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ट्रंप की भारत-चीन यात्रा जल्द, सलाहकारों ने तैयार किया प्लान

शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले विदेश दौरे के लिए अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और चीन को चुन सकते हैं. ट्रंप ने अपने सलाहकारों से भारत और चीन के संभावित दौरे को लेकर चर्चा की है और एक प्लान तैयार करने के लिए कहा है. 

ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग के साथ संबंधों को सुधारने के उद्देश्य से बीजिंग की यात्रा करना चाहते हैं और  भारत भी आना चाहते हैं. इसके कई कारण है.

ट्रंप का पता है कि चीन और भारत की मदद से वो रूस-यूक्रेन का युद्ध रुकवाने का अपना चुनावी वादा पूरा कर सकते हैं. साथ ही टैरिफ लगाने की धमकी देने के बाद चीन के साथ संबंधों को सुधारा जा सकता है. ट्रंप ने इस बात के संकेत भी दिए हैं. शपथ से पहले ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति से लंबी बातचीत की है.

बताया जा रहा है कि सलाहकार अब ट्रंप का प्लान बना रहें हैं ताकि 20 जनवरी के बाद आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप, भारत और चीन दोनों की ही यात्रा कर सकें. ट्रंप जानते हैं चीन और भारत दोनों ही कूटनीतिक तौर पर बेहद अहम हैं.

चीन और भारत के साथ संबंधों को लेकर गंभीर हैं डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने अपने सलाहकारों से कहा है कि राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद चीन दौरे पर जाना चाहते हैं. चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने चीन से आने वाले सामान पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. अब ट्रंप के चीन दौरे पर जाने को अमेरिका और चीन के संबंध बेहतर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

वहीं ट्रंप ने अपने सलाहकारों से भारत के संभावित दौरे को लेकर भी चर्चा की है. पिछले महीने क्रिसमस के मौके पर जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका गए थे, तब उनके दौरे पर भी ट्रंप के भारत के संभावित दौरे पर लेकर शुरुआती बातचीत हुई थी. जयशंकर ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के अलावा नए एनएसए से भी मुलाकात की थी.

किस महीने भारत आ सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप का भारत दौरा इस साल अप्रैल में हो सकता है. भारत में इस साल क्वाड सम्मलेन का आयोजन होना है, जिसमें अमेरिका के साथ ही ऑस्ट्रेलिया और जापान के राष्ट्र प्रमुख भी भारत आ सकते हैं. 20 जनवरी यानि शपथ ग्रहण के दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्री भी अमेरिका में मौजूद रहेंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

शपथ ग्रहण के अगले ही दिन क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बड़ी बैठक संभावित है, जिसके अध्यक्षता नए विदेश मंत्री मार्क रूबियो कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया एकदूसरे से मजबूत संबंधों पर प्रतिबद्धता जताएं. 

पीएम मोदी को अमेरिका कर सकता है आमंत्रित 

ट्रंप और पीएम मोदी के बीच अच्छी दोस्ती है. ट्रंप कई मौकों पर पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं. ट्रंप के भारत दौरे के अलावा सलाहकारों से इस बात की भी चर्चा की गई है कि पीएम मोदी को भी व्हाइट हाउस आमंत्रित किया जा सकता है. डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद बहुत बातें जल्द साझा की जाएंगे, क्योंकि ट्रंप ने जिनपिंग और पीएम मोदी के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करने की इच्छा जताई है. पुतिन ने कई कई बार कहा है कि वो ट्रंप से बातचीत के लिए तैयार हैं. 

शी जिनपिंग से डोनाल्ड ट्रंप ने की है बातचीत

शपथ ग्रहण से पहले डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच फोन पर बातचीत की गई है. जिसमें टिक टॉक के अलावा कई मुद्दों पर बातचीत की गई है. ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आमंत्रित किया गया था, लेकिन  जिनपिंग की जगह उपराष्ट्रपति हान झेंग, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं. ये पहला मौका होगा कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ समारोह में कोई चीनी अधिकारी मौजूद होगा. 

माना जा रहा है कि चीन दौरे से पहले ट्रंप टिक टॉक से बैन हटा कर चीन को खुश करने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि टिक टॉक बैन से चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है. (Chinese एप पर आधी रात फैसला, अमेरिका के 17 करोड़ लोगों के पास आया अलर्ट)

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