन युद्ध के बीच दिया गया ये बयान ट्रंप को अखर रहा है. कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के काम से भी ट्रंप खुश नहीं हैं.
माना जा रहा है कि जल्द दोनों अधिकारियों को हटाया जा सकता है.

