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तुर्की का सुन्नी एक्सिस प्लान, इस्लामिक NATO में पाकिस्तान भी शामिल

By Nalini Tewari

क्या मुस्लिम देश तुर्किए, पाकिस्तान और कतर जैसे देशों के साथ मिलकर बना रहा है सुन्नी एक्सिस. क्या नाटो में शामिल तुर्किए एक समानांतर इस्लामिक नाटो बनाने की कोशिश में है. तुर्किए को नया ईरान बताते हुए ये सवाल खड़े किए हैं इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने संघर्षपूर्ण विश्व में एक बड़ी चिंता जाहिर की है.

नेफ्ताली बेनेट के तुर्किए के सुन्नी एक्सिस बनाने वाले बयान से हलचल मची हुई है. पूर्व इजरायली पीएम का दावा है कि तुर्किए, सऊदी अरब को इजरायल के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रहा है.

तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगान अपना रहे घातक रणनीति, सुन्नी एक्सिस है खतरा: नेफ्ताली बेनेट

इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री ने ये कहकर सनसनी फैला दी है कि तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोगन, सुन्नी देशों के साथ मिलकर इजरायल की घेराबंदी में जुटे हुए हैं. बेनेट ने एक कार्यक्रम में कहा, कि तुर्किए, कतर, पाकिस्तान जैसे देशों के साथ बेहद ही खतरनाक रणनीति पर काम कर रहे हैं, जो इजरायल के लिए भविष्य में मुश्किल पैदा कर सकती है.

बेनेट ने कहा, ईरान ‘हिजबुल्लाह’ और ‘हुती’ जैसे गुटों के जरिए इजरायल पर दबाव बनाता है, क्षेत्रीय असुरक्षा बढ़ाता रहा है, वहीं तुर्की अपनी कूटनीति और आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करके सुन्नी देशो के साथ मिलकर गंभीर चुनौती दे रहा है.

तुर्किए के कारण इजरायल-सऊदी अरब के रिश्ते असामान्य: बेनेट

नेफ्ताली बेनेट ने कहा, कि साल 2023 में इजरायल और सऊदी अरब के बीच रिश्ते सामान्य होने लगे थे. दोनों देश अपनी असहमतियां हटा रहे थे. अमेरिका इसमें मध्यस्थता कर रहा था, अमेरिकी दबाव के चलते सऊदी अरब, इजरायल संग रिश्ते पटरी पर ला रहा था. लेकिन 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद सऊदी अरब का रुख काफी अलग हो गया. इसके पीछे तुर्किए था. तुर्किए के कारण ही सऊदी अरब, जो इजरायल के करीब आ रहा था, और दूर हो गया. 

क्या तुर्किए इस्लामिक नाटो बनाने की कोशिश में है  

पिछले कुछ महीनों में गौर किया जाए तो वैश्विक संघर्ष के बीच मुस्लिम देशों ने चौंकाने वाले फैसले लिए हैं. सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच ‘रणनीतिक रक्षा समझौता’ हुआ है. तुर्किए भी इस गठबंधन में शामिल होने को तैयार है. 

बेनेट का मानना है कि सऊदी अरब खुद को परमाणु संपन्न देश बनाना चाहता है, इसलिए वो पाकिस्तान जैसे देशों के साथ गठबंधन कर रहा है. बेनेट ने कहा, पाकिस्तान, सऊदी अरब के लिए ‘न्यूक्लियर रियर’ यानी परमाणु शक्ति का सहारा है. वहीं तुर्किए अपनी सैन्य तकनीक के बदले पाकिस्तान से दोस्ती गांठे हुए है.

बेनेट ने इन सब में कतर की भूमिका ‘कैशियर’ और ‘प्रोपगैंडा मशीन’ जैसी बताई है. बेनेट के मुताबिक “कतर अपनी आर्थिक ताकत और ‘अल जजीरा’ जैसे मीडिया नेटवर्क के जरिए इस सुन्नी एक्सिस को वैचारिक समर्थन दे रहा है. तुर्की और कतर मिलकर ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ जैसी विचारधाराओं को बढ़ावा दे रहे हैं, जो इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरा है.”

बेनेट ने कहा, “तुर्किए नाटो का सदस्य है, बावजूद इसके वो एक समानांतर ग्रुप बना रहा है और मुस्लिम देशों को एकजुट करके इजरायल के लिए खतरा बन रहा है. 7 अक्टूबर 2023 में हमास का अटैक एक बड़ा झटका था, इसलिए अब इजरायल को रक्षात्मक रणनीति के अलावा दूरदर्शी और सक्रिय रणनीति अपनानी होगी. क्योंकि ये सुन्नी देशों का एक्सिस न सिर्फ इजरायल बल्कि वेस्ट देशों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर देगा.”

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