Breaking News Islamic Terrorism

फरीदाबाद जेल में आतंकी की हत्या, राम मंदिर पर हमले की रची थी साजिश

अयोध्या में राम मंदिर में धमाके की साजिश में शामिल आतंकी की जेल में हत्या कर दी गई है. हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद आतंकवादी अब्दुल रहमान को उसी के साथी कैदी ने नुकीले हथियार से हमला करके घायल कर दिया गया था. 

20 साल के अब्दुल रहमान को पिछले साल यानि मार्च 2025 में एटीएस गुजरात और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था. अब्दुल रहमान के पास से विस्फोटक और ग्रेनेड बरामद किए गए थे. 

अब्दुल रहमान पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं और आईएसआई के संपर्क में था. गिरफ्तारी के बाद रहमान ने भारतीय एजेंसियों के सामने कई खुलासे किए थे.

साथी कैदी ने ली आतंकी की जान

फरीदाबाद की जेल में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नुकीले धारदार हथियार से हत्या की गई है. अब्दुल रहमान पिछले साल से जेल में बंद था. मूलरूप से यूपी के मिल्कीपुर के रहने वाले अब्दुल रहमान को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया गया था.

अब्दुल रहमान इस्लामिक स्टेट खुरासान मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था. और आईएसआई के इशारे पर भारत में बड़े हमले को अंजाम देने वाला था. लेकिन एजेंसियों की सतर्कता के चलते पिछले साल रहमान और उसके साथियों को विस्फोटक, ग्रेनेड के साथ हमले से पहले धर लिया गया था.

बताया जा रहा है कि अब्दुल रहमान के साथ जेल में बंद कैदी अरुण चौधरी ने उसकी हत्या की है. पुलिस के मुताबिक रहमान की हत्या सिर पर चोट मारकर की गई है. जिस अरुण चौधरी पर हत्या का आरोप है उसे जल्दी ही जम्मू-कश्मीर से फरीदाबाद जेल में शिफ्ट किया गया था.

अयोध्या में बड़ा हमला करने वाला था अब्दुल रहमान  

पिछले साल एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अब्दुल रहमान पर एजेंसिया नजर रख रहीं थी. अब्दुल रहमान लगातार पाकिस्तान के संपर्क में था. जिसके बाद गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की धरपकड़ में रहमान को पकड़ा गया. रहमान के पास से हैंडग्रेनेड बरामद हुए थे, जिसे अयोध्या के राम मंदिर में फेंका जाना था. 

जांच एजेंसियों की पूछताछ में अब्दुल ने बताया था कि उसने दो बार राम मंदिर की रेकी की थी. राम मंदिर में फेंकने के लिए हैंडलर ने उसे दो हैंड ग्रेनेड उपलब्ध कराए गए थे. 

अब्दुल रहमान पाकिस्तान में बैठे किसी आतंकी के संपर्क में था. एंजेंसियों की पूछताछ में अब्दुल ने बताया  था कि वह दिल्ली में जमात में शामिल होने के लिए फैजाबाद से ट्रेन में सवार होकर आया था. 

अब्दुल ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया था कि उसे फरीदाबाद में पहचान छिपा कर रहने के लिए कहा गया था और बताया गया था कि जब कहा जाएगा, तब अयोध्या जाना है. अब्दुल रहमान के पास एजेंसियों को कुछ वीडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां थीं.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.