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मादुरो को फौरन छोड़ो, चीन का अमेरिका को अल्टीमेटम

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से चीन भड़क गया है. चीन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को तुरंत रिहा किया जाए. चीन ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है.

शनिवार तड़के अमेरिका के युद्ध विभाग (पेंटागन) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद वेनेजुएला पर 150 लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर्स और ड्रोन से हमला किया था. इस दौरान अमेरिका के डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस के बेडरूम में धावा बोलते हुए उन्हें और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था. इस ऑपरेशन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने फ्लोरिडा के घर मार-ए-लागो से लाइव देखा था.

बिना देरी के मादुरो दंपति को रिहा करे अमेरिका: चीनी विदेश मंत्रालय

रूस के बाद चीन भी वेनेजुएला में अमेरिका के हमले पर विरोध किया है. चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि “अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन पकड़कर देश से बाहर ले जाना अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल नियमों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है. अमेरिका, मादुरो दंपति की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ले और उन्हें बिना किसी देरी के रिहा करे.”

अमेरिका ने ताकत का गलत इस्तेमाल किया: चीनी विदेश मंत्रालय

चीन ने वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को दबदबे वाला और ताकत के गलत इस्तेमाल का कदम बताया. चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका की यह कार्रवाई वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला है और इससे पूरे लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है.”

चीन ने अमेरिका को दो टूक शब्दों में कहा है कि, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे.

गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले चीनी राष्ट्रपति के विशेष दूत से मिले थे मादुरो

वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों से ठीक कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने चीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई मामलों के लिए विशेष दूत और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष प्रतिनिधि क्यू शियाओछी कर रहे थे. 

प्रतिनिधिमंडल में वेनेजुएला में चीन के राजदूत लान हू, चीनी विदेश मंत्रालय के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई विभाग के निदेशक लियू बो, उप निदेशक वांग हाओ और क्षेत्रीय अटैची लियू शेन शामिल थे. इस अहम बैठक में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं मादुरो

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता रहा है. चीन वेनेजुएला का एक प्रमुख निवेशक और कर्ज देने वाला देश भी है. चीन ने वेनेजुएला को तेल के बदले कर्ज के तहत अरबों डॉलर की मदद दी है.

राष्ट्रपति मादुरो, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बेहद करीबी माने जाते हैं. चीन आर्थिक तौर पर वेनेजुएला को मदद पहुंचाता रहा है तो रूस, वेनेजुएला को रक्षा क्षेत्र में मदद करता है. आधुनिक हथियार देता है. 

मादुरो की गिरफ्तारी पर रूस ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार, बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है.”

रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि “लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित अपने लक्ष्य के अनुसार शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए. वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है.”

संयुक्त राष्ट्र ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, यूएन चीफ ने जताई चिंता

इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि “इस तरह की कार्रवाई पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है.” गुटेरेस के प्रवक्ता स्टेफेन डुजारिक ने कहा कि “यह घटना एक खतरनाक मिसाल कायम करती है और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करना चाहिए.”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाने का फैसला किया है. यह मीटिंग सोमालिया की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8:30 बजे) होगी. इसका मुख्य एजेंडा है अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे. इसमें प्रमुखता से वेनेजुएला पर हुए हमले और मादुरो की गिरफ्तारी पर चर्चा की जाएगी.

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