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कम नहाओ साउथ कोरिया में फरमान, ईरान युद्ध से कनेक्शन

अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध में ऊर्जा बचत के लिए साउथ कोरिया की सरकार ने लोगों से कम नहाने के लिए कहा है. साउथ कोरिया सरकार के इस फैसले की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. जहां दुनिया के देश तेल-पेट्रोल-गैस की किल्लत से निपटने की तैयारी कर रही हैं, तो वहीं साउथ कोरिया की सरकार ने अपने नागरिकों से कहा है कि अगर वो कम नहाते हैं तो ऊर्जा बचा पाएंगे. क्योंकि मौजूदा समय में ऊर्जा बचत बेहद आवश्यक है.

दक्षिण कोरिया की सरकार ने नागरिकों को 12 निर्देश दिए हैं, जिनमें कार न चलाना, इलेक्ट्रिक सामानों की चार्जिंग जैसे दिशा-निर्देश शामिल हैं.

साउथ कोरिया की सरकार की बैठक, नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अपने देश में ऊर्जा बचाने के लिए दक्षिण कोरियाई सरकार ने बड़ी बैठक की है. इस बैठक में किए गए फैसलों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. साउथ कोरियाई  सरकार ने अपने नागरिकों से ऊर्जा बचाने के 12 तरीकों को अपनाने को कहा है. सरकार का मानना है कि अगर लोग कम नहाए तो ऊर्जा बचाई जा सकती है, जो आपात स्थिति में देश के लिए बेहद जरूरी है.

कम नहाने के अलावा गाड़ी का कम इस्तेमाल, मोबाइल फोन दिन में चार्ज करना, सप्ताह में एक बार वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल और वॉशिंग मशीन का कम प्रयोग जैसे निर्देश दिए हैं.  सरकार की कोशिश निजी कार सड़कों पर कम से कम निकले, इसके लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी.

कैबिनेट बैठक के बाद दक्षिण कोरिया के ऊर्जा मंत्री किम सुंग-व्हान ने ऊर्जा बचत अभियान के बारे में बताया. सरकार का कहना है कि इसे अभी स्वैच्छिक रखा गया है. अगर रिजल्ट नहीं मिलता है तो सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे.

1991 के बाद साउथ कोरिया में व्हीकल रोटेशन सिस्टम लागू

ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने व्हीकल रोटेशन सिस्टम को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है जलवायु मंत्रालय ने बताया कि “भविष्य में तेल आपूर्ति की दिक्कत न हो इसलिए ये तरीका निकाला गया है. बुधवार से सरकार इस नियम को लागू करने के लिए निगरानी बढ़ाएगी. इस नियम के तहत कारों को उनके लाइसेंस प्लेट नंबर के आखिरी डिजिट के आधार पर पांच ग्रुप में बांटा जाता है और हर ग्रुप को एक तय दिन पर गाड़ी चलाने की मनाही होती है. इस नियम से सड़कों पर गाड़ियां कम निकलती है, और ऊर्जा की बचत की जा सकती है.”

बताया जा रहा है कि साउथ कोरिया ने पिछली बार 1991 में खाड़ी युद्ध से शुरू हुए तेल आपूर्ति संकट से निपटने के लिए निजी क्षेत्र के लिए एक जरूरी व्हीकल रोटेशन सिस्टम लागू किया था.

मंत्रालय के मुताबिक, “करीब 1.5 मिलियन गाड़ियों पर ये सख्त नियम लागू होंगे. इस कदम से देश को हर दिन करीब 3,000 बैरल कच्चा तेल बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है. दक्षिण कोरिया में कच्चे तेल की रोजाना की खपत करीब 2.8 मिलियन बैरल है, जिसमें से करीब आधी मात्रा परिवहन में इस्तेमाल होती है.”

होर्मुज बंद होने से क्यों टेंशन में है साउथ कोरिया

दक्षिण कोरिया को अमेरिका का करीबी माना जाता है, लेकिन इस वक्त ईरान जंग के कारण दक्षिण कोरिया परेशान है. सरकार का कहना है कि “दक्षिण कोरिया का 70 प्रतिशत तेल का आयात होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होता है.  फिलहाल 190 मिलियन बैरल तेल रिजर्व में है जो 02 महीने के लिए पर्याप्त होगा. दक्षिण कोरिया में प्रतिदिन 2.90 मिलियन बैरल तेल का खपत है. अगर युद्ध लंबा खिंचा तो देश में ऊर्जा को लेकर हाहाकार मच जाएगा. इसलिए सरकार चाहती है कि लोग सपोर्ट करे और तेल बचाए.”

होर्मुज खाड़ी को लेकर दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने न्यूजीलैंड से संपर्क साधा

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच मिडिल ईस्ट के माहौल पर चर्चा हुई है. दोनों नेताओं ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की और अपने-अपने देशों में लागू किए गए नियमों पर विचार साधा किए.

न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने कहा कि “न्यूजीलैंड ने होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है.”


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