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यूक्रेन की गिरफ्त में कोरियाई सैनिक, कब्जे से मिला रशियन पासपोर्ट

रूस की ओर से युद्ध के मैदान में उतरे नॉर्थ कोरिया के दो सैनिकों को यूक्रेन ने पकड़ा है. अपने दावे को सही साबित करने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने उत्तर कोरियाई सैनिकों की तस्वीर शेयर की हैं. तस्वीरों में नॉर्थ कोरियाई सैनिक घायल अवस्था में दिख रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा- “इन सैनिकों को जिंदा पकड़ना आसान नहीं था, क्योंकि पहचान छिपाने के लिए रूस के सैनिक घायल नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को मार दे रहे हैं और पहचान छिपाने के लिए उनके चेहरे जला रहे हैं.”

दो नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को यूक्रेन ने पकड़ा, रिलीज की तस्वीर

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दो नॉर्थ कोरियाई सैनिकों की तस्वीर साझा की है, जो इस वक्त यूक्रेन के कब्जे में हैं और घायल अवस्था में हैं. दोनों के शरीर में पट्टियां बंधी हुई हैं और दोनों एक कमरे में बिस्तर पर हैं. 

जेलेंस्की ने उत्तर कोरियाई सैनिकों से जुड़ी चार तस्वीरें शेयर करके शनिवार को कहा- “यूक्रेन की सेना ने रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में रूसी सैनिकों के साथ लड़ रहे दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को पकड़ लिया है. जो घायल हैं, जीवित बच गए, उन्हें कीव लाया गया, और वे यूक्रेनी सुरक्षा सेवाओं के साथ संवाद कर रहे हैं.” जेलेंस्की ने कहा कि- “इन सैनिकों को जिंदा पकड़ना आसान नहीं था. क़ुर्स्क में रूसी और उत्तर कोरियाई सेनाएं उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौजूदगी को छिपाने की कोशिश कर रही थीं, जिसमें वो अपने घायल साथियों को मार दे रहे हैं, ताकि उन्हें कीव की तरफ से पकड़ने और पूछताछ से बचाया जा सके.” (https://x.com/ZelenskyyUa/status/1878046090018042169)

कोरियाई भाषा बोल रहे हैं सैनिक- एसबीयू

यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू ने शनिवार को उत्तर कोरियाई सैनिकों के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि- “दोनों में से एक सैनिक के पास कोई दस्तावेज नहीं थे. जबकि दूसरे के पास रूसी सैनिक पहचान पत्र था, जिसमें तुवा (मंगोलिया से सटा रूसी क्षेत्र)लिखा था. एसबीयू का दावा है कि कैदी न तो यूक्रेनी, न अंग्रेजी और न ही रूसी बोलते हैं, इसलिए उनके साथ संवाद कोरियाई ट्रांसलेटर के जरिए किया जा रहा है.” 

एसबीयू ने कहा है- कि “एक सैनिक ने यह दावा किया कि उसे बताया गया था कि वह रूस में प्रशिक्षण के लिए जा रहा है, न कि यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए.”

एसबीयू ने बताया कि दोनों सैनिकों को जिनेवा कन्वेंशन के अनुसार चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है, और ‘दक्षिण कोरियाई खुफिया सेवाओं के सहयोग से’ जांच की जा रही है.

यूक्रेन-अमेरिका का दावा, 10-12 हजार नॉर्थ कोरियाई सैनिक 

पिछले से यूक्रेन, पेंटागन और साउथ कोरिया ने दावा किया था कि रुस की ओर से 10 से 12 हजार उत्तर कोरियाई सैनिक युद्ध के मैदान में हैं. प्रशिक्षण के बहाने से नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को लाया गया है और वो रूसी सैनिकों की वर्दी में युद्ध लड़ रहे हैं. व्हाइट हाउस और पेंटागन ने पिछले महीने पुष्टि की थी कि उत्तर कोरियाई सेनाएं मुख्य रूप से पैदल सेना की भूमिका में अग्रिम मोर्चे पर लड़ रही थीं. यूक्रेन ने ये भी कहा है कि अब तक 100 से ज्यादा उत्तर कोरियाई मारे जा चुके हैं, जिनकी पहचान रूसी सैनिकों ने मिटा दी है. लेकिन रूस और उत्तर कोरिया ने यूक्रेन, अमेरिका और साउथ कोरिया के दावों पर कोई जवाब नहीं दिया है. 

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