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अमेरिकी उपराष्ट्रपति के घर अटैक, सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को पकड़ा

वेनेजुएला में सैन्य एक्शन के बाद लाइमलाइट में आए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के घर पर ही हमला हो गया. अमेरिकी उपराष्ट्रपति ओहायो स्थित घर पर पत्थर फेंके गए और फायरिंग की भी बात कही जा रही है. 

हालांकि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने फौरन एक्शन लेते हुए एक शख्स को पकड़ लिया है, लेकिन उपराष्ट्रपति पर ये फायरिंग और हमले के पीछे क्या वजह है, ये सबसे बड़ा सवाल है. 

क्या वेनेजुएला पर हुई अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कारण वेंस को निशाना बनाने की कोशिश की गई या फिर हाल ही में अपनी हिंदू पत्नी के धर्म के कारण वेंस पर अटैक किया गया है. 

उपराष्ट्रपति वेंस के घर पर अटैक करने वाला पकड़ा गया, वेंस ने खुद बताई घटना

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ओहायो स्थित घर पर हमले के बाद हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद सीक्रेट सर्विस और लोकल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. सोमवार तड़के सीक्रेट सर्विस के एजेंट ईस्ट वॉलनट हिल्स स्थित घर पहुंचे और एक शख्स को हिरासत में लिया गया. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर हमलावर ने वेंस के घर को क्यों टारगेट किया.

इस हमले को लेकर सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता ने कहा है कि हम जानकारी जुटा रहे हैं. क्या यह अटैक वेनेजुएला से जुड़ा है या कोई आपराधिक हमला है.

उपराष्ट्रपति वेंस ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हमारे घर पर हुए हमले के बाद आप सभी कामनाओं के लिए मैं आभारी हूं. जहां तक मुझे पता है..किसी सनकी व्यक्ति ने खिड़कियां तोड़कर घर में घुसने की कोशिश की. सीक्रेट सर्विस और सिसनिनाटी पुलिस ने की तत्काल कार्रवाई के लिए मैं उनका आभारी हूं. हम घर पर नहीं थे, क्योंकि हम पहले ही वॉशिंगटन डीसी लौट चुके थे.”

मादुरो के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का वेंस ने किया था बचाव

मादुरो के खिलाफ एक्शन के बाद जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठे, तब वेंस ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक्शन को सही बताया था. वेंस ने लिखा, “मादुरो, वेनेजुएला कोकीन सप्लाई करता था. मना करने के बावजूद उसके तस्कर यहां पर काम कर रहे थे. कम्युनिस्ट शासन ने अमेरिका का हक हड़प लिया था, जिसे अब वापस पाया गया है. ट्रंप के नेतृत्व में हम महाशक्तिशाली बनेंगे.”

हिंदू पत्नी को क्रिश्चियन बनाने के बयान पर घिरे थे वेंस, लोगों ने की भारत भेजने की मांग

पिछले साल जेडी वेंस का एक बयान विवादों में घिर गया था. एक कार्यक्रम में जे डी वेंस ने सार्वजनिक मंच पर यह इच्छा जताई थी कि उनकी पत्नी ऊषा वेंस जिनका पालन-पोषण हिन्दू संस्कारों में हुआ है, वो एक दिन कैथोलिक चर्च से प्रभावित होकर ईसाई धर्म अपना लें.

वेंस ने कहा था, मैं वास्तव में यह कामना करता हूं कि वह (ऊषा) भी उसी चीज से प्रभावित हों, जिससे मैं चर्च में प्रभावित हुआ था. मैं ईमानदारी से इसकी इच्छा रखता हूं क्योंकि मैं ईसाई धर्म के सिद्धांत में विश्वास करता हूं और मुझे उम्मीद है कि मेरी पत्नी भी इसे उसी तरह देखेंगी.”

वेंस के बयान की हर ओर आलोचना हुई, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी थी. अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने सफाई देते हुए कहा, कि “उनकी पत्नी हिंदू हैं और और धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है. वेंस ने आलोचकों पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “धर्म व्यक्तिगत मामला है और इससे उनके रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ा.”

इसके अलावा ट्रंप के प्रवासी नीति को लेकर भी लोगों ने वेंस को कटघरे में खड़ा किया था. जेडी वेंस माइग्रेशन को अमेरिकी ड्रीम की चोरी कहा था, जिसके बाद लोगों ने वेंस पर डबल स्टैंडर्ड होने के आरोप लगाया. वेंस की पत्नी उषा को भारत वापस भेजने की मांग होने लगी.

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