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युद्धक्षेत्र में महिला वॉर-कोरेस्पोंडेंट की मौत, रूस-यूक्रेन जंग में पत्रकारों के हताहत होने की लगातार बढ़ती संख्या

रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम की कोशिशों के बीच वॉर-जोन में पत्रकारों के हताहत होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. रूस के बेलगोरोड प्रांत में चैनल वन की महिला वॉर-कोरेस्पोंडेंट की रिपोर्टिंग करते वक्त मौत की खबर सामने आई है. घटना में साथी कैमरामैन भी घायल के होने की जानकारी भी सामने आई है. दो दिन पहले ही लुहांस्क में यूक्रेन के हिमार्स अटैक में रूस के दो जर्नलिस्ट सहित कुल तीन लोगों की जान चली गई थी.

जानकारी के मुताबिक, चैनल वन की महिला पत्रकार आना प्रोकोफिएवा अपने कैमरामैन के साथ बेलगोरोड में कार से रिपोर्टिंग के लिए वॉर जोन जा रही थी. उसी दौरान आना की कार एक लैंडमाइन (बारूदी सुरंग) पर चढ़ गई. लैंडमाइन ब्लास्ट में आना की मौत हो गई और कैमरामैन दिमित्री वॉल्कोव को गंभीर चोट आई.

यूक्रेन के खारकोव से सटे रूस के बेलगोरोड में भी पिछले तीन साल से जंग चल रही है. कुर्स्क में यूक्रेनी सेना के हमले के बाद रूसी सेना ने बॉर्डर पार कर खारकोव के इलाकों में चढ़ाई की है. ऐसे में यूक्रेनी सेना ने इन इलाकों को बारूदी सुरंग से पाट रखा है ताकि रूसी सेना आगे न बढ़ पाए. (https://x.com/Chronology22/status/1904843666893447556)

दो दिन पहले लुहांस्क में गई थी दो पत्रकारों सहित तीन की जान

दो दिन पहले ही लुहांस्क (या लुगांस्क) में रूस के ज़वेज़ेदा और इज़वेस्तिया टीवी चैनल के दो पत्रकारों की यूक्रेन के रॉकेट अटैक में मौत हो गई थी. हमले के वक्त, दोनों पत्रकार रिपोर्टिंग के लिए एक सिविल कार में सवार थे. हमले में कार चला रहे ड्राइवर की भी जान चली गई थी.

साथ ही कुर्स्क के सुडझा में रशियन न्यूज एजेंसी तास के एक कोरेस्पोंडेंट के भी घायल होने की भी खबर है.

पिछले तीन साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में कई वॉर-कोरेस्पोंडेंट की जान गई है बड़ी संख्या में पत्रकार घायल भी हुए हैं.

जनवरी में दोनेत्स्क में ड्रोन अटैक में गई थी रूसी पत्रकार की जान

इसी साल जनवरी के महीने में रूस के इजवेस्तिया अखबार के एक पत्रकार की दोनेत्स्क प्रांत में ड्रोन अटैक में मौत हो गई थी. उस दौरान, रूस ने यूक्रेन पर जानबूझकर रशियन पत्रकारों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी.

लाइन ऑफ फायर में जान देने वाले युद्ध-संवाददाता की पहचान अलेक्जेंडर मार्तेमयानोव के तौर पर हुई थी. घटना के वक्त अलेक्जेंडर दोनेत्स्क प्रांत के ग्रोलोवका में कवरेज करके एक सिविल गाड़ी से लौट रहे थे. उनके साथ गाड़ी में सवार चार अन्य रूसी पत्रकार भी ड्रोन अटैक में घायल हुए थे.

दोनेत्स्क और लुहांस्क को यूक्रेन से छीनकर रूस ने कर लिया कब्जा

दोनेत्स्क और लुहांस्क (डोनबास) प्रांत को रूस ने यूक्रेन से छीनकर अपने फेडरेशन में शामिल कर लिया है. हालांकि, अभी भी 20-25 प्रतिशत हिस्सा यूक्रेन के कब्जे में हैं. ऐसे में युद्ध के तीन साल बाद भी दोनेत्स्क और लुहांस्क प्रांत जंग का मैदान बने हुए है. रूसी सेना पूरे डोनबास पर अधिकार जमाना चाहती है. ऐसे में एक-एक कर यूक्रेनी कब्जे वाले रिहायशी इलाकों पर हमला बोलकर रूसी क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है.

रूस-यूक्रेन जंग में कई पत्रकार हुए हताहत

वर्ष 2023 में इजवेस्तिया के ही एक अन्य कोरेस्पोंडेंट तीन अन्य रूसी पत्रकारों के साथ यूक्रेन की ड्रोन स्ट्राइक का शिकार हुए थे. पिछले साल यानी 2024 में रूसी के सरकारी मीडिया स्पूतनिक के युद्ध-संवाददाता, एक टीवी के एडिटर और रशियन नेशनल गार्ड प्रेस सर्विस के एक कर्मचारी के साथ रणभूमि में जान से हाथ धोना पड़ा था.

यूनेस्को रिपोर्ट में रूसी पत्रकारों का नाम नदारद

संयुक्त राष्ट्र (यूनेस्को) की विशेष रिपोर्ट में दुनियाभर में अपने काम के दौरान मारे गए पत्रकारों की लिस्ट में रशियन पत्रकारों का नाम शामिल ना करने से रूसी विदेश मंत्रालय आग बबूला हो गया था.

रूस का आरोप था कि यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र की दूसरी संस्थान जान-बूझकर यूक्रेन की सेना और सरकार को बचाने के लिए रूसी पत्रकारों पर हुए हमले का आंकड़ा अपनी रिपोर्ट में शामिल नहीं करते हैं. (https://x.com/russembkenya/status/1904843107750838591)

यूक्रेन में भी घायल हुए युद्ध-संवाददाता

रूस-यूक्रेन युद्ध के शुरूआती हफ्तों में अमेरिका के फॉक्स न्यूज का एक पत्रकार, कीव (यूक्रेन की राजधानी) के करीब कार पर हुए हमले में घायल हो गया था. बेंजामिन हॉल नाम के कोरेस्पोंडेंट को इस हमले में अपने दोनों पांव गंवाने पड़े थे. हॉल ने बाद में अपनी आपबीती पर एक पुस्तक भी लिखी थी.

[रूस-यूक्रेन जंग की रिपोर्टिंग पर लेखक द्वारा लिखी हिंदी पुस्तक ‘ऑपरेशन Z लाइव’ (प्रभात प्रकाशन, दिल्ली) को पढ़ा जा सकता है.]