ईरान से आए एक संदेश से अमेरिका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालात बेहद संवेदनशील हैं, इस बीच तेहरान से प्रसारित एक तस्वीर से अमेरिका भड़का हुआ है.
पेंसिल्वेनिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए अटैक की तस्वीर को ईरानी सरकारी चैनल ने प्रसारित करते हुए लिखा कि इस बार गोली टारगेट पर लगेगी.
ईरानी सरकारी चैनल पर प्रसारित इस संदेश को तेहरान की ओर से ट्रंप को सीधी धमकी माना जा रहा है. तेहरान भले ही बातचीत करने पर जोर दे रहा हो, लेकिन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने साफतौर पर कह दिया है कि अमेरिका ने हमला किया तो फिर वो सोच भी नहीं सकता कि क्या होगा.
ईरान ने एक मैसेज के जरिए ट्रंप को दी सबसे खतरनाक धमकी
ईरानी सरकारी टीवी पर डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी गई है. इसके लिए ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया में चुनावी मंच के पास हुए हमले की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है.
जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया ट्रंप की चुनावी रैली की इमेज में ट्रंप को घायल अवस्था में दिखाया गया. इमेज के साथ स्क्रीन पर एक मैसेज लिखा था इस बार यह गोली नहीं चूकेगी.
ईरान की ओर से ये सबसे आक्रामक चेतावनी मानी जा रही है, जो ईरान की ओर से सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति को दी गई है.
कई बार ट्रंप को मारने की कोशिश कर चुका है ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति को तेहरान अपना नंबर वन दुश्मन मानता है. ईरान ट्रंप को कई बार मारने की कोशिश कर चुका है. इसका खुलासा खुद डोनाल्ड ट्रंप ने किया था.
साल 2024 में डोनाल्ड ट्रंप पर दो अटैक किए गए थे. एक पेंसिल्वेनिया की रैली के दौरान और दूसरा उनके गोल्फ खेलने के दौरान. पेंसिल्वेनिया में हुए हमले में गोली ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई थी, जबकि दूसरी घटना में फायरिंग से पहले ही शूटर को स्पेशल कमांडोज़ ने पकड़ लिया था. एफबीआई ने खुलासा किया कि ट्रंप पर तीसरा हमला होना था.
मामले की जांच के बाद मैनहट्टन में संघीय अदालत में दायर एक आपराधिक शिकायत में आरोप लगाया गया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक अधिकारी ने सितंबर में एक भाड़े के शूटर को ट्रंप की निगरानी करने और उन्हें मारने की योजना बनाने का निर्देश दिया था.
शिकायत में बताया गया है कि फरहाद शकेरी नाम के शख्स को ट्रंप की हत्या का जिम्मा सौंपा गया था, जो कि ईरान का एक सरकारी कर्मचारी था. शकेरी अफगानी नागरिक है, जो बचपन में अमेरिका में आकर बस गया था. ईरान ने उसे ट्रंप की हत्या के लिए 7 दिन का टारगेट दिया था. लेकिन शकेरी ने ईरानी अधिकारी को ये कहा था कि चुनाव में अगर ट्रंप हार जाते हैं, तो उन्हें मारना और आसान होगा.
इस खुलासे के बाद ट्रंप ने कहा था कि‘‘अगर ईरान ने उनकी हत्या की तो उसे तबाह कर दिया जाएगा. मैंने सलाहकारों को निर्देश दिए हैं कि अगर वो ऐसा करते हैं, तो उन्हें तबाह कर दिया जाए, जिसके बाद कुछ भी नहीं बचेगा.’’
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पिछले साल आरोप लगाया था कि आतंकी संगठन हिजबुल्ला और हमास, ईरान की छद्म ताकत हैं और इनके जरिए ईरान ने ट्रंप की हत्या कराने की दो बार कोशिश की.
ट्रंप से कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता है ईरान
साल 2020 में कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से ईरान डोनाल्ड ट्रंप को अपना नंबर 1 दुश्मन मानता है, कासिम सुलेमानी, आईआरजीसी के जनरल थे और कुद्स फोर्स का ये जनरल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का दाहिना हाथ माना जाता था. सुलेमानी को पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है.
3 जनवरी 2020 को इराक के बगदाद में एक टारगेटेड अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी को मार दिया गया था. जब वो अपने सैन्य प्लेन से उतरे तभी अमेरिकी ड्रोन ने अटैक किया था. इसके अलावा इराकी शिया मिलिशिया के सदस्य और इसके डिप्टी हेड अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हुई थी.
इसके बाद से ईरान ने ट्रंप से बदला लेने की कसम खाई है. और कई बार ट्रंप को मारने की कोशिश कर चुका है.
अमेरिकी नौसेना का बेड़ा ईरान की ओर बढ़ा, ईरानी सेना भी जवाब देने को तैयार
ईरान ने गुरुवार सुबह बिना किसी नोटिस के अपना एयरस्पेस बंद कर दिया. यह आदेश विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और इसके जवाब में अमेरिकी हमलों की संभावना के बीच बढ़े तनाव के माहौल में लिया गया.
बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना का बेड़ा साउथ चाइना सी से मध्य पूर्व की ओर बढ़ने लगा है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा हालात और नाजुक हो गए हैं. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसका कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है.

