अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निकाली है ईरान समर्थित हूतियों के खात्मे की तारीख. ट्रंप ने यमन में हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य ऑपरेशन को मंजूरी दी है, और खुद ट्रंप ने कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर हूतियों पर की गई एयरस्ट्राइक को देखा है.
पिछले डढ़े साल से बार-बार लाल सागर में मालवाहक जहाज और अमेरिकी नौसेना के नुकसान से ट्रंप इस कदर भड़के हुए हैं कि बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं, जिसमें अब तक 31 लोगों की मौत हो गई है. अमेरिकी एयरस्ट्राइक के खिलाफ हूतियों ने अब चैलेंज दिया है, और अपने बयान में कहा है कि “अमेरिकी हमले का जवाब हम हमले से ही देंगे.”
हूती आतंकियों के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन, ट्रंप ने देखी लाइव एयर स्ट्राइक
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को यमन की राजधानी सना पर सिलसिलेवार हवाई हमलों का आदेश दिया. जिसके बाद अमेरिका ने हूतियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ बम बरसाए हैं. अमेरिकी एयरस्ट्राइक में 31 से ज्यादा हूती विद्रोही मारे गए हैं, और उनके सैन्य ठिकाने नष्ट हुए हैं. अमेरिका के इस सैन्य एक्शन को खुद डोनाल्ड ट्रंप ने लाइव देखा. इस दौरान ट्रंप ने सफेद रंग की टीशर्ट और ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ की लाल रंग की कैप लगाई हुई थी.
ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी गतिविधियां नहीं रुकी तो वे उनकी जिंदगी को नरक से भी बदतर कर देंगे. ट्रंप ने कहा, जब तक ईरान समर्थित हूती विद्रोही महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे पर आने-जाने वाले मालवाहक जहाजों पर अपने हमले बंद नहीं कर देते, तब तक वो पूरी ताकत से हमला करेंगे.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे बहादुर सैनिक अमेरिकी जलमार्गों, वायु और नौसैन्य संपत्तियों की रक्षा करने तथा नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए आतंकवादियों के ठिकानों, उनके आकाओं और मिसाइल रक्षा तंत्र पर हवाई हमले कर रहे हैं. कोई भी आतंकवादी ताकत अमेरिकी वाणिज्यिक और नौसैनिक पोतों को दुनिया के जलमार्गों पर स्वतंत्र रूप से आने-जाने से नहीं रोक पाएगी.’’ (https://x.com/CENTCOM/status/1901043879496876459)
हूती आतंकियो, तुम्हारा समय अब खत्म: डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने कहा, “एक साल से अधिक समय से अमेरिका का कोई भी व्यावसायिक जहाज सुरक्षित तरीके से लाल सागर की सुएज नहर से होकर नहीं गुजरा है. अमेरिका का आखिरी युद्धपोत इस रूट से चार महीने पहले गुजरा था, जिस पर हूती विद्रोहियों ने दर्जनभर से ज्यादा हमले किए थे. ईरान समर्थित हूती विद्रोही अमेरिकी जहाजों पर मिसाइल से हमला करते हैं. इससे हमारी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा है और निर्दोष लोगों की जिंदगी को भी खतरा हुआ है.”
ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी जहाज पर हूती हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब तक हम उद्देश्य में सफल नहीं हो जाते, हम सैन्य हमला जारी रखेंगे.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ तौर से कहा कि “मैं हूती विद्रोहियों से कहना चाहता हूं कि तुम्हारा समय पूरा हो गया है और अब तुम्हारे हमले रोकने होंगे. अगर तुम्हारे हमले नहीं रुकेंगे तो तुम आग में जलोगे. नरक से भी बदतर होगे.” (https://x.com/WhiteHouse/status/1901035819613262021)
हमले का जवाब, हमले से देंगे, यमन सेना है तैयार: हूती
हूतियों ने इस हमले को “वार क्राइम” करार देते हुए करारा जवाब देने की चेतावनी दी है. हूती के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल-सलाम ने अमेरिका के दावों को झूठा बताते हुए कहा, कि अमेरिका दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. बाब अल-मंदब स्ट्रेट में इंटरनेशनल शिपिंग को हम प्रभावित नहीं कर रहे हैं.
हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि “यमन द्वारा घोषित समुद्री नाकाबंदी सिर्फ इजरायली नेवी शिप्स तक सीमित है और इसका मकसद गाजा के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाना है.” हूतियों ने अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा, “आक्रामकता का जवाब जरूर दिया जाएगा. हमारे यमनी सशस्त्र बल बढ़ते तनाव का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”
हमास पर इजरायली एक्शन के बाद से हूतियों के हमले बढ़े
7 अक्टूबर 2023 से इजरायल और अमेरिका के खिलाफ हमास के अलावा ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी नाक में दम कर दिया है. लेकिन अब हूतियों के खात्मे का काउंटडाउन शुरु हो गया है, क्योंकि पिछले साल के आखिरी कुछ महीनों में ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर गलियारे में 70 से अधिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है. साथ ही ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है. अमेरिका के कई एमक्यू 9 प्रीडेटर ड्रोन को भी हूतियों ने मार गिराया है.
लाल सागर में अमेरिका को हो रहा है बड़ा नुकसान
जनवरी के महीने में हूतियों ने लाल सागर में अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर हैरी एस ट्रूमैन को मार गिराने का दावा किया था. हूतियों ने जिस अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला करने का दावा किया था, उसकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हैरी एस ट्रूमैन पर एक साथ 60 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं. इस एयरक्राफ्ट पर एफ 18 सुपर हार्नेट भी तैनात रहता है. यह कई सैन्य उपकरणों से लैस है, जैसे मिसाइलें और तोप शामिल हैं.
पिछले डेढ़ साल से हमास के इजरायल पर किए हमले के बाद लाल सागर में हूतियों का हमला बढ़ गया है. ईरान समर्थिक हूतियों ने अमेरिका का बहुत नुकसान किया है. हूतियों ने लड़ाकू विमान एफ 18 सुपर हार्नेट के अलावा कई प्रीडेटर ड्रोन भी मार गिराया है. पिछले साल दिसंबर के महीने में अमेरिका ने गलती से अपने ही एफ 18 फाइटर जेट को मार गिराया था. जिसमें अमेरिका को तकरीबन 484 करोड़ रु का नुकसान हुआ था. बताया जाता है कि अमेरिका के जंगी जहाज यूएसएस गेटिसबर्ग ने एक एफ-18 जेट को एसएएम मिसाइल से हिट किया था. इसके बाद अमेरिका के एक दूसरे जेट को भी निशाना बनाया था. लेकिन वो जेट बाल-बाल बच गया था.