By Nalini Tewari
ईरान युद्ध के बीच पूरी दुनिया की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन पर थी. दुनिया को लग रहा था कि ट्रंप शांति का पैगाम देते हुए युद्ध विराम की घोषणा कर देंगे. लेकिन ट्रंप का अपनी जनता को संबोधन छवि सुधारने से ज्यादा नहीं दिखा.
अमेरिका में लगातार अपनी लोकप्रियता गिरने से परेशान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जीत और युद्ध जारी रखने की घोषणा की है. ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए ईरान को पाषाण युग में भेजने की कसम खाई. ईरान युद्ध शुरु करने पर घिरे ट्रंप ने जनता के सामने सफाई पेश करते हुए कहा है कि ईरान युद्ध में अमेरिका जीता है. ईरान के पास कुछ नहीं बचा. एयरफोर्स, नेवी और सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं.
वहीं जिस होर्मुज को लेकर ट्रंप ग्राउंड ऑपरेशन शुरु करने की बात कह रहे थे, उस होर्मुज से अमेरिका ने हाथ पीछे खींच लिया है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को होर्मुज की जरूरत नहीं है, हमारे पास बहुत तेल है. जिस देश को जरूरत है वो जाकर होर्मुज को छुड़वाए.
हमें नहीं चाहिए होर्मुज, जिसे चाहिए वो जाकर वहां से तेल ले: ट्रंप
दुनिया के सबसे बड़े समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज पर नियंत्रण की बात कर रहे ट्रंप जब यूरोपीय देश और खाड़ी देशों से अलग-थलग पड़े, तो होर्मुज ना लेने की बात कही है. अपने देश के सामने ट्रंप ने कहा, “अमेरिका बेहद समृद्ध देश है और उनके कार्यकाल में लगातार आर्थिक तौर पर मजबूत हो रहा है. अमेरिका को होर्मुज से तेल लेने की जरूरत नहीं है, जिसे जरूरत है, वो खुद वहां जाए.”
ट्रंप के संदेश से साफ है कि “होर्मुज लेने के लिए जिस ग्राउंड ऑपरेशन की बात की जा रही थी, वो अब अमेरिकी सेना नहीं करेगी.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “जो देश होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते तेल की शिपमेंट पर निर्भर हैं, उन्हें इस रास्ते की सुरक्षा खुद ही सुनिश्चित करनी चाहिए. अमेरिका इसमें मदद करेगा, लेकिन यह ज़िम्मेदारी उन देशों की है कि वे उस तेल की सुरक्षा में आगे बढ़कर नेतृत्व करें, जिस पर वे इतनी बुरी तरह निर्भर हैं.”
ट्रंप ने कहा, “मेरा एक सुझाव है. पहला, अमेरिका से तेल खरीदें, हमारे पास बहुत तेल है. हमारे पास बहुत ज़्यादा तेल है. दूसरा, थोड़ी हिम्मत जुटाएं. यह काम पहले ही कर लेना चाहिए था. जैसा हमने कहा था, वैसा ही हमारे साथ मिलकर करना चाहिए था, होर्मुज स्ट्रेट में जाएं और बस उस पर कब्ज़ा कर लें, उसकी सुरक्षा करें और उसका इस्तेमाल अपने लिए करें.”
अगले 2-3 सप्ताह में तगड़ा हमला करने को तैयार सेना: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ अपने सैन्य अभियान को और तेज़ करेगा, भले बातचीत जारी हो.”
ट्रंप बोले “हम अगले दो से तीन हफ़्तों में उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करने जा रहे हैं. ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका उनके तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है.”
इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि “कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं और बताया कि बातचीत जारी है, जबकि वॉशिंगटन अपने अगले क़दमों पर विचार कर रहा है.”
ईरान को परमाणु ताकत हासिल नहीं करने देंगे: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, ” अमेरिकी सेना सफल होने के बेहद करीब है. हम इस काम को पूरा करेंगे और हम इसे बहुत तेज़ी से पूरा करेंगे. ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.”
ट्रंप ने कहा, “हमारा लक्ष्य ईरान की हमलावर मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसके मिसाइल उत्पादन को खत्म करना, उसकी नौसेना और व्यापक सुरक्षा ढांचे को निशाना बनाना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि वह कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके.”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का नेतृत्व पूरी तरह नष्ट हो गया है. ईरान के सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं. एक महीने से ईरान से जंग जारी है. मैंने कहा था कि मैं कभी भी परमाणु प्रोग्राम को सफल नहीं होने दूंगा. आपने देखा है कि इजरायल और हम इस काम में लगे हैं. आपने बेरुत में देखा था कि कैसे अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी.”

