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नेतन्याहू के मोबाइल पर टेप का राज, क्या जासूसी का डर?

By Nalini Tewari

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मोबाइल फोन इन दिनों दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. सोशल मीडिया पर पीएम नेतन्याहू की एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें काली जैकेट और सफेद शर्ट पहने गाड़ी के पास वो किसी से फोन पर बात कर रहे हैं. इस दौरान जिस फोन से वो बात कर रहे हैं, उसके एक-एक कैमरे से लेकर ऊपरी भाग में एक खास तरह का टेप लगा हुआ है. 

बताया जा रहा है कि ईरान के रडार पर आए नेतन्याहू ने किसी भी तरह की जासूसी को मात देने के लिए अपना फोन ढक रखा है. ताकि कैमरे या फिर माइक्रोफोन के जरिए कोई हैकर्स उनकी जासूसी न कर ले.

आपको बता दें कि इजरायल अपने जासूसी स्किल्स के लिए दुनिया में प्रसिद्ध है. इजरायली जासूसी एजेंसी मोसाद एक से एक रोंगटे खड़े कर देने वाले ऑपरेशन को अंजाम दे चुकी है. 

ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन ने तो खुद नेतन्याहू पर जासूसी का आरोप लगाया था, कि नेतन्याहू ने उनके टॉयलेट में जासूसी का गैजेट फिट कर दिया था, ताकि इजरायल ब्रिटेन पर नजर रख सके.

ऐसे में इजरायली पीएम नेतन्याहू अपनी जासूसी कैसे होने दे सकते हैं. इसलिए टेप वाला मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं.
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नेतन्याहू ने फोन को टेप से कवर किया, जासूसी का खतरा

नेतन्याहू के फोन पर बात करते हुए एक तस्वीर सामने आई है. जिसमें मोबाइल फोन के कैमरे वाले हिस्से पर टेप या स्टिकर जैसा कुछ लगा हुआ है. जिसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल किए जा रहे हैं कि आखिर नेतन्याहू ने मोबाइल को टेप से क्यों कवर किया हुआ है.

कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि मोबाइल का ब्रांड छिपाने के लिए स्टिकर लगाया गया है. तो कुछ कह रहे हैं कि ये मोसाद की कोई रणनीति के तहत किया गया कदम है.

साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फोन के कैमरे को ढकना दुनिया भर में नेताओं, खुफिया अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच आम बात है. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि किसी के भी कैमरा और माइक्रोफोन को भी हैक किया जा सकता है. इसलिए कई लोग कैमरे पर टेप लगा देते हैं. 

सुरक्षा विशेषज्ञों ने दावा किया कि फोन के कैमरे को आसानी से ऑन किया जा सकता है. इससे तुरंत हैकर्स को सबूत के साथ ऑडियो और वीडियो मिल जाते हैं. अगर आप फोन के कैमरे पर टेप लगाते हैं तो आप जासूसी से बच जाते हैं. 

फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे नेतन्याहू, साल 2024 में खरीदा पहला मोबाइल

कहा जाता है कि नेतन्याहू एक खास रणनीति के तहत मोबाइल फोन नहीं रखते थे. सोशल मीडिया से दूर रहते थे. परंपरागत तरीकों के जरिए ही वो देश को मजबूत करने और संचार माध्यमों को उचित बताते थे. 

लेकिन तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी और जरूरत के चलते नेतन्याहू ने साल 2024 में अपना पर्सनल मोबाइल फोन खरीदा था. इससे पहले 12 साल तक अपने पास कोई भी फोन नहीं रखते थे. नेतन्याहू टेक्नॉलोजी से भी दूर रहते हैं, जिससे उनके बारे में किसी को आसानी से जानकारी न मिल पाए.

नेतन्याहू को बोरिस जॉनसन बता चुके हैं जासूस, बाथरूम में फिट किया था डिवाइस

इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के कोवर्ट ऑपरेशन की पूरी दुनिया में तूती बोलती है. साल 2024 में हिजबुल्लाह पर पेजर और फिर वायरलेस वॉकीटॉकी धमाकों ने हैरान कर दिया था.

ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए नेतन्याहू को जासूस बताया था. बोरिस जॉनसन ने नेतन्याहू को लेकर एक बड़ा खुलासा किया था. बोरिस ने कहा था कि साल 2017 में जब वो ब्रिटेन के विदेश मंत्री थे, तो उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी. उस दौरान नेतन्याहू ने बोरिस के बाथरूम का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद बोरिस की सिक्योरिटी टीम ने उनके बाथरूम से एक सुनने वाली मशीन बरामद की थी.

बोरिस ने ये खुलासा अपने किताब ‘अनलीश्ड’  में किया था. ‘बीबी’ (नेतन्याहू का उपनाम) का जिक्र करते हुए लिखा कि “नेतन्याहू ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया जैसे कि लंदन के किसी पॉश क्लब में कोई व्यक्ति बहाना बनाता है. बीबी बाथरुम गए और कुछ देर तक वहां कुछ मरम्मत की. हो सकता है कि ये संयोग हो पर जब सुरक्षा टीम बग के लिए सफाई कर रही थी तो उन्हें थंडरबॉक्स में एक सुनने वाली मशीन मिली. ये बातें डरावनी और असहज थी.”

बोरिस जॉनसन को इस बात का डर था कि उनकी सीक्रेट बातें इजरायली सुन रहे थे. किताब में बोरिस ने लिखा कि चूंकि “ब्रिटेन और इजरायल के बीच गहरे संबंध हैं लिहाजा वो ये बात नेतन्याहू से जिक्र नहीं कर सकते थे. इससे दोनों की दोस्ती पर फर्क पड़ता.”

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