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मिडिल ईस्ट में तनाव, PM मोदी इजरायल जाएंगे

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद अनोखे अंदाज में की है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की घोषणा. पीएम नेतन्याहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “संसद में भाषण देने की तैयारी चल रही है. अगले सप्ताह यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी.”

नेतन्याहू ने सिर्फ यहीं नहीं भारत की जमकर तारीफ की है, भारत को शक्तिशाली और लोकप्रिय बताते हुए, इजरायल का गहरा मित्र बताया है.

माना जा रहा है कि पीएम मोदी का इजरायल दौरा 25-26 फरवरी को हो सकता है. ये दौरा ऐसे वक्त में होगा जब इजरायल, अमेरिका और ईरान में भयंकर तनाव का माहौल है और मिडिल ईस्ट में किसी भी वक्त जंग छिड़ने जैसे आसार हैं.

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड बनाया है, जिसमें भारत को सदस्य बनाने की कोशिश की गई. लेकिन भारत ने इस बोर्ड का सदस्य बनने से दूरी बना ली. ट्रंप के दबाव में इजरायल इसका सदस्य बना है लेकिन तुर्किए और कतर के इस बोर्ड में शामिल होने से नाखुश है.

भारत एक शक्तिशाली और लोकप्रिय देश: पीएम नेतन्याहू

अमेरिकी यहूदी संगठनों के अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे की घोषणा की है. पीएम मोदी को अपना गहरा मित्र बताते हुए नेतन्याहू ने भारत की प्रशंसा की है. नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा, अगले सप्ताह यहां पीएम नरेंद्र मोदी आ रहे हैं. भारत और इजरायल के बीच गहरी साझेदारी है. हम सहयोगों पर चर्चा करने जा रहे हैं. भारत कोई साधारण और छोटा देश नहीं है बल्कि ये बेहद शक्तिशाली और लोकप्रिय राष्ट्र है. इसकी आबादी 1.4 अरब है. 

भारत-इजरायल में गहरी रक्षा पार्टनरशिप, हमेशा एकदूसरे के आए हैं काम

पीएम मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में पहली बार इजरायल जाने वाले हैं. इससे पहले साल 2017 में पीएम मोदी ने इजरायल का दौरा किया था. उस वक्त पीएम मोदी ने मुंबई हमले से बाल-बाल बचे इजरायली बच्चे मोशे से मुलाकात की थी. हालांकि 26-11-2008 को हुए इस हमले में मोशे के माता-पिता की मौत हो गई थी, लेकिन उसकी केयरटेकर ने बहादुरी से 2 साल के बच्चे मोशे की जान बचा ली थी.

इस दौरे में भारत-इजरायल के बीच रणनीतिक और रक्षा और तकनीकी संबंधों को नई गति मिलेगी. प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि और आतंकवाद के खिलाफ बातचीत होगी. दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की जा सकती है. 

भारत इजरायल से लेगा ऑपरेशन सिंदूर में तबाही मचाने वाला हेरॉन ड्रोन, हुई बड़ी रक्षा डील

भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं, चाहे वो कारगिल युद्ध हो या फिर इजरायल-हमास के बीच जंग. दोनों ने एक दूसरे को रक्षा सामग्रियां मुहैया करवाई हैं.

हाल ही में भारत-इजरायल के बीच बड़ा रक्षा समझौता हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर में हेरॉन एमके-II ड्रोन की क्षमताओं को देखने के बाद भारत ने बड़ा फैसला लिया है. भारत ने इजरायल के साथ इमरजेंसी प्रोविजन के तहत एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं. इस डील के मुताबिक भारत इजरायल से हेरॉन एमके-II ड्रोन्स की अतिरिक्त खेप खरीदेगा. जिसकी पुष्टि एक बड़े इजरायली अधिकारी ने की है.हेरॉन एमके-II ड्रोन भारतीय सेना और वायुसेना के पास पहले से ही हैं. इजरायली अधिकारी के मुताबिक अब इन ड्रोन्स को भारत की नौसेना में भी शामिल किया जाएगा. इजरायली अधिकारी का कहना था कि दोनों देशों के बीच साझेदारी बेहद अहम है और यह तीन दशकों से चली आ रही है और हमारे लिए भारत एक प्रमुख ग्राहक है.” 

‘मेक इन इंडिया’ की पहल के तहत इजरायल सिर्फ ड्रोन्स की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत में इनका निर्माण भी किया जाएगा.

इजरायल के हर एक्शन पर मिला भारत का साथ, आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश हैं साथ

7 अक्टूबर 2023 को जब हमास के आतंकियों ने इजरायल में बड़ा आतंकी हमला किया, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों को आतंकियों ने मार डाला था, तो भारत वो पहला देश था, जिसने आतंकवाद के खात्मे के लिए इजरायल का साथ दिया था. हमास पर लिए गए एक्शन पर भारत का साथ मिला था. यहां तक कि ऐसी खबरें भी आईं थी कि जब इजरायली सेना के पास गोला बारूद की कमी पड़ी तो भारत की मदद से उसे पूरा किया गया था. ठीक इसी तरह से करगिल युद्ध के दौरान भारत की मदद के लिए इजरायल सामने आया था. 

जनवरी 2026 की शुरुआती सप्ताह में पीएम मोदी और नेतन्याहू ने फोन पर बात की थी और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का फैसला लिया था.

हमास आतंकी कर रहे लश्कर आतंकियों की मदद, इजरायल-भारत ने मिलकर कमर कसी

पिछले साल जब 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ. पाकिस्तान से आए आतंकियो ने 26 लोगों को बैरसण घाटी में बेरहमी से धर्म पूछ-पूछकर कत्ल किया था. इस घटना से पहले हमास के खूंखार कमांडर्स पाकिस्तान में लश्कर के कैंप में देखे गए थे. ऐसी रिपोर्ट्स आईं थीं कि पाकिस्तान के आतंकियों को हमास आतंकियों ने ट्रेनिंग दी थी ताकि वो भारत में ठीक वैसा ही हमला कर सकें, जैसे की 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल में किया गया था.

इस साल जनवरी में भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें हमास का आतंकी कमांडर नजी जहीर गुजरांवाला लश्कर आतंकियों के साथ देखा गया. नजीर जहीर हमास का वही आतंकी है जिसने पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तान में एक भारत विरोधी रैली में हिस्सा लिया था. उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का दौरा किया था और लश्कर-जैश के आतंकियों के साथ मिलकर भारत विरोधी स्पीच दी थी.

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