क्या सच में शुरु हो गई है अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत. क्या युद्ध रोकने पर सहमति बन जाएगी. क्या 28 फरवरी के बाद से मिडिल ईस्ट में सुनाई दे रहे धमाके शांत हो जाएंगे. ये सवाल इसलिए क्योंकि ईरान को 48 घंटे की भीषण हमले की धमकी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं. ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमलों को 5 दिन के लिए टाल दिया है. कहा है कि ईरान के साथ बातचीत हुई है और दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है कि अटैक नहीं किया जाएगा.
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की जिम्मेदारी अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर को सौंपी है. :
हम ईरान में हत्याएं नहीं चाहते, अगले 05 दिनों में टकराव खत्म होगा: ट्रंप
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले पांच दिन सब ठीक रहे, तो ईरान के साथ चल रहा टकराव खत्म हो सकता है. ट्रंप के मुताबिक, पिछले 2 दिन में ईरान और अमेरिका के अधिकारियों ने पीस डील को लेकर बातचीत की है. ट्रंप का कहना है कि इसी वजह से अगले 5 दिन तक वाशिंगटन ईरान के किसी भी ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेगा.
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “पिछले 2 दिनों में काफी रचनात्मक बातचीत हुई है. हम उम्मीद करते हैं कि इस सप्ताह के अंत तक समझौता हो जाएगा. तब तक हम ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला नहीं करेंगे. वह ईरान में और हत्याएं नहीं चाहते.”
हालांकि ट्रंप ने ये भी साफ कहा कि अगर बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा.
सम्मानित ईरानी नेता से हो रही है बातचीत : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी दूत एक “सम्मानित” ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं. हालांकि ट्रंप ने तेहरान का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी अधिकारी या अधिकारियों का नाम नहीं लिया. ट्रंप ने सोमवार को बताया कि पश्चिम एशिया के लिए उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार शाम को बातचीत की. ट्रंप ने कहा, कि “अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए कदम उठाएगा.”
नरमी से पहले होर्मुज को लेकर दी थी ट्रंप ने धमकी
बातचीत के दावे से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बहुत बड़ी धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि “अगर ईरान ने अगले 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला तो अमेरिका तेहरान पर बहुत भीषण हमला करेगा. अमेरिका ने कहा था कि इस हमले में अमेरिकी सेना ईरान के पावर ग्रिड और बिजली संयंत्रो को निशाना बनाएगी.
ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने कहा था कि अगर ट्रंप ऐसा करते हैं तो तेहरान अमेरिका के सारे पावर नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा. अब ईरान का कहना है कि तेहरान के इसी पलटवार के डर से ट्रंप खुद पीछे हट गए हैं. ईरान की ओर से ट्रंप को शैतान बताते हुए तंज कसा जा रहा है कि शैतान डर गया है.

