ईरान के साथ चल रहे अमेरिका के युद्ध के बीच यूएस एयरफोर्स को बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिका में ट्रेनिंग के दौरान एफ 35 लड़ाकू विमान क्रैश हुआ है.
वहीं क्रीमिया में भी एक बड़ा प्लेन हादसा हुआ है. एक रूसी एन-26 सैन्य परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 29 लोग मारे गए. उड़ान भरने के बाद मिलिट्री प्लेन चट्टान से टकरा गया था, जिसके बाद पायलट को संभलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे के बाद राहत बचाव कार्य शुरु किया गया.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस दावे को नकार दिया है कि यूक्रेन ने विमान पर अटैक किया था. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, विमान पर कहीं बाहर से कोई हमला नहीं हुआ. हालांकि हादसे की जांच शुरु कर दी गई है.
जिस क्रीमिया में ये हादसा हुआ उस प्रायद्वीप को रूस ने साल 2014 में हासिल किया था. अब ये क्षेत्र रूस के नियंत्रण में है.
अमेरिका में एफ 35 विमान क्रैश होने से मचा हड़कंप
अमेरिका में नेलिस एयर फोर्स बेस पर अमेरिका का स्टील्थ लड़ाकू विमान एफ 35 दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह हादसा नेवादा के क्लार्क काउंटी में लास वेगास के पास हुआ. विमान के क्रैश होने से पहले पायलट ने सुरक्षित तरीके से इजेक्ट कर लिया था. कुछ समय तक पायलट लापता बताया गया, जिसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया. बाद में पायलट सुरक्षित मिल गया और उसे मामूली चोटें आई हैं.
अमेरिका के नेलिस एयर फोर्स बेस पर हादसे के बाद अफरातफरी मच गई. अमेरिकी एयर फोर्स के मुताबिक क्रैश की सूचना मिलने के बाद बेस पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया.
एफ 35 लड़ाकू विमान को दुनिया का सबसे आधुनिक और राडार पर न पकड़ा जाने वाला फाइटर जेट माना जाता है. अमेरिकी वायुसेना ने पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है कि आखिर ये हादसा कैसे हुआ.
हमला नहीं, तकनीकी खराबी से हुआ हादसा: रूसी रक्षा मंत्रालय
रूस में मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान क्रैश पर रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया है. बताया कि रणनीतिक काला सागर प्रायद्वीप के ऊपर एक “नियमित उड़ान” के दौरान स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 6 बजे विमान से संपर्क टूट गया. शुरुआती जांच से ये संकेत मिला है कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आई होगी. इस विमान में 23 यात्री और छह चालक दल के सदस्य मारे गए हैं. किसी के भी जीवित बचने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक “एएन-26 विमान, जिससे पहले संपर्क टूट गया था, एक चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.”
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि “दुर्घटना संभवतः तकनीकी खराबी के कारण हुई. दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक सैन्य आयोग भेजा गया है. विमान पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं, जिससे पता चलता है कि मिसाइल, ड्रोन या पक्षियों के टकराने जैसे कारक इसमें शामिल नहीं थे.”
हादसे के शिकार विमान के बारे में जानिए
रूस का एन-26 विमान एक ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है. यह सोवियत संघ में 1969 में डिज़ाइन किया गया और 1972 में सेवा में आया. यह एएन-24 का बेहतर संस्करण है, जिसमें रियर लोडिंग रैंप जोड़ा गया है. इस विमान की क्षमता 40 सैनिकों को ले जाने की थी. इसे पैराट्रूपर्स को तैनात करने और घायलों को निकालने के लिए डिजाइन किया गया था.
रूस-यूक्रेन की बीच 4 साल से जारी युद्ध
ये हादसा ऐसे वक्त में हुआ है जब रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है. फरवरी 2022 में शुरु हुए युद्ध के खत्म होने का आसार नहीं नजर आ रहा. 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था, इस क्षेत्र को लेकर यूक्रेन और रूस में लंबा विवाद चला आ रहा है.
नाटो देशों की मदद से यूक्रेन लगातार रूस को चुनौती दिए हुए है. इस युद्ध को 24 घंटे में खत्म करने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्धविराम को लेकर अपने हाथ खींच लिए हैं. ऐसे में हादसे को लेकर रूस की सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं. भले ही ये हादसा हो लेकिन युद्ध के दौरान यूक्रेन ने रूस के कई विमानों पर ड्रोन हमले किए थे. यहां तक कि विवादित क्षेत्र में जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक दौरे पर थे, तो उस वक्त भी कई संदिग्ध ड्रोन देखे गए थे.

