मिडिल ईस्ट में किसी भी वक्त शुरु होने वाले युद्ध के बीच ईरान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो गया है रूस. जिस जगह अमेरिका का घातक युद्धपोत खड़ा है, उसके बेहद नजदीक पहुंच चुका है रूसी घातक पोत स्टेरेगुश्ची-क्लास कॉर्वेट स्टोइकी.
होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में ईरान के साथ रूस और चीन की नौसेना का युद्धभ्यास अमेरिका को चुनौती दे रहा है. मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026 नाम से हो रहे नेवी के युद्धाभ्यास को अमेरिका के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है.
अमेरिका को रूस का सीधा संदेश, ईरान संग युद्धाभ्यास से दिखाई आंख
रूस का खतरनाक युद्धपोत स्टेरेगुश्ची-क्लास कॉर्वेट ‘स्टोइकी’ ईरान के रणनीतिक नौसैनिक अड्डे बंदर अब्बास पहुंच चुका है. ये वो इलाका है, जहां पर ईरान को डराने के लिए अमेरिका ने एक नहीं दो-दो युद्धपोत भेजे हैं. अमेरिका ने बातचीत मनमुताबिक न होने के बाद सैन्य एक्शन लेने का इशारा कर दिया है.
अमेरिकी खतरे को भांपते हुए ईरान के पारंपरिक और करीबी दोस्त रूस ने ओमान की खाड़ी व उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र जो कि ईरान से ही लगा हुआ है, वहां संयुक्त युद्धाभ्यास किया है.
रणनीतिक क्षेत्र होर्मुज में रूस-ईरान के सैनिकों का जमावड़ा
तेहरान और वॉशिंगटन के बीच जिनेवा में हुई बातचीत के बाद ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में रूस-ईरान के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास हो रहा है. इस मिलिट्री ड्रिल पर अमेरिका की पैनी नजर है.
ईरान नेवी के प्रवक्ता रियर एडमिरल हसन मघसूदलू के मुताबिक, इस युद्धाभ्यास का मकसद समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और ईरान-रूस की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है.
इस युद्धाभ्यास की टाइमिंग ने इसका महत्व बढ़ा दिया है. ईरान के पास अमेरिका के घातक युद्धपोत तैनात हैं, साथ ही लड़ाकू विमानों को भी तैयार रखा गया है.
इस युद्धाभ्यास को ईरान की प्लानिंग के तौर पर देखा जा रहा है. अगर अमेरिका ने किसी भी तरह का एक्शन लिया, तो तेहरान की ओर से समंदर में तैनात सेना फौरन पलटवार करेगी.
पश्चिम ने लंबे समय से किया समंदर पर राज, अब जमाना बीत गया- पुतिन के सहायक
रूसी राष्ट्रपति के सहायक निकोलाय पैट्रुशेव ने वेस्ट पर तगड़ा प्रहार किया है. निकोलाय ने कहा, ये मैन्यूवर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं. पश्चिमी समुद्री वर्चस्व तो तोड़ने के लिए हम समुद्रों पर बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
पैट्रुशेव ने कहा, “पश्चिम ने लंबे समय तक समुद्रों पर राज किया, लेकिन अब उनकी यह स्थिति काफी हद तक बीते जमाने की बात हो गई है. समुद्र फिर से सैन्य आक्रामकता और गनबोट कूटनीति का मंच बन रहे हैं. वेनेजुएला और ईरान के आसपास हाल की घटनाएं देख लीजिए.”

